रमचरामऊ पहला खुले में शौच मुक्त गांव
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विकासखंड सिकंदरपुर करन की ग्राम पंचायत कटरी अलुवापुर सरेसा के मजरे रमचरामऊ जिले का पहला शौच मुक्त गांव बना गया है। शुक्रवार को डीएम सुरेंद्र सिंह, एसपी नेहा पांडेय, सीडीओ संजीव सिंह, डीडीओ नरेशबाबू गांव पहुंचे और जागरूक ग्रामीणों की पीठ थपथपाई। 72 घरों वाले इस गांव में शासन की पहल पर सभी घरों में शौचालयों का निर्माण और उसका प्रयोग किया जा रहा है। इस कार्य के लिए गांव को पंद्रह लाख रुपये और दिए जाएंगे। जिससे गांव का सीवेज सिस्टम दुरुस्त कराया जा सकेगा।
इस पहल को कामयाबी दिलाने में निगरानी समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद्र, रेनू और झब्बो देवी, प्रेरक यशु अवस्थी, ग्राम प्रधान मेदा देवी, एडीओ पंचायत जितेंद्र बहादुर सिंह और खंड विकास अधिकारी साधना दीक्षित को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार सिर्फ प्रोत्साहन और पुरस्कार राशि देती है, करना तो लोगों को ही होता है। डीएम ने कहा कि जिले में 1044 गांव हैं लेकिन सिर्फ छह गांवों ने ही इस सुंदर अभियान को अपनाया है। रमचरामऊ सबसे पहले इस अभियान में सफल हुआ है।
महिला अपराधों पर लगेगा अंकुश- एसपी नेहा पांडेय
एसपी नेे कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ सबसे ज्यादा अपराध खुले में शौच जाने के समय ही होते हैं। यदि गांव में हर घर में शौचालय होगा तो अपराधों में कमी आएगी। कार्यक्रम के बाद स्कूली बच्चों ने गौरवयात्रा निकाल कर सारे गांव का भ्रमण करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। संचालन डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर एडीओ समाज कल्याण मोहनीशंकर पांडेय, सचिव अरुण शुक्ला, अभय कुमार, आशीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे ।
पांच अन्य गांवों भी कतार में
जिला प्रशासन के अधिकारियों के दावों की मानें तो रमचरामऊ के साथ ही जिले के पांच अन्य गांव भी खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। इनमें सरोसी का मिर्जापुर, कनिकामऊ, पुरवा का रावतपुर, सुमेरपुर का बक्सर, करन का कटरी अलुहापुर सरेसा है। इनमें कनिकामऊ, बक्सर व कटरीअलुहापुर सरेसा में शनिवार को गौरव यात्रा निकाली जाएगी।