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Unnao News: 34 करोड़ के दोस्ती नगर बाईपास की पुलिया पुरानी ईंटों से बना डाली

Sat, 24 May 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Sat, 24 May 2025 12:34 AM IST
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The culvert of Dosti Nagar bypass worth Rs. 34 crore was made from old bricks
उन्नाव। शहर में भारी वाहनों का आवागमन खत्म करने के लिए 34 करोड़ से निर्माणाधीन दोस्ती नगर बाईपास में भी ठेकेदार ने भ्रष्टाचार किया। बाईपास रूट पर बन रही पुलियों में पुरानी ईंट लगाकर मानकविहीन काम किया। बड़ी बात यह कि निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे पीडब्ल्यूडी अफसरों को यह सब नजर नहीं आया। अधिशाषी अधिकारी भी पूरे मामले में अंजान बन गए। बाद में जांच कराने की बात कही।
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शहरियों को जाम से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2016 में दोस्ती नगर बाईपास के निर्माण की घोषणा हुई थी। हरदोई मार्ग स्थित अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र से लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित दही चौकी तिराहा तक 9.5 किलोमीटर लंबे और सात मीटर चौड़े बाईपास के लिए 34 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। वन विभाग की जमीन का फंसा पेच हटने के बाद जुलाई 2024 में बाईपास निर्माण का काम शुरू हुआ था। वर्तमान में रोड का निर्माण 90 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है।
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बाईपास रूट पर अलग-अलग स्थानों पर तीन से अधिक पुलिया भी बनाई गईं हैं। पुलिया निर्माण में ठेकेदार ने पानी निकासी के लिए एक बड़ा पाइप डाला। उसके ऊपर पुरानी ईंटें लगा दीं। तीन से चार सौ पुरानी ईंट लगाने के बाद ऊपरी स्तर पर दिखाने के लिए नई ईंट लगाकर काम पूरा कर दिया। वैसे नियमानुसार, काम के दौरान पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को निगरानी करनी चाहिए थी, लेकिन इन्होंने कार्यालय में बैठकर ठेकेदार के इस भ्रष्टाचार पर आंखें बंद रखीं। जानकारों के मुताबिक, पुरानी ईंट का प्रयोग होने से पुलिया ज्यादा समय तक नहीं चल पाएगी, क्योंकि इस मार्ग से अधिकांश भारी वाहन ही निकाले जाएंगे।
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कोट------------

बाईपास निर्माण के रूट में कई स्थानों पर पानी निकासी के लिए पाइप डलवाकर पुलिया बनवाई गईं हैं। इसमें पुरानी ईंटों का प्रयोग किए जाने की जानकारी नहीं है। वैसे मानक में भी यह नहीं है। नई ईंटों से निर्माण कराने के आदेश थे। इसकी जांच कराई जाएगी। जिस स्तर से लापरवाही मिलेगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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