{"_id":"68263ccbd08286e6c70399d9","slug":"the-high-court-rejected-the-allegation-that-the-police-had-helped-them-take-over-the-resort-and-ended-the-case-unnao-news-c-221-1-uno1001-131104-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: पुलिस पर रिसॉर्ट पर कब्जा दिलाने के आरोप को उच्च न्यायालय ने नकारा, वाद किया समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: पुलिस पर रिसॉर्ट पर कब्जा दिलाने के आरोप को उच्च न्यायालय ने नकारा, वाद किया समाप्त
Fri, 16 May 2025 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 16 May 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
उन्नाव। पुलिस पर रिसॉर्ट पर कब्जा दिलाने के आरोप को उच्च न्यायालय ने नकारते हुए वाद को समाप्त कर दिया है। अपीलकर्ता के खिलाफ दर्ज मामलों में सिविल कोर्ट को शीघ्र सुनवाई के निर्देश दिए हैं। मामला कमलापति इंटर कॉलेज ट्रस्ट की जमीन पर बने रिसॉर्ट के मालिकाना हक से जुड़ा है।
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सदर कोतवाली के लखनऊ क्षेत्र में गाटा संख्या 3831 मिलजुमला जमीन कमलापति इंटर कॉलेज ट्रस्ट के नाम दर्ज है। जमीन के केयरटेकर सुशील शुक्ल पर आरोप है कि उन्होंने कूटरचित अभिलेखों से कई लोगों को जमीन का एग्रीमेंट कर दिया था। प्रबंधक सुरेंद्र बाजपेई ने सुशील शुक्ल के खिलाफ सदर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में केयरटेकर ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए रिसॉर्ट पर जबरन ताला डलवाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में अपील की थी।
उच्च न्यायालय ने एसपी को तत्कालीन कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा को हटाकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए थे। 12 मई को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने पुलिस पर लगाए गए आरोप को नकारते हुए रिट को डिस्पोज कर दिया है। न्यायालय ने सुशील शुक्ल के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी सहित अन्य मामले में सिविल कोर्ट को शीघ्र सुनवाई के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सदर कोतवाली के लखनऊ क्षेत्र में गाटा संख्या 3831 मिलजुमला जमीन कमलापति इंटर कॉलेज ट्रस्ट के नाम दर्ज है। जमीन के केयरटेकर सुशील शुक्ल पर आरोप है कि उन्होंने कूटरचित अभिलेखों से कई लोगों को जमीन का एग्रीमेंट कर दिया था। प्रबंधक सुरेंद्र बाजपेई ने सुशील शुक्ल के खिलाफ सदर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में केयरटेकर ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए रिसॉर्ट पर जबरन ताला डलवाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में अपील की थी।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय ने एसपी को तत्कालीन कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा को हटाकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए थे। 12 मई को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने पुलिस पर लगाए गए आरोप को नकारते हुए रिट को डिस्पोज कर दिया है। न्यायालय ने सुशील शुक्ल के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी सहित अन्य मामले में सिविल कोर्ट को शीघ्र सुनवाई के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन