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प्रसाद खाने से बीमार लोगों को दी छुट्टी, 26 फिर लौटे अस्पताल

Thu, 26 Mar 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Thu, 26 Mar 2015 11:29 PM IST
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The sick people leave offerings of food, 26, then returned to the hospital
अचलगंज। सीएचसी में भर्ती फूड प्वाइजनिंग से बीमार 57 मरीजों को रात में इलाज के बाद सुबह होते ही छुट्टी दे दी गई। तमाम मरीजों ने डॉक्टरों से अभी पूरी तरह आराम न मिलने की बात भी बताई। मगर डॉक्टरों ने दवा की टिकिया देकर घर पर आराम करने की बात कहते हुए एंबुलेंस से घर भेज दिया।
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अस्पताल से छुट्टी मिलने के चार घंटे बाद ही तमाम लोगों की हालत फिर बिगड़ गई। ग्रामीणों ने फोन किया तो 26 लोगों को दोबारा अस्पताल लाया गया। सभी का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि 30 बेड वाले अस्पताल में बेड, बेंच और फर्श तक में जगह न होने के चलते जल्दबाजी में छुट्टी दे दी गई।
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हालांकि सीएचसी प्रभारी का कहना है कि मरीजों को आराम मिल गया था इसके बाद ही उन्हें उनके घर भेजवाया गया था। कुछ लोगों में संक्रमण अधिक था इसी वजह से फिर हालत बिगड़ गई।
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अचलगंज थानाक्षेत्र के गांव मनोहरपुर के मजरा जोजापुर में विशुन पाल यादव के यहां भागवत कथा का प्रसाद खाने के बाद बुधवार देर शाम लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए थे। घरेलू नुस्खों और झोलाछाप के इलाज से भी राहत नहीं मिली। बीमारों की हालत बिगड़ने पर अचलगंज स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था।

रात में जैसे-तैसे इलाज के बाद गुरुवार सुबह सभी बीमारों को स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई। हालांकि बीमार लोगों में जगदेयी, शिवरानी, रमेश, प्रदीप समेत कई मरीजों ने डॉक्टर को पेट में दर्द और पूरी तरह आराम न मिलने की बात भी बताई मगर डॉक्टरों ने उनमें से सिर्फ एक राजकुमार (50) को जिला अस्पताल रेफर किया अन्य सभी को दवा देकर घर भेज दिया। दोपहर होते-होते बीमारों की हालत फिर बिगड़ गई।

सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से 26 बीमारों को दोबारा अचलगंज स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. केके आदिम इसे डॉक्टरों की लापरवाही नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि जिस समय अस्पताल से छुट्टी दी गई थी सभी मरीज ठीक थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों में फूड प्वाइजनिंग का असर ज्यादा था शायद इसी वजह से उनकी फिर हालत गई।

ये ग्रामीण फिर हुए बीमार
जिन लोगों को लोगों को दोबारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया उनमें अनिरुद्ध कुमार, रोशनी, शिवानी, सोनी, रमेश, प्रदीप, दामिनी, संगीता, लीना, बीना, रेखा, अमरजीत, राहुल, मिथिलेश, अर्चना, करिश्मा,  हरिप्रसाद, रानी, शिवानी यादव, जगदेयी, रोशनी, शिल्पी, आरती, फूलमती, अंजली और शाक्षी को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।


जांच के बाद होगी कार्रवाई

सीएमओ डॉ. गीता यादव ने बताया कि मरीजों के ठीक होने पर ही घर भेजा जाता है। अगर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती रखने में किसी तरह की परेशानी होती है तो जिला अस्पताल रेफर किया जाना चाहिए था। बगैर पूरी तरह ठीक हुए घर भेजा गया है तो इसमें डॉक्टरों और स्टाफ की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने बताया कि  मामले की जांच कराई जाएगी और जो लोग भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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