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घर-घर जाकर भरे जाएंगे राशन कार्ड के फार्म
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 10 Mar 2015 11:38 PM IST
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उन्नाव। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्ड के लिए अब टीमें घर-घर जाकर फार्म भरेंगी। एक बार फिर से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों में बदलाव किया गया है। पहले आम लोगों को खुद फार्म भरकर विभाग में जमा करना था लेकिन अब फिर से कर्मचारी घरों में जाकर फार्म भरेंगे।
केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागू किया गया है। मौजूदा समय में इस अधिनियम के तहत राशनकार्ड बनवाने का काम तेजी के साथ चल रहा है। फरवरी में जारी किए गए आदेशों में बताया गया था कि ऐसे लोग जिनके पास पूर्व में कोई राशनकार्ड नहीं है उन्हें केवल सर्वे फार्म भरना था। फार्म तहसील, ब्लाक और पूर्ति विभाग के कार्यालय से प्राप्त किए जाने थे।
बाद में वहीं पर फार्म भरकर जमा होने थे। इसके बाद सत्यापन व फीडिंग का काम विभाग को करना था। अब एक बार फिर से इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में बदलाव कर दिया गया है।
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नए नियमों के अनुसार, ऐसे लोग जिनके पास कोई कार्ड नहीं है उन्हें खुद फार्म लाने और भरकर जमा करने की मशक्कत नहीं करनी होगी। सर्वे फार्म भरवाने के लिए खुद अधिकारी/कर्मचारी घर जाएंगे। इसके लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। नगर पंचायतों में निकायकर्मी और ग्रामसभाओं में ब्लाक कर्मचारी सर्वे करके फार्म भरेंगे।
64 फीसदी शहरी और 79 ग्रामीणों के बनेंगे कार्ड
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 64.43 प्रतिशत शहरी और 79.63 फीसदी ग्रामीणों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे। इसमें महिला मुखिया के नाम से ही कार्ड बनेंगे। यदि परिवार में 18 वर्ष से कम आयु की कोई महिला है तो उसके बालिग होने तक वरिष्ठ पुरुष सदस्य के नाम से राशनकार्ड जारी किया जाएगा। जैसे ही महिला 18 साल की होगी वैसे ही पुरुष सदस्य के स्थान पर उसे ही गृहस्थी की मुखिया मानकर राशनकार्ड बना दिया जाएगा।
यह नहीं होंगे पात्र
यदि व्यक्ति के पास चार पहिया वाहन है। घर में एसी और 5 केवीए या उससे अधिक का जनरेटर है। परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया का आवासीय फ्लैट है। शस्त्र लाइसेंस होने या परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होने पर वह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर होगा।
फार्म भरने के साथ ही होगा सत्यापन
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्ड के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। कर्मचारी घरों में जाकर फार्म भरने के साथ ही सत्यापन भी करेंगे। - विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम पुरवा व प्रभारी डीएसओ।
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केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागू किया गया है। मौजूदा समय में इस अधिनियम के तहत राशनकार्ड बनवाने का काम तेजी के साथ चल रहा है। फरवरी में जारी किए गए आदेशों में बताया गया था कि ऐसे लोग जिनके पास पूर्व में कोई राशनकार्ड नहीं है उन्हें केवल सर्वे फार्म भरना था। फार्म तहसील, ब्लाक और पूर्ति विभाग के कार्यालय से प्राप्त किए जाने थे।
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बाद में वहीं पर फार्म भरकर जमा होने थे। इसके बाद सत्यापन व फीडिंग का काम विभाग को करना था। अब एक बार फिर से इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में बदलाव कर दिया गया है।
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नए नियमों के अनुसार, ऐसे लोग जिनके पास कोई कार्ड नहीं है उन्हें खुद फार्म लाने और भरकर जमा करने की मशक्कत नहीं करनी होगी। सर्वे फार्म भरवाने के लिए खुद अधिकारी/कर्मचारी घर जाएंगे। इसके लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। नगर पंचायतों में निकायकर्मी और ग्रामसभाओं में ब्लाक कर्मचारी सर्वे करके फार्म भरेंगे।
64 फीसदी शहरी और 79 ग्रामीणों के बनेंगे कार्ड
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 64.43 प्रतिशत शहरी और 79.63 फीसदी ग्रामीणों के राशनकार्ड बनाए जाएंगे। इसमें महिला मुखिया के नाम से ही कार्ड बनेंगे। यदि परिवार में 18 वर्ष से कम आयु की कोई महिला है तो उसके बालिग होने तक वरिष्ठ पुरुष सदस्य के नाम से राशनकार्ड जारी किया जाएगा। जैसे ही महिला 18 साल की होगी वैसे ही पुरुष सदस्य के स्थान पर उसे ही गृहस्थी की मुखिया मानकर राशनकार्ड बना दिया जाएगा।
यह नहीं होंगे पात्र
यदि व्यक्ति के पास चार पहिया वाहन है। घर में एसी और 5 केवीए या उससे अधिक का जनरेटर है। परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया का आवासीय फ्लैट है। शस्त्र लाइसेंस होने या परिवार के पास 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होने पर वह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर होगा।
फार्म भरने के साथ ही होगा सत्यापन
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्ड के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। कर्मचारी घरों में जाकर फार्म भरने के साथ ही सत्यापन भी करेंगे। - विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम पुरवा व प्रभारी डीएसओ।