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Unnao News: केमिकल फैक्टरी में शार्ट सर्किट से लगी आग, 25 लाख का नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसआरपी केमिकल फैक्टरी में मंगलवार रात आग लगने से खलबली मच गया। फैक्टरी में रबर और एडेसिव (सल्यूशन) व भारी मात्रा में अन्य ज्वलनशील पदार्थ होने से कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप से ले लिया। सूचना पर पांच दमकल पहुंचीं और आग बुझाना शुरू किया। केमिकल होने से आग फैलने लगी तो कानपुर से भी तीन दमकल बुलानी पड़ीं। चार घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अग्निशमन अधिकारी के अनुसार फैक्टरी में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले। फैक्टरी मालिक के अनुसार आग से करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
सदर कोतवाली के अकरमपुर स्थित एसआरपी केमिकल फैक्टरी में रबड़, एडेसिव व चिपकाने वाले पदार्थ बनाए जाते हैं। मंगलवार रात करीब 2:30 बजे फैक्टरी में संदिग्ध हालत में फैक्टरी के गोदाम में आग लग गई। अंदर ज्वलनशील पदार्थ के कैन और ड्रम रखे होने से कुछ ही देर में लपटों ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पर उन्नाव फायर स्टेशन से एक के बाद एक चार दमकल भेजी गईं। लेकिन आग लगातार फैलने और आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने के खतरे को भांपते हुए अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव ने कानपुर से भी तीन दमकल मंगवाईं। युद्ध स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए। करीब डे़ढ घंटे में लपटे तो शांत कर ली गईं लेकिन आग को पूरी तरह बुझाने में चार घंटे का समय लगा। इसी दौरान फैक्टरी मलिक शुक्लागंज निवासी संदीप शुक्ला भी पहुंच गए। आग को पूरी तरह बुझाने में बुधवार सुबह करीब 6:30 बज गए।
फैक्टरी के मालिक के अनुसार करीब पच्चीस लाख के नुकसान का अनुमान है, हालांकि इसके ठीक से आंकलन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में रात में काम नहीं होता है। उन्होंने शार्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग पर समय से काबू पा लिया गया। वर्ना लपटे आसपास की फैक्टरियों के लिए खतरा बन सकती थीं।
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आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले
केमिकल फैक्टरी होने के बाद भी अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले। फैक्टरी प्रबंधन अग्रिशमन विभाग की एनओसी नहीं दिखा सके। अग्रिशमन विभाग के अधिकारी अब नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
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नहीं लगा था फैक्टरी का बोर्ड
जिस केमिकल फैक्टरी में आग लगी थी वह बेनाम थी। फैक्टरी गेट के बाहर दीवार पर न ही कोई नाम लिखा था और ना ही कोई बोर्ड लगा था। वहां पहुंचे अधिकारियों ने जब पंजीकरण का कागज मांगा तब केमिकल फैक्टरी के नाम की जानकारी हुई।
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उन्नाव। अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसआरपी केमिकल फैक्टरी में मंगलवार रात आग लगने से खलबली मच गया। फैक्टरी में रबर और एडेसिव (सल्यूशन) व भारी मात्रा में अन्य ज्वलनशील पदार्थ होने से कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप से ले लिया। सूचना पर पांच दमकल पहुंचीं और आग बुझाना शुरू किया। केमिकल होने से आग फैलने लगी तो कानपुर से भी तीन दमकल बुलानी पड़ीं। चार घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अग्निशमन अधिकारी के अनुसार फैक्टरी में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले। फैक्टरी मालिक के अनुसार आग से करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
सदर कोतवाली के अकरमपुर स्थित एसआरपी केमिकल फैक्टरी में रबड़, एडेसिव व चिपकाने वाले पदार्थ बनाए जाते हैं। मंगलवार रात करीब 2:30 बजे फैक्टरी में संदिग्ध हालत में फैक्टरी के गोदाम में आग लग गई। अंदर ज्वलनशील पदार्थ के कैन और ड्रम रखे होने से कुछ ही देर में लपटों ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पर उन्नाव फायर स्टेशन से एक के बाद एक चार दमकल भेजी गईं। लेकिन आग लगातार फैलने और आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने के खतरे को भांपते हुए अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव ने कानपुर से भी तीन दमकल मंगवाईं। युद्ध स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू हुए। करीब डे़ढ घंटे में लपटे तो शांत कर ली गईं लेकिन आग को पूरी तरह बुझाने में चार घंटे का समय लगा। इसी दौरान फैक्टरी मलिक शुक्लागंज निवासी संदीप शुक्ला भी पहुंच गए। आग को पूरी तरह बुझाने में बुधवार सुबह करीब 6:30 बज गए।
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फैक्टरी के मालिक के अनुसार करीब पच्चीस लाख के नुकसान का अनुमान है, हालांकि इसके ठीक से आंकलन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में रात में काम नहीं होता है। उन्होंने शार्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग पर समय से काबू पा लिया गया। वर्ना लपटे आसपास की फैक्टरियों के लिए खतरा बन सकती थीं।
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आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले
केमिकल फैक्टरी होने के बाद भी अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले। फैक्टरी प्रबंधन अग्रिशमन विभाग की एनओसी नहीं दिखा सके। अग्रिशमन विभाग के अधिकारी अब नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
नहीं लगा था फैक्टरी का बोर्ड
जिस केमिकल फैक्टरी में आग लगी थी वह बेनाम थी। फैक्टरी गेट के बाहर दीवार पर न ही कोई नाम लिखा था और ना ही कोई बोर्ड लगा था। वहां पहुंचे अधिकारियों ने जब पंजीकरण का कागज मांगा तब केमिकल फैक्टरी के नाम की जानकारी हुई।