{"_id":"67f16fb927309a2a3d0aae93","slug":"sleep-was-broken-after-the-death-of-the-young-man-one-lane-of-the-highway-was-kept-closed-during-the-work-unnao-news-c-221-1-uno1001-129174-2025-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: युवक की मौत के बाद टूटी नींद, काम के दौरान बंद रखी हाईवे की एक लेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: युवक की मौत के बाद टूटी नींद, काम के दौरान बंद रखी हाईवे की एक लेन
Sat, 05 Apr 2025 11:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sat, 05 Apr 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
नवाबगंज। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर शुक्रवार को हादसे में युवक की मौत के बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। निर्माण कार्य के दौरान एक लेन पर दो किलोमीटर तक यातायात बंद रखा गया। दूसरी लेन से दोनों तरफ के वाहनों को गुजारा गया। डायवर्जन प्वाइंट पर एक सिपाही और निर्माण एजेंसी के दो कर्मचारी तैनात दिखे।
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर आशाखेड़ा से रसूलपुर गांव के सामने तक दो किलोमीटर हिस्से में सड़क बनाने का काम हो रहा है। शुक्रवार को आधी लेन पर सड़क की खोदाई और आधी से ट्रैफिक निकाला जा रहा था। दोपहर करीब दो बजे इसी लेन पर फैली गिट्टी से फिसलकर लखनऊ के बिजनौर निवासी अखिलेश कुमार बाइक समेत डंपर के नीचे आ गए थे और उनकी मौत हो गई थी। उनका साथी ज्ञानेंद्र घायल हुआ था। हादसे के बाद निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने मदद नहीं की और मौके से भाग निकले थे।
एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो जिम्मेदारों ने शनिवार को कुछ गंभीरता दिखाई। जिस लेन पर सड़क निर्माण चल रहा है उस पर यातायात को बंद रखा गया। डायवर्जन प्वाइंट पर दोनों तरफ सिपाही और निर्माण एजेंसी के दो-दो कर्मचारी भी यातायात संचालन में लगे रहे। हालांकि जिस दायरे में दोनों तरफ के वाहन एक ही लेन से निकाले जा रहे थे, वहां अस्थायी डिवाइडर में प्रयोग होने वाली कोन का अभाव रहा। इससे वाहन आगे निकलने की कोशिश में दूसरी लेन में भी पहुंचते रहे। हालांकि ट्रैलेन को दो हिस्सों में बांटने वाले संकेतक न लगाने से हादसों का खतरा बना हुआ है, वाहन चालकों को भी रेंगते हुए निकला पड़ रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
दो दिन से आधी सड़क घेरे खड़ा है खराब ट्रक
नवाबगंज। हाईवे पर सोहरामऊ क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज के सामने, गिट्टी लदा एक ट्रक आधी सड़क घेरे खड़ा है। एनएचएआई ने इसे हटवाने की जहमत नहीं उठाई। मालूम हो कि सोहरामऊ के एक मेडिकल कॉलेज के सामने कानपुर-लखनऊ लेन पर शुक्रवार दोपहर गिट्टी लदे डंपर को मोड़ते समय उसका एक्सल टूट गया था। इसके बाद चालक उसे छोड़कर चला गया। डंपर एक लेन की आधी सड़क घेरे है, इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है। रूट पेट्रोलिंग अधिकारी पंकज शुक्ला ने बताया कि वह दो बार हाइड्रा लेकर डंपर को हटवाने के लिए गए थे, लेकिन मौके पर चालक नहीं मिला, चालक केबिन बंद होने से उसे हटाया नहीं जा सका। प्रयास कर रहे हैं। (संवाद)
विज्ञापन
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर आशाखेड़ा से रसूलपुर गांव के सामने तक दो किलोमीटर हिस्से में सड़क बनाने का काम हो रहा है। शुक्रवार को आधी लेन पर सड़क की खोदाई और आधी से ट्रैफिक निकाला जा रहा था। दोपहर करीब दो बजे इसी लेन पर फैली गिट्टी से फिसलकर लखनऊ के बिजनौर निवासी अखिलेश कुमार बाइक समेत डंपर के नीचे आ गए थे और उनकी मौत हो गई थी। उनका साथी ज्ञानेंद्र घायल हुआ था। हादसे के बाद निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने मदद नहीं की और मौके से भाग निकले थे।
विज्ञापन
एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो जिम्मेदारों ने शनिवार को कुछ गंभीरता दिखाई। जिस लेन पर सड़क निर्माण चल रहा है उस पर यातायात को बंद रखा गया। डायवर्जन प्वाइंट पर दोनों तरफ सिपाही और निर्माण एजेंसी के दो-दो कर्मचारी भी यातायात संचालन में लगे रहे। हालांकि जिस दायरे में दोनों तरफ के वाहन एक ही लेन से निकाले जा रहे थे, वहां अस्थायी डिवाइडर में प्रयोग होने वाली कोन का अभाव रहा। इससे वाहन आगे निकलने की कोशिश में दूसरी लेन में भी पहुंचते रहे। हालांकि ट्रैलेन को दो हिस्सों में बांटने वाले संकेतक न लगाने से हादसों का खतरा बना हुआ है, वाहन चालकों को भी रेंगते हुए निकला पड़ रहा है।
विज्ञापन
दो दिन से आधी सड़क घेरे खड़ा है खराब ट्रक
नवाबगंज। हाईवे पर सोहरामऊ क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज के सामने, गिट्टी लदा एक ट्रक आधी सड़क घेरे खड़ा है। एनएचएआई ने इसे हटवाने की जहमत नहीं उठाई। मालूम हो कि सोहरामऊ के एक मेडिकल कॉलेज के सामने कानपुर-लखनऊ लेन पर शुक्रवार दोपहर गिट्टी लदे डंपर को मोड़ते समय उसका एक्सल टूट गया था। इसके बाद चालक उसे छोड़कर चला गया। डंपर एक लेन की आधी सड़क घेरे है, इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है। रूट पेट्रोलिंग अधिकारी पंकज शुक्ला ने बताया कि वह दो बार हाइड्रा लेकर डंपर को हटवाने के लिए गए थे, लेकिन मौके पर चालक नहीं मिला, चालक केबिन बंद होने से उसे हटाया नहीं जा सका। प्रयास कर रहे हैं। (संवाद)