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Unnao News: दुष्कर्म करने वाले ने जेल से छूटने के बाद भाभी को जिंदा जला दिया

Tue, 17 Dec 2024 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:54 PM IST
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The rapist burnt his sister-in-law alive after being released from jail
सफीपुर (उन्नाव)। भाभी से दुष्कर्म के आरोप में पांच महीने बाद जमानत पर जेल से बाहर आए देवर ने सोमवार रात फिर दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया। बेहोशी की हालत में भाभी (दुष्कर्म पीड़िता) को खींचकर पुआल के ढेर में फेंककर जिंदा जला दिया। मृतका के नौ साल के बेटे के शोर मचाने पर हत्यारोपी भाग निकला। पुलिस ने गांव से 10 किलोमीटर दूर घेराबंदी की तो आरोपी ने तमंचे से फायर किया। मुठभेड़ में बाएं पैर में छर्रे लगे हैं।
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आसीवन थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी 30 साल की महिला सोमवार रात दो बच्चों के साथ घर में अकेली थी। पति लखनऊ के एक होटल में खाना बनाने का काम करता है। रात करीब 10 बजे पास के मकान में रहने वाला देवर भाभी के घर पहुंचा और फिर दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर देवर ने पास रखी कुल्हाड़ी से भाभी की गर्दन पर वार करके घायल कर दिया। इसके बाद बेहोशी की हालत में घर से 50 मीटर दूर खींचकर ले गया और पुआल के ढेर में फेंकने के बाद आग लगा दी। मां को जिंदा जलते देख नौ साल के बेटे ने पड़ोस में रहने वाले परिवार के अन्य सदस्यों को बताया। इसी दौरान आरोपी भाग निकला। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई लेकिन तब तक 60 फीसदी जलने से महिला की मौत हो चुकी थी।
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बेटे की सूचना पर मृतका का पति लखनऊ से रात करीब डेढ़ बजे गांव पहुंचा। पति से एसओ अजय कुमार सिंह ने जानकारी ली। पता चला कि उसके अविवाहित छोटे भाई (मृतका के देवर) ने अगस्त में दुष्कर्म किया था। एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जेल भेजा था। उसकी 30 नवंबर को जमानत मंजूर हुई और दो दिसंबर को जेल से छूटकर घर आया था। इसके बाद से वह अक्सर जान से मारने की धमकी दे रहा था। हालांकि पति ने परिवार के ही दो और लोगों पर भाई को हत्या के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया।
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मृतका के पति और बेटे के बयान के बाद पुलिस हत्यारोपी देवर की तलाश में जुट गई। पता चला कि वह भागने की फिराक में गांव से 10 किलोमीटर दूर लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर कोड़वाखेड़ा मोड़ के पास है। पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने तमंचे से फायर कर भागने का प्रयास किया। मुठभेड़ में उसके बाएं पैर में छर्रे लगे हैं। मियागंज सीएचसी में इलाज के बाद आरोपी को जेल भेजा गया है। आसीवन एसओ ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना में प्रयोग कुल्हाडी और मृतका का आधा जला मोबाइल भी बरामद हुआ है।
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चाचा से मां की जान की भीख मांगते रहे बच्चे

सफीपुर। घटना के चश्मदीद मृतक के नौ साल के बेटे ने बताया कि दोनों भाइयों को मां ने खाना दिया था। खाना खाने के बाद हम सभी लेट गए, लेकिन पूरी तरह से नींद नहीं आई थी। कुछ देर बाद चाचा आए और मां से गालीगलौज करने लगे। जब उन्होंने मां पर कुल्हाड़ी से वार करना शुरू किया तो दोनों भाई मां की जान की भीख मांगने लगे, कई बार उन्हें छोड़ने के लिए कहा। हम लोगों को जान से मारने की धमकी दी और मां को घसीट कर घर के बाहर ले गए। सड़क किनारे खेत में रखे पुआल के पास ले जाकर मां को जला दिया।
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पांच महीने पहले भाभी से दुष्कर्म के आरोप में गया था जेल
क्रासर

30 नवंबर को जमानत पर छूटा, चला गया था लखनऊ, दो दिन पहले आया
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीपुर। मृतका के पति ने बताया कि उसकी 14 साल पहले शादी हुई थी। उस समय हत्यारोपी भाई 10 साल का था। पांच भाइयों में सबसे छोटा होने से सभी उसे प्यार करते थे।
पति के मुताबिक, उस समय वह राजस्थान में खाना बनाने का काम करता था। पत्नी के साथ हत्यारोपी देवर ही शुरुआत से रहा। वह पत्नी के साथ आता-जाता था। नौ अगस्त 2024 को पत्नी ने छोटे भाई के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस आरोप के बाद वह राजस्थान से घर आया और फिर लखनऊ में काम करने लगा। पुलिस ने आरोपी भाई को जेल भेज दिया। 30 नवंबर को वह जमानत पर बाहर आया था। उसके बाद वह भी काम की बात कहकर लखनऊ चला गया था। 15 दिसंबर को छोटा भाई घर लौटा था। यह नहीं पता था कि पत्नी की हत्या कर देगा।
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आरोपी माता-पिता के साथ अन्य भाइयों के बने अलग मकान
सफीपुर। मृतका के पति ने बताया कि वह पांच भाई हैं। इसमें चार का विवाह हो चुका है। हत्यारोपी ही अविवाहित था। माता-पिता भी हैं। सभी के अलग-अलग घर बने हैं। दुष्कर्म की घटना के बाद हत्यारोपी सबसे छोटा भाई माता-पिता के साथ रहता था। पति के मुताबिक, पिता के पास पांच बीघा खेती होने के बाद भी उन्होंने हम लोगों को कुछ नहीं दिया था। इससे भी पत्नी का कभी कभार उनसे झगड़ा होता था। जबकि छोटा भाई उसके हिस्से की भी जमीन हड़पना चाहता था। जेल जाने से पहले और छूटने के बाद छोटे भाई ने लोडर भी चलाया। (संवाद)
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