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जल संरक्षण के लिए थाम लिया फावड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 21 Jun 2015 11:57 PM IST
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उन्नाव। विकास की दौड़ और कमाई की होड़ में अस्तित्व खो रहे शहर के तालाबों को बचाने के लिए महिलाओं ने भूमाफिया और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर के लोगों ने ‘तालाब-पोखर बचाओ समिति’ का गठन किया है। समिति ने सबसे पहले शहर के मोहल्ला बाबूगंज स्थित पक्के तालाब को गोद लिया और उसका पोषण शुरू किया।
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समिति के सदस्य क्षेत्र के अन्य लोगों के साथ हाथ में फावड़ा-डलिया लेकर निकल पड़े। कुछ दिन पहले पाटे गए इस पक्के तालाब में भरी गई मिट्टी निकालने का काम शुरू किया। पहले दिन रविवार को सुबह तीन घंटे मशक्कत की। समिति के लोगों ने बताया कि अभी तो यह शुरुआत है। इसके बाद शहर के जितने भी पुराने तालाब पाटे गए हैं उनकी मिट्टी निकाल फेंकेंगे।
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शहर के मोहल्ला बाबूगंज में लोगों के विरोध के बावजूद कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से सांठगांठ कर भूमि व्यापार करने वाले लोगों ने बीस दिन पहले प्लाटिंग करने के इरादे से पक्के तालाब को मिट्टी डालकर पाट दिया। लोगों ने विरोध किया तो प्लाटिंग करने वालों ने तालाब के बीच का हिस्सा न पाटने का आश्वासन देकर लोगों को शांत करा दिया। मगर ऐसा नहीं हुआ।
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रातोरात सैकड़ों ट्रक मिट्टी डालकर तालाब का नामोनिशान खत्म कर दिया। सुबह लोगों ने देखा तो भड़क गए। बीती 27 मई को आक्रोशित महिलाएं और पुरुष मिट्टी बराबर करने के लिए लगाई गई जेसीबी के आगे लेट गए और काम रुकवा दिया। काफी इंतजार के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो लोगों ने कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर जाम भी लगाया। हालांकि मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर की जमीन और तालाब पाटने के मामले की जांच कराने और कार्रवाई के लिए पंद्रह दिन का समय मांगा था। इसपर लोग शांत हो गए। मगर समय सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं हुई।
रविवार को आसपास कई मोहल्लों के लोग तालाब-पोखर बचाओ समिति के बैनर तले एकत्र हुए और सुबह करीब सात बजे बाबूगंज पक्का तालाब पहुंच कर मिट्टी निकालने का काम शुरू कर दिया। समिति के अध्यक्ष हरिहर दीक्षित और मंत्री किरन सिंह ने बताया कि यह मुहिम तबतक जारी रहेगी जबतक अस्तित्व खोते जा रहे शहर के तालाबों को दोबारा पानी से लबालब नहीं कर देते। श्रमदान करने वालों में सभासद राजेश कुमार, रामप्रकाश, विवेक निगम, वेद प्रकाश, रामकुमारी, शांति, शिव कुमारी, कृष्णा देवी, अंजली तिवारी, रानी कश्यप, उर्मिला आदि शामिल रहे।