{"_id":"7c6887269dd9a1d1b3b15a0acd12ce83","slug":"recovery-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय निर्माण में अनियमितता पर ग्राम प्रधान से होगी वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय निर्माण में अनियमितता पर ग्राम प्रधान से होगी वसूली
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 21 Feb 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। विकासखंड बीघापुर के निहालीखेड़ा शौचालय निर्माण में अनियमितता पर ग्राम प्रधान से वसूली की जाएगी। इसकी संस्तुति बीडीओ ने डीएम को भेजे पत्र में की है। बीडीओ ने प्रधान पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करने और गांव में तीन सदस्यीय समिति गठित करने की सिफारिश डीएम से की है।
वीडीओ सुरेश बहादुर ने बीडीओ से शिकायत की थी कि निर्मल भारत अभियान के तहत गांव में 79 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसकी धनराशि भी पिछले साल जारी कर दी गई थी।
गांव में जो शौचालय बने उसमें 38 शौचालय अपूर्ण हैं। प्रधान ने जो सामग्री मंगाई थी उसमें 25 बोरी सीमेंट व दो ट्राली मौरंग गायब कर दी गई। 32000 रुपये की चेक भी प्रधान ने आहरित कर ली। इसके बाद भी शौचालयों का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।
विज्ञापन
वर्ष 2014-15 में प्रधान ने मनरेगा के अंतर्गत समतलीकरण के दो कार्य बिना कराए ही एमआईएस फीडिंग करा दी। इस पर बीडीओ ने डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि प्रधान के सहयोग न करने से गांव मेें पूरी तरह से विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। पूर्व में प्रधान को नोटिस भी भेजी गई इसके बाद भी उनके रवैए में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने प्रधान से 32000 रुपये की वसूली की संस्तुति डीएम से की है। पत्र में मांग की है कि प्रधान राजेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
वीडीओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
उन्नाव। वित्तीय वर्ष 2014-15 की समाप्ति में मात्र डेढ़ माह का समय शेष बचा है इसके बाद भी विकासखंड सिकंदरपुर करन की पांच ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं हुए। सीडीओ ने इन ग्राम पंचायतों से जुड़े वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीओ सिकंदरपुर करन ने वीडीओ कमलेश कुमार मिश्र, विनीत भारतीय, योगेश सिंह नीरज और संजीत कुमार कटियार से स्पष्टीकरण तलब किया है। विकासखंड से जुड़ी मगरवारा, सिकन्दरपुर करन, रजवाखेड़ा, रानीपुर व सुपासी में अब तक एक भी कार्य नहीं हुआ है। श्रमांश एवं सामग्री अंश पर धनराशि की उपभोग की स्थिति शून्य है। बीडीओ ने सभी अधिकारियों से दो दिन में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
वीडीओ सुरेश बहादुर ने बीडीओ से शिकायत की थी कि निर्मल भारत अभियान के तहत गांव में 79 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसकी धनराशि भी पिछले साल जारी कर दी गई थी।
विज्ञापन
गांव में जो शौचालय बने उसमें 38 शौचालय अपूर्ण हैं। प्रधान ने जो सामग्री मंगाई थी उसमें 25 बोरी सीमेंट व दो ट्राली मौरंग गायब कर दी गई। 32000 रुपये की चेक भी प्रधान ने आहरित कर ली। इसके बाद भी शौचालयों का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।
विज्ञापन
वर्ष 2014-15 में प्रधान ने मनरेगा के अंतर्गत समतलीकरण के दो कार्य बिना कराए ही एमआईएस फीडिंग करा दी। इस पर बीडीओ ने डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि प्रधान के सहयोग न करने से गांव मेें पूरी तरह से विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। पूर्व में प्रधान को नोटिस भी भेजी गई इसके बाद भी उनके रवैए में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने प्रधान से 32000 रुपये की वसूली की संस्तुति डीएम से की है। पत्र में मांग की है कि प्रधान राजेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
वीडीओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
उन्नाव। वित्तीय वर्ष 2014-15 की समाप्ति में मात्र डेढ़ माह का समय शेष बचा है इसके बाद भी विकासखंड सिकंदरपुर करन की पांच ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं हुए। सीडीओ ने इन ग्राम पंचायतों से जुड़े वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। बीडीओ सिकंदरपुर करन ने वीडीओ कमलेश कुमार मिश्र, विनीत भारतीय, योगेश सिंह नीरज और संजीत कुमार कटियार से स्पष्टीकरण तलब किया है। विकासखंड से जुड़ी मगरवारा, सिकन्दरपुर करन, रजवाखेड़ा, रानीपुर व सुपासी में अब तक एक भी कार्य नहीं हुआ है। श्रमांश एवं सामग्री अंश पर धनराशि की उपभोग की स्थिति शून्य है। बीडीओ ने सभी अधिकारियों से दो दिन में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।