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Unnao News: लापता वृद्ध किसान का शव अरहर के खेत में मिला
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फोटो-33-शव मिलने के बाद घटनास्थल पर जांच करती फॉरेंसिक टीम। संवाद
पुरवा। भूपतिपुर गांव में 15 दिन से लापता वृद्ध किसान का शव घर से तीन किलोमीटर दूर असेहरू गांव के पास स्थित अरहर के खेत में मिला। दुर्गंध आने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी। शव के सिर और दाहिने हाथ का ज्यादातर मांस गायब है। बहू व अन्य परिजन ने तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज न होने तक शव नहीं उठने देने की बात कही। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के भूपतिपुर गांव निवासी रेनू ने बताया कि ससुर शिवपाल (65) चारपाई बुनने का काम करने के साथ खेती करते थे। बहू रेनू के मुताबिक सात फरवरी को शाम करीब तीन बजे ससुर कस्बे के ही लाखन सिंह के यहां चारपाई बुनने की बात कहकर गए थे लेकिन वापस नहीं आए। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चला।
बहू के मुताबिक ससुर को चारपाई बिनवाने के लिए गांव के ही दो युवक लेकर गए थे। 19 फरवरी को उन लोगों ने ससुर के बारे में कहा कि शायद अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। 20 फरवरी ससुर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रेनू ने बताया कि पति राजकुमार सऊदी अरब में और देवर बबलू परिवार के साथ राजस्थान के गंगानगर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।
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21 फरवरी को बबलू घर आए उन्होंने भी तलाश शुरू की। रविवार शाम करीब तीन बजे गांव से दो किमी दूरी पर चकरोड के पास पेड़ के नीचे ससुर के जूते रखे मिले और दुर्गंध भी आ रही थी। आगे 150 मीटर दूर कस्टोलवा मोहल्ला के दिनेश पांडेय के अरहर के खेत की मेड़ किनारे उनका कई दिन पुराना शव मिला। लखनऊ के मोहनलालगंज थानाक्षेत्र के भागूखेड़ा गांव निवासी दामाद नीलेश ने पुलिस को ससुर का शव मिलने की सूचना दी। घटना को लेकर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
सूचना पर एसपी जयप्रकाश सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ तेज बहादुर सिंह और कोतवाली पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। सिर का कुछ मांस गायब था। बाएं हाथ में कलाई से कोहनी तक मांस नहीं था। पुलिस ने किसी जानवर के मांस नोंचने की आशंका जताई है।
परिजन ने गांव के ही तीन लोगों पर हत्या करने का शक जताया। हालांकि परिजन ने किसी से कोई दुश्मनी न होने की जानकारी दी है। एसपी ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजन को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सीओ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन जिन पर आरोप लगा रहे हैं उसकी जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जाएगी।
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पौत्र के जन्मदिन पर भी नहीं आए, तब की थी तलाश
बहू रेनू ने बताया कि ससुर शिवपाल सात फरवरी को घर से गए थे। अगले दिन आठ फरवरी को बेटे शिवपाल का जन्मदिन था। बताया कि ससुर ज्यादातर खेत में बनी झोपड़ी में ही रहते थे और खुद ही खाना बनाकर खाते थे। वह अक्सर हफ्तों घर नहीं आते थे। पौत्र के जन्मदिन पर भी नहीं आए तो तलाश की थी लेकिन खेत पर नहीं मिले थे। अक्सर छह-सात दिनों तक घर न आने से अधिक ध्यान भी नहीं दिया।
घरवाले भी शक के दायरे में
सात फरवरी से लापता बुजुर्ग की पुलिस को सूचना देने और गुमशुदगी दर्ज कराने में देरी पर पुलिस परिवार के कुछ लोगों पर शक जाहिर कर रही है। कोतवाली प्रभारी अमरनाथ यादव ने बताया कि घटना की जांच कर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
दामाद ने कोतवाल पर लगाया बदसलूकी का आरोप
