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Unnao News: छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले सिपाही को तीन साल का कठोर कारावास
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क्रासर-- -- -- -- -- -- न्यायालय ने 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। नाना के घर के बाहर सो रही नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले सिपाही को न्यायालय ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सिपाही ने विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) को सजा के खिलाफ अपील करने का प्रार्थनापत्र दिया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
नौ सितंबर 2014 को कक्षा पांच में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की किशोरी के नाना ने एसपी को शिकायतीपत्र दिया था। बताया था कि दामाद की मौत के बाद से बच्ची ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही है। नौ सितंबर 2014 को तड़के करीब तीन बजे बच्ची जब घर के बाहर सो रही थी, तभी राजाबाग पुलिस चौकी में तैनात सिपाही प्रमोद कुमार दुबे ने उसे दबोच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। नींद खुलने पर, सिपाही ने उसे चुप रहने की हिदायत देते हुए जबरदस्ती ले जाने की कोशिश की।
शोर मचाने पर सिपाही भाग गया। घटना के समय एसपी ने मामले की जांच कराई थी। इसके बाद आरोपी सिपाही के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी हसनगंज रमेशचंद्र दुबे ने की थी और 17 मार्च 2016 को सिपाही के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सोमवार को पाॅक्सो एक्ट कोर्ट नंबर-12 के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने सिपाही प्रमोद कुमार दुबे पर छेड़छाड़ का दोष साबित होने पर तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, कोर्ट में छात्रा की आयु व एससी-एसटी एक्ट सिद्ध नहीं हो सका। इसलिए इन दोनों धाराओं में आरोपी को बरी कर दिया। शैक्षिक अभिलेखों में छात्रा की दो अलग-अलग जन्मतिथि लिखी थीं। इस वजह से कोर्ट ने इसे संदेहास्पद माना।
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आर्म्स एक्ट के तीन दोषियों को सजा
उन्नाव। बारासगवर थाना पुलिस ने क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी अमर बहादुर को एक तमंचा और दो कारतूस के साथ पकड़ा था। 24 अप्रैल 2013 को पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। वहीं, असोहा पुलिस ने तीन दिसंबर 2006 को क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी सुरेंद्र को अधबने असलहों और बनाने के उपकरणों के साथ पकड़ा था। उसके खिलाफ 18 दिसंबर 2006 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। सोहरामऊ पुलिस ने क्षेत्र के चुन्नीखेड़ा निवासी रामबाबू पर आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की थी। सोमवार को मुकदमों की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश ने सभी को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई। वहीं, अमर बहादुर पर एक हजार रुपये, सुरेंद्र पर दो हजार रुपये और और रामबाबू पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया। (संवाद)
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मादक पदार्थ रखने में सजा
उन्नाव। गंगाघाट पुलिस ने 22 नवंबर 2019 को राजीव नगर खंती निवासी गुड्डू तिवारी के कब्जे से एक किलो सौ ग्राम गांजा बरामद किया था। पुलिस ने 16 अगस्त 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने आरोपी गुड्डू को दो माह 22 दिन के कारावास की सजा सुनाई। (संवाद)
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। नाना के घर के बाहर सो रही नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले सिपाही को न्यायालय ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी सिपाही ने विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) को सजा के खिलाफ अपील करने का प्रार्थनापत्र दिया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
नौ सितंबर 2014 को कक्षा पांच में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की किशोरी के नाना ने एसपी को शिकायतीपत्र दिया था। बताया था कि दामाद की मौत के बाद से बच्ची ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही है। नौ सितंबर 2014 को तड़के करीब तीन बजे बच्ची जब घर के बाहर सो रही थी, तभी राजाबाग पुलिस चौकी में तैनात सिपाही प्रमोद कुमार दुबे ने उसे दबोच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। नींद खुलने पर, सिपाही ने उसे चुप रहने की हिदायत देते हुए जबरदस्ती ले जाने की कोशिश की।
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शोर मचाने पर सिपाही भाग गया। घटना के समय एसपी ने मामले की जांच कराई थी। इसके बाद आरोपी सिपाही के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी हसनगंज रमेशचंद्र दुबे ने की थी और 17 मार्च 2016 को सिपाही के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सोमवार को पाॅक्सो एक्ट कोर्ट नंबर-12 के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने सिपाही प्रमोद कुमार दुबे पर छेड़छाड़ का दोष साबित होने पर तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, कोर्ट में छात्रा की आयु व एससी-एसटी एक्ट सिद्ध नहीं हो सका। इसलिए इन दोनों धाराओं में आरोपी को बरी कर दिया। शैक्षिक अभिलेखों में छात्रा की दो अलग-अलग जन्मतिथि लिखी थीं। इस वजह से कोर्ट ने इसे संदेहास्पद माना।
आर्म्स एक्ट के तीन दोषियों को सजा
उन्नाव। बारासगवर थाना पुलिस ने क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी अमर बहादुर को एक तमंचा और दो कारतूस के साथ पकड़ा था। 24 अप्रैल 2013 को पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। वहीं, असोहा पुलिस ने तीन दिसंबर 2006 को क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी सुरेंद्र को अधबने असलहों और बनाने के उपकरणों के साथ पकड़ा था। उसके खिलाफ 18 दिसंबर 2006 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। सोहरामऊ पुलिस ने क्षेत्र के चुन्नीखेड़ा निवासी रामबाबू पर आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की थी। सोमवार को मुकदमों की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश ने सभी को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई। वहीं, अमर बहादुर पर एक हजार रुपये, सुरेंद्र पर दो हजार रुपये और और रामबाबू पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया। (संवाद)
मादक पदार्थ रखने में सजा
उन्नाव। गंगाघाट पुलिस ने 22 नवंबर 2019 को राजीव नगर खंती निवासी गुड्डू तिवारी के कब्जे से एक किलो सौ ग्राम गांजा बरामद किया था। पुलिस ने 16 अगस्त 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने आरोपी गुड्डू को दो माह 22 दिन के कारावास की सजा सुनाई। (संवाद)