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Unnao News: बजट न मिलने से राजकीय महाविद्यालय का भवन अधूरा
Wed, 07 May 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Wed, 07 May 2025 12:10 AM IST
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उन्नाव। जिले में सरकारी परियोजनाओं की स्थिति खराब है। डायट परिसर में बन रहा राजकीय महाविद्यालय पांच साल बाद भी अधूरा पड़ा है। अफसरों की लापरवाही से महाविद्यालय का निर्माण समय से पूरा नहीं हो सका। इससे योजना की लागत बढ़ी तो शासन ने पुनरीक्षित बजट को मंजूरी नहीं दी।
वर्ष 2015 में डाॅयट कैंपस (नार्मल स्कूल के पीछे) राजकीय बालिका डिग्री काॅलेज को मंजूरी मिली थी। इसके लिए 4.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। संस्था ने 55 प्रतिशत काम पूरा कर लिया था। फिर दूसरी किस्त की मांग की। हालांकि 2020 तक किस्त जारी नहीं हुई तो समय बढ़ने के साथ ही काॅलेज निर्माण की लागत भी बढ़ती गई। इसके बाद 4.93 करोड़ का पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार कराकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया। आज तक इस पुनरीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इससे बजट जारी नहीं पाया और अधूरा खड़ा महाविद्यालय का भवन जर्जर हो गया है।
बिना प्रयोग के ध्वस्त हो गया सार्वजनिक शौचालय
उन्नाव। स्वच्छ भारत मिशन एवं 14वें वित्त के तहत जीआईसी मैदान परिसर में वर्ष 2020 में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लोकार्पण सदर विधायक पंकज गुप्ता ने किया था। मलिन बस्ती विकास संस्थान ने इसका निर्माण कराया था। संचालन की जिम्मेदारी भी उसे ही दी गई थी। एक अनुमान के मुताबिक, इसके निर्माण में करीब 10 लाख रुपये खर्च हुई थे। सुनसान क्षेत्र में बनाया गया यह शौचालय शुरू से ही निष्प्रयोज्य रहा। आज इसकी हालत यह है कि शौचालय के दरवाजे गायब हो गए हैं। पीछे लगाई गईं छोटी खिड़की भी अराजकतत्व खोल ले गए हैं। इसी कारण बिना प्रयोग में ही यह शौचालय ध्वस्त हो गया है। (संवाद)
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कोट-- -- -- -- -
डॉयट परिसर में निर्माणाधीन राजकीय बालिका डिग्री काॅलेज के लिए बजट की मांग की गई थी, बजट अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। जीआईसी मैदान में बने शौचालय को दिखवाएंगे।
- गौरांग राठी, डीएम।
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वर्ष 2015 में डाॅयट कैंपस (नार्मल स्कूल के पीछे) राजकीय बालिका डिग्री काॅलेज को मंजूरी मिली थी। इसके लिए 4.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। संस्था ने 55 प्रतिशत काम पूरा कर लिया था। फिर दूसरी किस्त की मांग की। हालांकि 2020 तक किस्त जारी नहीं हुई तो समय बढ़ने के साथ ही काॅलेज निर्माण की लागत भी बढ़ती गई। इसके बाद 4.93 करोड़ का पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार कराकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया। आज तक इस पुनरीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इससे बजट जारी नहीं पाया और अधूरा खड़ा महाविद्यालय का भवन जर्जर हो गया है।
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बिना प्रयोग के ध्वस्त हो गया सार्वजनिक शौचालय
उन्नाव। स्वच्छ भारत मिशन एवं 14वें वित्त के तहत जीआईसी मैदान परिसर में वर्ष 2020 में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लोकार्पण सदर विधायक पंकज गुप्ता ने किया था। मलिन बस्ती विकास संस्थान ने इसका निर्माण कराया था। संचालन की जिम्मेदारी भी उसे ही दी गई थी। एक अनुमान के मुताबिक, इसके निर्माण में करीब 10 लाख रुपये खर्च हुई थे। सुनसान क्षेत्र में बनाया गया यह शौचालय शुरू से ही निष्प्रयोज्य रहा। आज इसकी हालत यह है कि शौचालय के दरवाजे गायब हो गए हैं। पीछे लगाई गईं छोटी खिड़की भी अराजकतत्व खोल ले गए हैं। इसी कारण बिना प्रयोग में ही यह शौचालय ध्वस्त हो गया है। (संवाद)
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कोट
डॉयट परिसर में निर्माणाधीन राजकीय बालिका डिग्री काॅलेज के लिए बजट की मांग की गई थी, बजट अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। जीआईसी मैदान में बने शौचालय को दिखवाएंगे।
- गौरांग राठी, डीएम।