दमाद नीलेश ने बताया ससुर का कहीं पता न चलने पर जब 20 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराने पुरवा कोतवाली गए तो पुलिस व कोतवाल ने हम लोगों से ही बदसलूकी की। आरोप है कि हम लोगों को ही जेल भेजने की धमकी दी थी। पुरवा कोतवाल का कहना है कि परिवार के लोग बुजुर्ग के लापता होने के 13 दिन बाद गुमशुदगी की सूचना देने आए थे। इसी का लेकर पूछताछ की गई थी। बदसलूकी का आरोप गलत है।
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कोतवाली क्षेत्र के भूपतिपुर गांव निवासी रेनू ने बताया कि ससुर शिवपाल (65) चारपाई बुनने का काम करने के साथ खेती करते थे। बहू रेनू के मुताबिक सात फरवरी को शाम करीब तीन बजे ससुर कस्बे के ही लाखन सिंह के यहां चारपाई बुनने की बात कहकर गए थे लेकिन वापस नहीं आए। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं चला।
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बहू के मुताबिक ससुर को चारपाई बिनवाने के लिए गांव के ही दो युवक लेकर गए थे। 19 फरवरी को उन लोगों ने ससुर के बारे में कहा कि शायद अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। 20 फरवरी ससुर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रेनू ने बताया कि पति राजकुमार सऊदी अरब में और देवर बबलू परिवार के साथ राजस्थान के गंगानगर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।
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21 फरवरी को बबलू घर आए उन्होंने भी तलाश शुरू की। रविवार शाम करीब तीन बजे गांव से दो किमी दूरी पर चकरोड के पास पेड़ के नीचे ससुर के जूते रखे मिले और दुर्गंध भी आ रही थी। आगे 150 मीटर दूर कस्टोलवा मोहल्ला के दिनेश पांडेय के अरहर के खेत की मेड़ किनारे उनका कई दिन पुराना शव मिला। लखनऊ के मोहनलालगंज थानाक्षेत्र के भागूखेड़ा गांव निवासी दामाद नीलेश ने पुलिस को ससुर का शव मिलने की सूचना दी। घटना को लेकर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
सूचना पर एसपी जयप्रकाश सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ तेज बहादुर सिंह और कोतवाली पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। सिर का कुछ मांस गायब था। बाएं हाथ में कलाई से कोहनी तक मांस नहीं था। पुलिस ने किसी जानवर के मांस नोंचने की आशंका जताई है।
परिजन ने गांव के ही तीन लोगों पर हत्या करने का शक जताया। हालांकि परिजन ने किसी से कोई दुश्मनी न होने की जानकारी दी है। एसपी ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजन को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सीओ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन जिन पर आरोप लगा रहे हैं उसकी जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जाएगी।
पौत्र के जन्मदिन पर भी नहीं आए, तब की थी तलाश
बहू रेनू ने बताया कि ससुर शिवपाल सात फरवरी को घर से गए थे। अगले दिन आठ फरवरी को बेटे शिवपाल का जन्मदिन था। बताया कि ससुर ज्यादातर खेत में बनी झोपड़ी में ही रहते थे और खुद ही खाना बनाकर खाते थे। वह अक्सर हफ्तों घर नहीं आते थे। पौत्र के जन्मदिन पर भी नहीं आए तो तलाश की थी लेकिन खेत पर नहीं मिले थे। अक्सर छह-सात दिनों तक घर न आने से अधिक ध्यान भी नहीं दिया।
घरवाले भी शक के दायरे में
सात फरवरी से लापता बुजुर्ग की पुलिस को सूचना देने और गुमशुदगी दर्ज कराने में देरी पर पुलिस परिवार के कुछ लोगों पर शक जाहिर कर रही है। कोतवाली प्रभारी अमरनाथ यादव ने बताया कि घटना की जांच कर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
दामाद ने कोतवाल पर लगाया बदसलूकी का आरोप
दमाद नीलेश ने बताया ससुर का कहीं पता न चलने पर जब 20 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराने पुरवा कोतवाली गए तो पुलिस व कोतवाल ने हम लोगों से ही बदसलूकी की। आरोप है कि हम लोगों को ही जेल भेजने की धमकी दी थी। पुरवा कोतवाल का कहना है कि परिवार के लोग बुजुर्ग के लापता होने के 13 दिन बाद गुमशुदगी की सूचना देने आए थे। इसी का लेकर पूछताछ की गई थी। बदसलूकी का आरोप गलत है।

फोटो-33-शव मिलने के बाद घटनास्थल पर जांच करती फॉरेंसिक टीम। संवाद