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Unnao News: गंगा कटान रोकने के लिए लगाए गए पत्थर पहली ही बारिश में ढहे
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उन्नाव/फतेहपुर चौरासी। कटरी क्षेत्र में कटान रोकने के लिए गंगा किनारे लगाए गए पत्थर पहली ही बारिश में ढह गए। ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और जांच कराने की मांग की है।
जिले में सदर, बीघापुर, सफीपुर व बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में 84 किलोमीटर लंबाई में फैला गंगा कटरी का क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है। सिंचाई खंड की ओर से कटरी क्षेत्र में कटान रोकने के उपायों (बोरियां भरकर लगाने, चेकडैम बनाने व पत्थर डालने आदि) के लिए 9.52 करोड़ का प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा गया था। इसमें शुरुआत में पांच गांवों नयापुरवा, धन्नापुरवा, हिंदूपुर, दबौली व खैरी के लिए पहली किश्त के रूप में 2.9 करोड़ मिले थे। इसमें सिंचाई विभाग ने दबौली बाजार से गांव खैरी तक 450 मीटर, हिंदूपुर पुलिया से गांव के किनारे तक 400 मीटर व कटरी गदनपुर अहार में 500 मीटर पत्थर (बोल्डर) लगाने का काम कराया था।
हिंदूपुर के पास से निकली गंगा की उपधारा बाढ़ के दौरान विकराल रूप लेकर दबौली, खैरी व भदेहरा आदि गांवों में कटान करती है। दबौली बाजार स्थित मां काली देवी का मंदिर भी खतरे में है। पत्थर लगने से ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इस व्यवस्था से उन्हें कटान से राहत मिलेगी लेकिन उनकी आशा उस समय धूमिल हो गई जब पहली ही बारिश में मंदिर के पास पत्थर ढह गए। साथ ही मिट्टी भी धंस गई। इससे कटान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पत्थरों के ढह जाने से कहीं न कहीं बजट में घालमेल की आशंका है। यदि काम मानक के अनुसार मजबूती से होता तो पहली ही बारिश में पत्थर न ढहते।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक यादव ने पत्थर ढहने की बात से ही इन्कार किया। फोटो होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि गंगा कटान रोकने के लिए कटरी क्षेत्र में लगाए गए पत्थर नहीं ढहे हैं। जो भी यह कह रहा है वह गलत बोल रहा है। पत्थर पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
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जिले में सदर, बीघापुर, सफीपुर व बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में 84 किलोमीटर लंबाई में फैला गंगा कटरी का क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है। सिंचाई खंड की ओर से कटरी क्षेत्र में कटान रोकने के उपायों (बोरियां भरकर लगाने, चेकडैम बनाने व पत्थर डालने आदि) के लिए 9.52 करोड़ का प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा गया था। इसमें शुरुआत में पांच गांवों नयापुरवा, धन्नापुरवा, हिंदूपुर, दबौली व खैरी के लिए पहली किश्त के रूप में 2.9 करोड़ मिले थे। इसमें सिंचाई विभाग ने दबौली बाजार से गांव खैरी तक 450 मीटर, हिंदूपुर पुलिया से गांव के किनारे तक 400 मीटर व कटरी गदनपुर अहार में 500 मीटर पत्थर (बोल्डर) लगाने का काम कराया था।
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हिंदूपुर के पास से निकली गंगा की उपधारा बाढ़ के दौरान विकराल रूप लेकर दबौली, खैरी व भदेहरा आदि गांवों में कटान करती है। दबौली बाजार स्थित मां काली देवी का मंदिर भी खतरे में है। पत्थर लगने से ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इस व्यवस्था से उन्हें कटान से राहत मिलेगी लेकिन उनकी आशा उस समय धूमिल हो गई जब पहली ही बारिश में मंदिर के पास पत्थर ढह गए। साथ ही मिट्टी भी धंस गई। इससे कटान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पत्थरों के ढह जाने से कहीं न कहीं बजट में घालमेल की आशंका है। यदि काम मानक के अनुसार मजबूती से होता तो पहली ही बारिश में पत्थर न ढहते।
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सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक यादव ने पत्थर ढहने की बात से ही इन्कार किया। फोटो होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि गंगा कटान रोकने के लिए कटरी क्षेत्र में लगाए गए पत्थर नहीं ढहे हैं। जो भी यह कह रहा है वह गलत बोल रहा है। पत्थर पूरी तरह से सुरक्षित हैं।