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वसूली से बचने के लिए कार्ड सरेंडर के लिए लगी दौड़
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उन्नाव। तीन दिन छुट्टी के बाद मंगलवार को जिला पूर्ति कार्यालय खुला तो राशनकार्ड सरेंडर करने वाले अपात्रों की भीड़ जुट गई। हालांकि शासन ने समयावधि बढ़ाकर 20 मई कर दी है लेकिन वसूली के डर से कार्ड लौटाने वालों की संख्या बढ़ गई।
कोरोना काल में सरकार ने राशन कार्ड बनवाने में छूट दी तो इसका फायदा हर किसी ने उठाया। सरकारी नौकरी, घर, कार और सुविधा होने के बाद भी अपात्र राशन कार्ड के हकदार बन गए। अब शासन ने अपात्रों को बाहर करने का निर्देश दिया है। जिसके कारण पिछले 15 दिनों से अपात्र राशन कार्ड जमा कर रहे है। मंगलवार को जिला पूर्ति कार्यालय में कार्ड जमा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हाल यह हो गया कि पूर्ति कार्यालय के कर्मचारियों को आगे आना पड़ा। 2006 राशन कार्ड जमा किए गए।
मोबाइल से होगा सर्वे
राशन कार्ड जमा होने के बाद कार्डधारकों के मोबाइल पर संपर्क किया जाएगा तथा फिर उनसे माली हालत की जानकारी ली जाएगी। वहीं पूर्ति विभाग हर तहसील में अलग से सर्वे कराएगा। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि यदि किसी ने कार्रवाई के डर से राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है और वह पात्र है तो उसका पता लग सके।
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ये भी चर्चा रही
चिलचिलाती धूप में पूर्ति कार्यालय के बाहर खड़े एक शिक्षक बात कर रहे थे कि अगस्त 2021 में राशन कार्ड बनवा लिया। मालूम नहीं था कि राशन कार्ड अपात्र हो जाएगा। रिकवरी न हो इसलिए राशन कार्ड जमा कर दिया। शिक्षक बोले की लगता है कि शासन स्तर पर राशन का कोटा खत्म करने की भी तैयारी चल रही है।
वहीं जिला पूर्ति कार्यालय के बाहर खड़ी एक महिला अन्य लोगों से कार्ड सरेंडर करने के बारे में जानकारी लेती रही। बताया कि उसका व्यापार है तथा वह जीएसटी भरती है। वह किस तरह कार्ड सरेंडर करे, इस पर लोगों ने महिला को बताया कि प्रार्थना पत्र, राशन कार्ड, आधार नंबर की फोटोकॉपी और मोबाइल नंबर देना होगा।
अब तक सरेंडर राशनकार्ड
हसनगंज 590
पुरवा 501
सफीपुर 1025
बांगरमऊ 2200
सदर 1230
शहर 1200
गंगाघाट 863
जो लोग राशन कार्ड सरेंडर करे रहे हैं उनका मोबाइल से सर्वे भी होगा ताकि किसी पात्र का राशन कार्ड न कटे। वहीं विभागीय स्तर पर भी अलग से सर्वे कराया जाएगा। मंगलवार को सबसे अधिक 2006 राशन कार्ड सरेंडर किए गए। - रामेश्वर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
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कोरोना काल में सरकार ने राशन कार्ड बनवाने में छूट दी तो इसका फायदा हर किसी ने उठाया। सरकारी नौकरी, घर, कार और सुविधा होने के बाद भी अपात्र राशन कार्ड के हकदार बन गए। अब शासन ने अपात्रों को बाहर करने का निर्देश दिया है। जिसके कारण पिछले 15 दिनों से अपात्र राशन कार्ड जमा कर रहे है। मंगलवार को जिला पूर्ति कार्यालय में कार्ड जमा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हाल यह हो गया कि पूर्ति कार्यालय के कर्मचारियों को आगे आना पड़ा। 2006 राशन कार्ड जमा किए गए।
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मोबाइल से होगा सर्वे
राशन कार्ड जमा होने के बाद कार्डधारकों के मोबाइल पर संपर्क किया जाएगा तथा फिर उनसे माली हालत की जानकारी ली जाएगी। वहीं पूर्ति विभाग हर तहसील में अलग से सर्वे कराएगा। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि यदि किसी ने कार्रवाई के डर से राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है और वह पात्र है तो उसका पता लग सके।
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चिलचिलाती धूप में पूर्ति कार्यालय के बाहर खड़े एक शिक्षक बात कर रहे थे कि अगस्त 2021 में राशन कार्ड बनवा लिया। मालूम नहीं था कि राशन कार्ड अपात्र हो जाएगा। रिकवरी न हो इसलिए राशन कार्ड जमा कर दिया। शिक्षक बोले की लगता है कि शासन स्तर पर राशन का कोटा खत्म करने की भी तैयारी चल रही है।
वहीं जिला पूर्ति कार्यालय के बाहर खड़ी एक महिला अन्य लोगों से कार्ड सरेंडर करने के बारे में जानकारी लेती रही। बताया कि उसका व्यापार है तथा वह जीएसटी भरती है। वह किस तरह कार्ड सरेंडर करे, इस पर लोगों ने महिला को बताया कि प्रार्थना पत्र, राशन कार्ड, आधार नंबर की फोटोकॉपी और मोबाइल नंबर देना होगा।
अब तक सरेंडर राशनकार्ड
हसनगंज 590
पुरवा 501
सफीपुर 1025
बांगरमऊ 2200
सदर 1230
शहर 1200
गंगाघाट 863
जो लोग राशन कार्ड सरेंडर करे रहे हैं उनका मोबाइल से सर्वे भी होगा ताकि किसी पात्र का राशन कार्ड न कटे। वहीं विभागीय स्तर पर भी अलग से सर्वे कराया जाएगा। मंगलवार को सबसे अधिक 2006 राशन कार्ड सरेंडर किए गए। - रामेश्वर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी