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Unnao News: प्रयोगात्मक परीक्षा के पैटर्न में इस बार हुआ बदलाव

Sat, 11 Jan 2025 04:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2025 04:24 PM IST
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This time there was a change in the pattern of practical exam
उन्नाव। यूपी बोर्ड में इस बार इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो के प्रैक्टिकल तीन की जगह डेढ़ घंटे के होंगे। बायो में डीएनए, अनुवांशिकी और बायोटेक्नोलॉजी पर आधारित प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी। इस बार फिजिक्स का सिलेबस दो खंड में बांटा गया है।
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डीआईओएस ओपी सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड में पहली बार एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया है। नए सिलेबस में छात्रों के लिए प्रयोगात्मक परीक्षा आसान होगी। अब तक केमिस्ट्री (अनुमापन) के प्रैक्टिकल में तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब आधा समय ही लगेगा। यही नहीं अब तक सभी छात्रों को एक जैसा प्रैक्टिकल करने के लिए दिया जाता था, अब ऐसा नहीं होगा। केमिस्ट्री में मिले विकल्पों में एक को चुनने का मौका होगा। जीव विज्ञान में 10-10 छात्रों का समूह बनाकर अलग-अलग प्रैक्टिकल होंगे।
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इनमें हुआ बदलाव
केमिस्ट्री: अब तक अनुमापन, मिश्रण विश्लेषण और प्रोजेक्ट कार्य एवं मौखिक परीक्षा होती थी। अब अनुपामन को आसान कर दिया गया है, वहीं मिश्रण में मूलकों की संख्या चार से दो कर दी गई है। अब अज्ञात विलयन की सांग्रता आसानी से निकल सकेगी। साथ ही प्रोजेक्ट में दैनिक जीवन से संबंधित पूरे पाठ्यक्रम में कोई एक प्रयोग करना होगा।
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फिजिक्स: इसके सिलेबस में 15 प्रैक्टिकल होते थे, जिन्हें अब 21 कर दिया गया है। सभी प्रयोगों को दो खंड-क और ख में बांटा गया है। क में प्रकाशिकी और ख में इलेक्ट्रिसिटी से संबंधित प्रैक्टिकल करने होंगे। दोनों खंडों से एक-एक प्रैक्टिकल करना अनिवार्य होगा।

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बायोलॉजी: सिलेबस को बायोटेक्नोलॉजी आधारित बनाया गया है। इसमें पर्यावरण और स्वच्छता पर फोकस किया गया है। जड़, तना और पुष्पीय पौधों के कुलों को शामिल न करके पराग, अंकुरण और डीएनए जैसे महत्वपूर्ण फोरेंसिंक शाखा से संबंधित प्रयोगों को बढ़ावा दिया गया है। अनुकूलन, रिपोडेक्शन एवं अनुवांशिकी आधारित प्रयोगों को भी जगह दी गई है।
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