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सहकारिता में 2.23 करोड़ के टेंडर में गंभीर अनियमितता, होगी जांच : डीएम

Sun, 18 May 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Sun, 18 May 2025 12:35 AM IST
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Serious irregularities in tender of 2.23 crores in cooperative sector, investigation will be done: DM
उन्नाव। सहकारिता विभाग में 2.34 करोड़ से 13 खाद गोदामों के निर्माण के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में बरती गई अनियमितता पर डीएम सख्त हैं। उन्होंने बताया कि ठेका लेने वाली फर्म के अनुभव प्रमाण पत्र व अन्य प्रपत्रों की जांच कराए बिना कार्य आदेश जारी करने वाले अफसरों को बख्सा नहीं जाएगा। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे। जांच के लिए सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजा जा रहा है।
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सहकारिता विभाग को एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) के तहत जिले में 2.34 करोड़ रुपये से 13 खाद गोदाम बनाने हैं। विभाग ने पैक्सफेड के अभियंता को अधिकृत करते हुए गोदामों के निर्माण के लिए मार्च 2024 में टेंडर जारी किए थे। मेसर्स क्षितिज इन्फ्रा फर्म को तीन और मेसर्स राकेश कुमार फर्म को 10 गोदाम बनाने के टेंडर स्वीकृत किए गए। मिलीभगत का ही नतीजा रहा कि सहकारिता विभाग ने ठेका हासिल करने वाली फर्मों के प्रपत्रों और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच कराना जरूरी नहीं समझा।
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तीन अप्रैल 2025 को दोनों फर्मों को कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिया गया। आईजीआरएस पर एक फर्म को फर्जी प्रमाण पत्र पर 10 गोदाम बनाने का काम देने और तीन गोदाम बनाने वाली फर्म की ओर से भवन निर्माण का अनुभव पत्र न लगाने की शिकायत हुई। करोड़ों के काम में अनियमितता की खबर अमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित की तो सहायक आयुक्त कोआपरेटिव ने टेंडर निरस्त करते हुए घालमेल पर पर्दा डालने की कोशिश की। हालांकि डीएम गौरांग राठी ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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यह हुई अनियमितता
टेंडर शर्तों में अनुभव अनिवार्य किया गया था। सहकारिता विभाग ने मार्च 2024 में टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई। मेसर्स क्षितिज इन्फ्रा फर्म को तीन और मेसर्स राकेश कुमार को 10 गोदाम बनाने के टेंडर स्वीकृत हुए थे। सहकारिता विभाग ने इन फर्मों के प्रपत्रों और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच भी नहीं कराई। तीन अप्रैल 2025 को कार्य आदेश जारी कर दिए। मेसर्स राकेश भारती ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का जो कार्य अनुभव प्रमाण पत्र लगाया, उसमें जिन एक्सईएन के हस्ताक्षर हैं, उनका स्थानांतरण छह अक्टूबर 2024 को हो गया था, जबकि उनके हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाणपत्र 21 दिसंबर 2024 को जारी होना दिखाया गया। फर्म के अनुभव प्रमाण में 72 लाख से बिछिया ब्लॉक क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निर्माण कराना दर्शाया गया। जबकि आरईएस ने इसे बनवाया ही नहीं। 2024 में राकेश कुमार नाम की फर्म आरईएस में पंजीकृत भी नहीं थी।
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