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Unnao News: दुष्कर्म के दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा
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उन्नाव। विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट, कोर्ट नंबर-11 ने चार साल पुराने दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। एक पर डेढ़ लाख तथा दूसरे पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया।
आसीवन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पाठकपुर के श्यामू और मोहित पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस को दी गई तहरीर में महिला ने बताया था कि एक अप्रैल 2020 में उसकी बेटी मामा के घर गई थी। वहां उसकी मुलाकात पाठकपुर निवासी श्यामू से हुई। श्यामू ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान मोहित ने उसका वीडियो बना लिया। जिसे दिखाकर उसने बेटी को ब्लैकमेल किया और दुष्कर्म किया।
पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट 29 मई 2020 को दर्ज की। पुलिस ने दोनों आरोपितों को 31 मई 2020 को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसएचओ हरप्रसाद अहरवार ने की और आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में 22 जुलाई 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया। शनिवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोपी श्यामू व मोहित धोबी को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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न्यायाधीश ने दोषी श्यामू को 10 साल कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, दोषी मोहित धोबी को 10 वर्ष कारावास और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायालय ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता व उसकी विधिक संरक्षक को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया। इसमें पूर्व में शासन द्वारा प्रदत्त मुआवजे की राशि समायोजित करने और शेष राशि नियमानुसार दिलाने का आदेश पारित किया।
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आसीवन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पाठकपुर के श्यामू और मोहित पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस को दी गई तहरीर में महिला ने बताया था कि एक अप्रैल 2020 में उसकी बेटी मामा के घर गई थी। वहां उसकी मुलाकात पाठकपुर निवासी श्यामू से हुई। श्यामू ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान मोहित ने उसका वीडियो बना लिया। जिसे दिखाकर उसने बेटी को ब्लैकमेल किया और दुष्कर्म किया।
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पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट 29 मई 2020 को दर्ज की। पुलिस ने दोनों आरोपितों को 31 मई 2020 को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसएचओ हरप्रसाद अहरवार ने की और आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में 22 जुलाई 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया। शनिवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोपी श्यामू व मोहित धोबी को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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न्यायाधीश ने दोषी श्यामू को 10 साल कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, दोषी मोहित धोबी को 10 वर्ष कारावास और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायालय ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता व उसकी विधिक संरक्षक को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया। इसमें पूर्व में शासन द्वारा प्रदत्त मुआवजे की राशि समायोजित करने और शेष राशि नियमानुसार दिलाने का आदेश पारित किया।