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Unnao News: पेयजल की किल्लत, शुद्ध पानी के लिए जद्दोजहद
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उन्नाव। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत बढ़ती जा रही है। ग्रामीण पेयजल योजनाओं में कहीं पाइप लाइन क्षतिग्रस्त व मोटर खराब होने तो कहीं बोरिंग फेल होने से 41 परियोजनाएं बंद हो गईं हैं। इससे करीब तीन लाख आबादी हैंडपंपों से निकल रहे फ्लोराइडयुक्त व दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1995 में जिले की 72 ग्राम पंचायतों में पेयजल ट्यूबवेल और टंकियां स्थापित कराई गई थीं। जलनिगम ने आसपास गांवों तक भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की थी लेकिन देखभाल और मरम्मत के अभाव में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती गईं। कुछ की मोटर खराब हो गई तो किसी की बोरिंग चोक हो गई। इससे यह पेयजल योजनाएं जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं। वर्तमान में 41 टंकिया और ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोग शुद्ध पेयजल की किल्लत का सामना कर रहे हैं। लोग दूरदराज स्थानों के उन हैंडपंपों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं जिनका पानी पीने लायक है। ग्रामीणों के अनुसार ज्यादातर हैंडपंप फ्लोराइडयुक्त पानी दे रहे हैं।
जलनिगम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार एक पेयजल योजना की मियाद 15 से 20 साल होती है। जबकि ग्रामीण पेयजल योजनाएं समय सीमा पूरी कर चुकी हैं। इससे मरम्मत में दिक्कत आ रही है।
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असोहा। ब्लॉक क्षेत्र की दस पंचायतों में ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सेमरी, बरवाखुर्द, पहासा, भवलिया, मिर्री कला, बैगांव, सुम्भारी खुर्द और जोरावरगंज में बने टैंक तीन साल से बंद हैं। 40 हजार की आबादी को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है।
गंजमुरादाबाद। क्षेत्र के ग्राम खैरहन, महमदाबाद, ब्योलीइस्लामाबाद में वर्ष 1995 में एक-एक ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए थे लेकिन दशकों से ये सभी शोपीस बने हुए हैं।
सफीपुर। सफीपुर ग्रामीण के मजरा खादिमअलीखेड़ा, ओसिया के मजरा नैनीखेड़ा, सकहन राजपूतान व मुस्तफाबाद ग्राम पंचायत में बनी पानी की टंकी सालों से बंद हैं। पानी सप्लाई के लिए गांवों में बिछी पाइपलाइन भी टूट गई है।
बांगरमऊ। क्षेत्र के ग्राम शादीपुर में 25 वर्ष पूर्व ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। विभागीय उदासीनता के चलते लाखों रुपये से बनी यह टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गई है। 12 मजरों में डाली गई पाइपलाइन भी जगह-जगह से फट चुकी है। जिस कारण जलापूर्ति बंद है।
पुरवा। सेमरीमऊ, पल्हरी, बेहटा भवानी, सिजनी, हसनगंज की सदाना, नवाबगंज की भौली, दरियापुर अजीजपुर, मकूर, गौरा व मलावं भी बंद पड़ी हैं। जिस कारण लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बंद पड़ी पानी की टंकियों की जानकारी कराई जाएगी। यदि मरम्मत योग्य होंगी तो फिर से चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। जिनकी मरम्मत नहीं हो पाएगी, वहां पर हर घर नल से जल योजना से शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -ऋषिराज, सीडीओ
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ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1995 में जिले की 72 ग्राम पंचायतों में पेयजल ट्यूबवेल और टंकियां स्थापित कराई गई थीं। जलनिगम ने आसपास गांवों तक भूमिगत पाइप लाइनें बिछाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की थी लेकिन देखभाल और मरम्मत के अभाव में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती गईं। कुछ की मोटर खराब हो गई तो किसी की बोरिंग चोक हो गई। इससे यह पेयजल योजनाएं जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं। वर्तमान में 41 टंकिया और ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोग शुद्ध पेयजल की किल्लत का सामना कर रहे हैं। लोग दूरदराज स्थानों के उन हैंडपंपों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं जिनका पानी पीने लायक है। ग्रामीणों के अनुसार ज्यादातर हैंडपंप फ्लोराइडयुक्त पानी दे रहे हैं।
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जलनिगम के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार एक पेयजल योजना की मियाद 15 से 20 साल होती है। जबकि ग्रामीण पेयजल योजनाएं समय सीमा पूरी कर चुकी हैं। इससे मरम्मत में दिक्कत आ रही है।
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असोहा। ब्लॉक क्षेत्र की दस पंचायतों में ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सेमरी, बरवाखुर्द, पहासा, भवलिया, मिर्री कला, बैगांव, सुम्भारी खुर्द और जोरावरगंज में बने टैंक तीन साल से बंद हैं। 40 हजार की आबादी को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है।
गंजमुरादाबाद। क्षेत्र के ग्राम खैरहन, महमदाबाद, ब्योलीइस्लामाबाद में वर्ष 1995 में एक-एक ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए थे लेकिन दशकों से ये सभी शोपीस बने हुए हैं।
सफीपुर। सफीपुर ग्रामीण के मजरा खादिमअलीखेड़ा, ओसिया के मजरा नैनीखेड़ा, सकहन राजपूतान व मुस्तफाबाद ग्राम पंचायत में बनी पानी की टंकी सालों से बंद हैं। पानी सप्लाई के लिए गांवों में बिछी पाइपलाइन भी टूट गई है।
बांगरमऊ। क्षेत्र के ग्राम शादीपुर में 25 वर्ष पूर्व ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। विभागीय उदासीनता के चलते लाखों रुपये से बनी यह टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गई है। 12 मजरों में डाली गई पाइपलाइन भी जगह-जगह से फट चुकी है। जिस कारण जलापूर्ति बंद है।
पुरवा। सेमरीमऊ, पल्हरी, बेहटा भवानी, सिजनी, हसनगंज की सदाना, नवाबगंज की भौली, दरियापुर अजीजपुर, मकूर, गौरा व मलावं भी बंद पड़ी हैं। जिस कारण लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बंद पड़ी पानी की टंकियों की जानकारी कराई जाएगी। यदि मरम्मत योग्य होंगी तो फिर से चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। जिनकी मरम्मत नहीं हो पाएगी, वहां पर हर घर नल से जल योजना से शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -ऋषिराज, सीडीओ