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मार्च 2014 के बाद नहीं भेजा गया भत्ते के लिए बजट
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 22 Mar 2015 11:17 PM IST
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उन्नाव। समाजवादी पार्टी द्वारा विधानसभा चुनावों में उतरने के पूर्व जनता से किए गए वादों में प्रमुख बेरोजगारी भत्ते से भी सपा ने बेरुखी दिखा दी है। एक साल से सरकार ने इस योजना के अंतर्गत बजट उपलब्ध नहीं कराया है।
इससे संबंधित विभाग को जिले से एक साल में 24 करोड़ की बचत हुई है। अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च 14 तक का बजट आने के बाद अभी तक इस योजना में बजट नहीं आया है।
बेरोजगारों को प्रतिमाह एक हजार रुपये भत्ता मिलता था। सरकार ने 22 माह तक इस योजना का सुचारु रखने के बाद सरकार ने इस योजना पर ब्रेक लगा दी थी। इससे जिले में 20 हजार से अधिक लोगों का इस सरकार से की गई आशाएं धूमिल होती जा रही हैं।
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भत्ता पाने वाले बेरोजगारों की मानें तो उन लोगों को भत्ता मिलने से उनके कुछ मूलभूत जरूरतें इससे पूरी हो जाया करती थीं लेकिन बीते एक साल से तो उनकी यह उम्मीद भी टूट गई है।
जिले में 20 हजार तो प्रदेश में 14 लाख को मिल रहा था भत्ता
उन्नाव। जिस समय बेरोजगारों को भत्ता मिल रहा था उस समय जिले में कुल 20,127 लोग पंजीकृत थे। इस हिसाब से जिले में कुल 2 करोड़ 12 लाख 27 हजार रुपये भत्ता दिया जाता था। इस हिसाब से साल भर में 24 करोड़ 15 लाख 24 हजार रुपये का बजट बकाया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश भर में 14 लाख लोग इस योजना में पंजीकृत थे। इन्हें प्रदेश के लोगों को 140 करोड़ रुपये प्रतिमाह भत्ता बांटा जाता था जो कि एक साल में 1680 करोड़ रुपये का बजट नहीं भेजा गया है।
वर्जन
भत्ते के लिए अंतिम बजट मार्च 2014 तक का भेजा गया था। इसके बाद से अभी तक बजट उपलब्ध नहीं हुआ है। हालांकि अभी तक भत्ता की योजना को बंद करने के कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं लेकिन इतने समय तक बजट न आने से भत्ता बंद होने का आशय यही लग रहा है। - मिथिलेश कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी।
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इससे संबंधित विभाग को जिले से एक साल में 24 करोड़ की बचत हुई है। अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च 14 तक का बजट आने के बाद अभी तक इस योजना में बजट नहीं आया है।
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बेरोजगारों को प्रतिमाह एक हजार रुपये भत्ता मिलता था। सरकार ने 22 माह तक इस योजना का सुचारु रखने के बाद सरकार ने इस योजना पर ब्रेक लगा दी थी। इससे जिले में 20 हजार से अधिक लोगों का इस सरकार से की गई आशाएं धूमिल होती जा रही हैं।
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भत्ता पाने वाले बेरोजगारों की मानें तो उन लोगों को भत्ता मिलने से उनके कुछ मूलभूत जरूरतें इससे पूरी हो जाया करती थीं लेकिन बीते एक साल से तो उनकी यह उम्मीद भी टूट गई है।
जिले में 20 हजार तो प्रदेश में 14 लाख को मिल रहा था भत्ता
उन्नाव। जिस समय बेरोजगारों को भत्ता मिल रहा था उस समय जिले में कुल 20,127 लोग पंजीकृत थे। इस हिसाब से जिले में कुल 2 करोड़ 12 लाख 27 हजार रुपये भत्ता दिया जाता था। इस हिसाब से साल भर में 24 करोड़ 15 लाख 24 हजार रुपये का बजट बकाया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश भर में 14 लाख लोग इस योजना में पंजीकृत थे। इन्हें प्रदेश के लोगों को 140 करोड़ रुपये प्रतिमाह भत्ता बांटा जाता था जो कि एक साल में 1680 करोड़ रुपये का बजट नहीं भेजा गया है।
वर्जन
भत्ते के लिए अंतिम बजट मार्च 2014 तक का भेजा गया था। इसके बाद से अभी तक बजट उपलब्ध नहीं हुआ है। हालांकि अभी तक भत्ता की योजना को बंद करने के कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं लेकिन इतने समय तक बजट न आने से भत्ता बंद होने का आशय यही लग रहा है। - मिथिलेश कुमार, जिला सेवायोजन अधिकारी।