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Unnao News: न्यायालय आपके द्वार से हुई तीन वादों की सुनवाई

Wed, 10 Apr 2024 11:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 11:47 PM IST
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The court heard three cases from your door.
संवाद न्यूज एजेंसी
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उन्नाव। न्यायालय आपके द्वार व्यवस्था का सफल ट्रायल बुधवार को पूरा हुआ। पहले दिन डीएम ने वर्चुअल कोर्ट से वीडियो कांफ्रेेंसिंग से तीन वादों की सुनवाई करके निस्तारण के आदेश दिए।

राजस्व न्यायालयों में इस समय मेड़बंदी, हदबरारी, विवादित भूमि का सीमांकन, पैमाइश व नाम संशोधन सहित अन्य मामलों के पांच साल से अधिक समयसीमा के 6405 वाद लंबित हैं। नियमानुसार पैमाइश आदि के वादों का 90 दिन में निस्तारण कर दिया जाना चाहिए लेकिन कानूनगो व लेखपालों की खाऊकमाऊ कार्यप्रणाली से वाद तय समय की बात छोड़िए पांच साल से अधिक समय के बाद भी निस्तारण नहीं हो पाता है। कुछ वादों में कभी वादी नहीं पहुंचता है तो कभी प्रतिवादी यानि विपक्षी। कई मामलों में अधिवक्ता के न पहुंचने से वादों की सुनवाई नहीं हो पाती है। कुछ मामलों में कोर्ट का पीठासीन अधिकारी ही अपनी सीट पर नहीं बैठते हैं। जिससे तारीख पर तारीख जारी होती रहती है। इससे सालों बाद भी वादों का निस्तारण नहीं होता है और पीड़ित कलक्ट्रेट या तहसील की दौड़ लगाता रहता है। ऐसे ही मामलों का संज्ञान लेने के बाद डीएम गौरांग राठी ने हाईटेक व्यवस्था के तहत राजस्व न्यायालयों में लंबित पड़े वादों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करने की व्यवस्था शुरू करते हुए ‘न्यायालय आपके द्वार’ कार्यक्रम शुरू किया है। बुधवार को कलक्ट्रेट पन्नालाल हाल में तैयार की गई वर्चुअल कोर्ट से डीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 2005 व 2008 से लंबित तीन मामलों की सुनवाई की। इन मामलों में एक वाद सदर और दो हसनगंज तहसील क्षेत्र के थे। सुनवाई के लिए नायब तहसीलदार संबंधित गांवों में भेेजे गए थे। गांवों के सामुदायिक भवनों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी। डीएम ने संबंधित नायब तहसीलदार के साथ पक्ष व विपक्ष से जानकारी ली। अपर शासकीय अधिवक्ता के साथ वादी व प्रतिवादी के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। डीएम ने वादों व साक्ष्यों को सुनकर निस्तारण के आदेश दिए। डीएम ने बताया कि यह पहला प्रयोग किया गया था। जो सफल रहा है। अब आगे इसे और तेजी के साथ किया जाएगा।
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