फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Remember the age-old tradition has forced

मजबूरी में याद आई सदियों पुरानी परंपरा

Sun, 13 Nov 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 13 Nov 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
Remember the age-old tradition has forced
exchangng goods - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

 हजारों वर्ष पहले जब मुद्रा का चलन नहीं था तब लोग वस्तु विनिमय प्रणाली से जीवनयापन करते थे। लोगों में अनाज के बदले पशुधन और पशुधन के बदले में अनाज का आदान प्रदान होता था। हजार और पांच के नोट बंद हो जाने से वही पुरानी स्थिति उत्पन्न हो गई। बैंकों से पर्याप्त रुपया उपलब्ध न हो पाने के कारण लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। लोगों को खाद, बीज और रोजाना की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लोगों में वस्तु विनिमय प्रणाली की हजारों साल पुरानी परंपरा की फि र से शुरुआत हो गई है। बताया जाता है कि जब किसी वस्तु के बदले कोई दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान होता है तो उसे ही वस्तु विनिमय प्रणाली कहा जाता है। कस्बा औरास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोग नोट उपलब्ध न हो पाने की दशा में रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए परचून की दुकानों पर अनाज को बदल कर चाय, चीनी और तेल जैसी वस्तुओं को  लेकर जैसे-तैसे काम चला रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed