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जलभराव से जूझ रहे स्कूली बच्चे
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गंजमुरादाबाद के सुल्तानपुर में हरदोई उन्नाव मार्ग पर हादसों को दावत दे रहे कटे फुटपाथ।
- फोटो : UNNAO
शहर के मोहल्ला बाबूगंज में जलभराव व गंदगी का अंबार है। नालियां चोक होने से से गंदा पानी सड़क के साथ स्कूल के सामने भर रहा है। इससे लोगों का निकलना दूभर हो रहा है। मोहल्लेवासी कई महीनों से इस समस्या से परेशान हैं। लेकिन इसका हल नहीं निकल रहा है। मोहल्लेवालों का कहना है कि सभासद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के मोहल्ला बाबूगंज की आबादी करीब चार हजार है। लेकिन इस मोहल्ले में जलनिकासी की समस्या लोगों के लिए आफत बन चुकी है। इसका कारण भी खुद जनता ही है। मोहल्लेवासियों ने मकान नालियाें पर बना रखे हैं। इससे पानी का बहाव ही नहीं हो पाता और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर भरता रहता है। इससे लोग परेशान हैं।
स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक लोग उसी गंदे पानी से होकर निकल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इसी सड़क पर परिषदीय स्कूल संचालित है। उस स्कूल के अंदर तक गंदा पानी भर रहा है जिससे स्कूली छात्र व शिक्षकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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नारकीय जीवन से छुटकारा पाने के लिए मोहल्लेवासियों ने कई बार नगर पालिका में इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सभासद ने भी इसे ध्यान नहीं दिया। अब स्थिति और भी बदतर हो चुकी है। इस नारकीय जीवन से लोग छुटकारा पाना चाहते हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बाबूगंज मोहल्ला निवासी प्रभाकर मिश्रा कहते हैं कि वह करीब दस सालों से यहां रह रहे हैं। लेकिन जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पा रहा है। कोई भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मोहल्ले के ही विकास यादव कहते हैं कि जलभराव से घर से निकलना दूभर हो गया है। सुबह से शाम तक दुर्गंध आती है। साथ ही आने-जाने में दिक्कतें उठानी पड़ती है। इस नारकीय जीवन से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
बाबूगंज मोहल्ला निवासी शीला देवी कहती हैं कि जलभराव व कीचड़ होने से सुबह से शाम तक दुर्गंध आती रहती है। इससे संक्रामक रोगों का भी खतरा बना हुआ है। साथ ही स्कूली बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सफाई इंस्पेक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि कई बार गंदे पानी को निकलवाया गया है। लेकिन नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई नहीं हो पा रही है। सफाई कर्मियों को भेजकर गंदे पानी को निकलवाया जाएगा। जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।
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शहर के मोहल्ला बाबूगंज की आबादी करीब चार हजार है। लेकिन इस मोहल्ले में जलनिकासी की समस्या लोगों के लिए आफत बन चुकी है। इसका कारण भी खुद जनता ही है। मोहल्लेवासियों ने मकान नालियाें पर बना रखे हैं। इससे पानी का बहाव ही नहीं हो पाता और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर भरता रहता है। इससे लोग परेशान हैं।
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स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक लोग उसी गंदे पानी से होकर निकल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इसी सड़क पर परिषदीय स्कूल संचालित है। उस स्कूल के अंदर तक गंदा पानी भर रहा है जिससे स्कूली छात्र व शिक्षकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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नारकीय जीवन से छुटकारा पाने के लिए मोहल्लेवासियों ने कई बार नगर पालिका में इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सभासद ने भी इसे ध्यान नहीं दिया। अब स्थिति और भी बदतर हो चुकी है। इस नारकीय जीवन से लोग छुटकारा पाना चाहते हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बाबूगंज मोहल्ला निवासी प्रभाकर मिश्रा कहते हैं कि वह करीब दस सालों से यहां रह रहे हैं। लेकिन जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पा रहा है। कोई भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मोहल्ले के ही विकास यादव कहते हैं कि जलभराव से घर से निकलना दूभर हो गया है। सुबह से शाम तक दुर्गंध आती है। साथ ही आने-जाने में दिक्कतें उठानी पड़ती है। इस नारकीय जीवन से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
बाबूगंज मोहल्ला निवासी शीला देवी कहती हैं कि जलभराव व कीचड़ होने से सुबह से शाम तक दुर्गंध आती रहती है। इससे संक्रामक रोगों का भी खतरा बना हुआ है। साथ ही स्कूली बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सफाई इंस्पेक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि कई बार गंदे पानी को निकलवाया गया है। लेकिन नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई नहीं हो पा रही है। सफाई कर्मियों को भेजकर गंदे पानी को निकलवाया जाएगा। जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।