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थम नहीं रहा ओवरलोड, फाल्ट से आपूर्ति को झोल
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उन्नाव। भीषण गर्मी में शहर से गांव तक बिजली व्यवस्था बदहाल है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर से लेकर एबीसी लाइन और कंडक्टर गर्म हो रहे हैं। इस कारण फाल्ट से बिजली गुल हो जाती है। इससे शेड्यूल धड़ाम हो गए हैं। शहर में 24 घंटे बिजली देने का शेड्यूल है, लेकिन 18 से 20 ही बिजली आ रही है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है। 18 में नौ से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है।
गर्मी की शुरुआत यानी मार्च से शुरू हुआ बिजली का संकट खत्म नहीं हो रहा है। जून में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां लोगों को हिला दिया है, वहीं बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। खपत 25 फीसद अधिक होने से उपकेंद्र से लेकर लाइन तक गर्म हो रहीं हैं।
उपकेंद्रों में लगे ट्रांसफार्मरों का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। इसे नीचे लाने के लिए रोस्टिंग की जा रही है। ग्रिड पर असर न पड़े, इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। मई में जिले में एक लाख 37 हजार 822 मेगावाट बिजली की खपत हुई, जो अप्रैल से 20 हजार मेगावाट अधिक है।
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शहर में एसी से दे रहे बिजली को झटका
शहर में एसी के कारण बिजली को अधिक झटका लग रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसी लोड अधिक ले रहे हैं। शहर में 10 हजार से अधिक एसी उपभोक्ता हैं। अधिकतर लोग सिंगल फेज से एसी चला रहे हैं। इससे लो वोल्टेज के साथ लाइन पर लोड अधिक पड़ रहा है।
तीन माह में 10 फीसदी बढ़ा लाइनलॉस
शहर में मार्च से जून तक 10 फीसदी लाइन लॉस बढ़ गया। बिजली की खपत अधिक होने के साथ ही बिजली चोरी भी ज्यादा हो रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। इसके बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक रही है।
हर फीडर 20 फीसदी लोड अधिक
शहर में उपकेंद्र के फीडरों का लोड औसत से 20 फीसद अधिक है। एक फीडर पर 80 से 110 एंपियर के बीच लोड होना चाहिए, जबकि फीडरों पर लोड 180 एंपियर तक हैं। इससे लाइन में ट्रिपिंग के साथ जंपर और कंडक्टर गर्म होने के साथ फुंक रहे हैं।
वर्जन...
गर्मी में बिजली की खपत बीस फीसद से अधिक है। ग्रिड पर लोड अधिक न हो इस कारण सावधानी बरतनी पड़ रही है। पिछले माह की तुलना में 27 मिलियन यूनिट बिजली अधिक खर्च की गई। जून में भी खपत बढ़ी हुई है। -डीपी गुप्ता, एक्सईएन ट्रांसमिशन।
बिजली की खपत अधिक है। इस कारण रोस्टिंग की जा रही है। शहर में 23 घंटे आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास हो रहे हैं। तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 14 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रयास रहता है, लेकिन लाइन में फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति प्रभावित होती है। -सुबोध सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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गर्मी की शुरुआत यानी मार्च से शुरू हुआ बिजली का संकट खत्म नहीं हो रहा है। जून में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां लोगों को हिला दिया है, वहीं बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। खपत 25 फीसद अधिक होने से उपकेंद्र से लेकर लाइन तक गर्म हो रहीं हैं।
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उपकेंद्रों में लगे ट्रांसफार्मरों का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। इसे नीचे लाने के लिए रोस्टिंग की जा रही है। ग्रिड पर असर न पड़े, इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। मई में जिले में एक लाख 37 हजार 822 मेगावाट बिजली की खपत हुई, जो अप्रैल से 20 हजार मेगावाट अधिक है।
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शहर में एसी से दे रहे बिजली को झटका
शहर में एसी के कारण बिजली को अधिक झटका लग रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसी लोड अधिक ले रहे हैं। शहर में 10 हजार से अधिक एसी उपभोक्ता हैं। अधिकतर लोग सिंगल फेज से एसी चला रहे हैं। इससे लो वोल्टेज के साथ लाइन पर लोड अधिक पड़ रहा है।
तीन माह में 10 फीसदी बढ़ा लाइनलॉस
शहर में मार्च से जून तक 10 फीसदी लाइन लॉस बढ़ गया। बिजली की खपत अधिक होने के साथ ही बिजली चोरी भी ज्यादा हो रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। इसके बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक रही है।
हर फीडर 20 फीसदी लोड अधिक
शहर में उपकेंद्र के फीडरों का लोड औसत से 20 फीसद अधिक है। एक फीडर पर 80 से 110 एंपियर के बीच लोड होना चाहिए, जबकि फीडरों पर लोड 180 एंपियर तक हैं। इससे लाइन में ट्रिपिंग के साथ जंपर और कंडक्टर गर्म होने के साथ फुंक रहे हैं।
वर्जन...
गर्मी में बिजली की खपत बीस फीसद से अधिक है। ग्रिड पर लोड अधिक न हो इस कारण सावधानी बरतनी पड़ रही है। पिछले माह की तुलना में 27 मिलियन यूनिट बिजली अधिक खर्च की गई। जून में भी खपत बढ़ी हुई है। -डीपी गुप्ता, एक्सईएन ट्रांसमिशन।
बिजली की खपत अधिक है। इस कारण रोस्टिंग की जा रही है। शहर में 23 घंटे आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास हो रहे हैं। तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 14 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रयास रहता है, लेकिन लाइन में फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति प्रभावित होती है। -सुबोध सिंह, अधीक्षण अभियंता।