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Unnao News: घूस लेने वाला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का वरिष्ठ लिपिक गया जेल
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उन्नाव। एनओसी देने के नाम के नाम पर 50 हजार की घूस लेते हुए पकड़े गए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक को प्रिविंशन करप्शन एक्ट न्यायालय ने जेल भेज दिया है।
बीघापुर कस्बे में बद्री विशाल फूड्स लिमिटेड नाम से कोल्ड स्टोरेज चलाने वाले विजय कुमार मिश्र ने प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विजय कुमार पर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए 50 हजार की घूस मांगने की शिकायत एंटी करप्शन इकाई लखनऊ में की थी। 28 मई को एंटी करप्शन की टीम प्रभारी नुरुल हुदा खान के नेतृत्व में पहुंची थी और लिपिक विजय कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। एंटी करप्शन इकाई ने लिपिक को प्रिविंशन करप्शन एक्ट कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में लखनऊ जेल भेजा गया है। टीम प्रभारी नुरुल हुदा खान ने बताया कि विवेचना इंस्पेक्टर अयोध्या अनुराधा सिंह को दी गई है। आगे की जांच उनके द्वारा की जाएगी।
20 मई को तैयार हो गई थी एनओसी, पैसे के चक्कर में नहीं किया ऑनलाइन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के सूत्रों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज संचालक, विजय कुमार मिश्रा के अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के बाद निरीक्षक ने मतदान से (13 मई) से पहले स्थलीय निरीक्षण कर लिया था। 20 मई को एनओसी भी तैयार हो गई थी लेकिन रिश्वत लेने के लिए उसे ऑनलाइन नहीं किया गया। निरीक्षक और लिपिक की आपसी साठगांठ की बात भी सामने आ रही है। नियमानुसार एनओसी ऑनलाइन ही जारी की जाती है, जिसे आवेदक ऑनलाइन कहीं से भी उसका प्रिंट निकाल सकता है। लेकिन घूस के चक्कर में नियमों को ताक पर रख दिया। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ, अनिल माथुर से कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
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बीघापुर कस्बे में बद्री विशाल फूड्स लिमिटेड नाम से कोल्ड स्टोरेज चलाने वाले विजय कुमार मिश्र ने प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विजय कुमार पर अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए 50 हजार की घूस मांगने की शिकायत एंटी करप्शन इकाई लखनऊ में की थी। 28 मई को एंटी करप्शन की टीम प्रभारी नुरुल हुदा खान के नेतृत्व में पहुंची थी और लिपिक विजय कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। एंटी करप्शन इकाई ने लिपिक को प्रिविंशन करप्शन एक्ट कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में लखनऊ जेल भेजा गया है। टीम प्रभारी नुरुल हुदा खान ने बताया कि विवेचना इंस्पेक्टर अयोध्या अनुराधा सिंह को दी गई है। आगे की जांच उनके द्वारा की जाएगी।
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20 मई को तैयार हो गई थी एनओसी, पैसे के चक्कर में नहीं किया ऑनलाइन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के सूत्रों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज संचालक, विजय कुमार मिश्रा के अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के बाद निरीक्षक ने मतदान से (13 मई) से पहले स्थलीय निरीक्षण कर लिया था। 20 मई को एनओसी भी तैयार हो गई थी लेकिन रिश्वत लेने के लिए उसे ऑनलाइन नहीं किया गया। निरीक्षक और लिपिक की आपसी साठगांठ की बात भी सामने आ रही है। नियमानुसार एनओसी ऑनलाइन ही जारी की जाती है, जिसे आवेदक ऑनलाइन कहीं से भी उसका प्रिंट निकाल सकता है। लेकिन घूस के चक्कर में नियमों को ताक पर रख दिया। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ, अनिल माथुर से कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
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