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तीन दिनों की बंदी से आम बागान मालिकों की बढ़ीं मुश्किलें
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फरहदपुर मंडी में आम की खरीदारी करते व्यापारी।
- फोटो : UNNAO
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हसनगंज(उन्नाव)। लॉकडाउन में लाखों का नुकसान झेल चुके आम बागान मालिकों को अब तीन दिन की बंदी से तगड़ा झटका लगेगा। इससे बागान मालिकों के चेहरे उतर गए हैं। एक तरफ आम की कीमत गिरने और दूसरी ओर तीन दिन की बंदी की सोचकर आम उत्पादक किसान काफी परेशान हो गए हैं।
जिले की सबसे बड़ी फ रहदपुर मंडी में बाहरी राज्यों से व्यापारी आकर आम की सीधे खरीदारी किसानों से करते हैं। जिससे किसानों को आम का अच्छा रेट मिल जाता है। जून में किसानों ने बाग से कच्ची अमिया तोड़ कर 18 से 22 रुपये तक किलो बेची लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में ही आम का रेट इतना गिर गया कि 20 किलो तक की कैरेट मात्र 200 रुपये में बिकने लगी। बाग मालिकों में नरेश, भगवती प्रसाद, पंकज अवस्थी, जयवेंद्र, कैलास व भगत आदि ने बताया कि लाखों रुपये की बाग खरीदी थी लेकिन रेट इतना गिर गया कि लागत नहीं निकल पाई है। कुछ कच्ची अमिया तोड़ कर बेच दी जिससे नुकसान कुछ कम हुआ है। साल भर की रोजी-रोटी इसी बाग की कमाई पर चलाते थे। लेकिन इस बार पहले लॉकडाउन, फिर कीमत गिरने और अब तीन दिन की बाजार बंदी से स्थितियां खराब होने लगी हैं।
जिलाधिकारी के बंदी आदेश जारी होने के बाद बाग मालिकों ने आम तुड़वा लिया जिससे गुरुवार को सैकड़ों की तादाद में ट्रॉली व लोडर से भारी मात्रा में आम मंडी पहुंच गया। आम ज्यादा आ जाने से 20 किलो की कैरेट का 170 से 200 रुपये तक हो गया। किसान बंदी की सूचना पर औने-पौने दामों में आम बेचने को मजबूर हो गया। पहले 20 किलो की कैरेट लगभग 400 रुपये में बिकी थी।
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आम बागान मालिक बोले
अहमदपुर टकटौली निवासी बाग मालिक नरेश कुमार ने बताया कि तीन दिनों की बंदी होने से आम सड़ जाएगा। जिससे उन लोगों को काफी नुकसान होगा। हसनगंज के पंकज अवस्थी का कहना है कि पहले बेमौसम आंधी-तूफ ान से काफ ी नुकसान हुआ। उसमें जो बचा। अब पकने के बाद तीन दिन के नए लॉकडाउन से रेट धड़ाम हो गया। रसूलपुर निवासी अभिलाष तिवारी ने बताया कि आम इतना सस्ता हो गया है कि मंडी में व्यापारी लेने से कतरा रहा है। यदि ले भी रहा है तो 20 किलो की कैरेट 170 से 200 रुपये में बिक रही है। जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही है। जयवेंद्र ने बताया कि आधे से अधिक बाग की कच्ची अमिया तोड़कर बेच दी थी जिसका रेट अच्छा मिल गया था। जो बच गया है वह काफी कम रेट में बिक रहा है।
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जिले की सबसे बड़ी फ रहदपुर मंडी में बाहरी राज्यों से व्यापारी आकर आम की सीधे खरीदारी किसानों से करते हैं। जिससे किसानों को आम का अच्छा रेट मिल जाता है। जून में किसानों ने बाग से कच्ची अमिया तोड़ कर 18 से 22 रुपये तक किलो बेची लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में ही आम का रेट इतना गिर गया कि 20 किलो तक की कैरेट मात्र 200 रुपये में बिकने लगी। बाग मालिकों में नरेश, भगवती प्रसाद, पंकज अवस्थी, जयवेंद्र, कैलास व भगत आदि ने बताया कि लाखों रुपये की बाग खरीदी थी लेकिन रेट इतना गिर गया कि लागत नहीं निकल पाई है। कुछ कच्ची अमिया तोड़ कर बेच दी जिससे नुकसान कुछ कम हुआ है। साल भर की रोजी-रोटी इसी बाग की कमाई पर चलाते थे। लेकिन इस बार पहले लॉकडाउन, फिर कीमत गिरने और अब तीन दिन की बाजार बंदी से स्थितियां खराब होने लगी हैं।
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जिलाधिकारी के बंदी आदेश जारी होने के बाद बाग मालिकों ने आम तुड़वा लिया जिससे गुरुवार को सैकड़ों की तादाद में ट्रॉली व लोडर से भारी मात्रा में आम मंडी पहुंच गया। आम ज्यादा आ जाने से 20 किलो की कैरेट का 170 से 200 रुपये तक हो गया। किसान बंदी की सूचना पर औने-पौने दामों में आम बेचने को मजबूर हो गया। पहले 20 किलो की कैरेट लगभग 400 रुपये में बिकी थी।
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आम बागान मालिक बोले
अहमदपुर टकटौली निवासी बाग मालिक नरेश कुमार ने बताया कि तीन दिनों की बंदी होने से आम सड़ जाएगा। जिससे उन लोगों को काफी नुकसान होगा। हसनगंज के पंकज अवस्थी का कहना है कि पहले बेमौसम आंधी-तूफ ान से काफ ी नुकसान हुआ। उसमें जो बचा। अब पकने के बाद तीन दिन के नए लॉकडाउन से रेट धड़ाम हो गया। रसूलपुर निवासी अभिलाष तिवारी ने बताया कि आम इतना सस्ता हो गया है कि मंडी में व्यापारी लेने से कतरा रहा है। यदि ले भी रहा है तो 20 किलो की कैरेट 170 से 200 रुपये में बिक रही है। जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही है। जयवेंद्र ने बताया कि आधे से अधिक बाग की कच्ची अमिया तोड़कर बेच दी थी जिसका रेट अच्छा मिल गया था। जो बच गया है वह काफी कम रेट में बिक रहा है।