फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   problem

ग्रामीण खतरे से बचे पर परेशानी बरकरार

Fri, 15 Jan 2021 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2021 11:56 PM IST
विज्ञापन
problem
बीघापुर के दूलीखेड़ा पांडु नदी पर बने लकड़ी के पुल को हटाते श्रमिक। - फोटो : UNNAO
बीघापुर। जिला प्रशासन ने खतरे को देखते हुए पांडु नदी के टूटे पुल पर ग्रामीणों द्वारा बनाए गए बांस-बल्ली के पुल को शुक्रवार को हटवा दिया। इससे ग्रामीण खतरे से तो बच गए हैं, लेकिन परेशानी बरकरार है। डीएम ने बताया कि सेतु निगम को पीपा पुल या अन्य कोई वैकल्पिक रास्ता बनाने के लिए कार्य योजना बनाने को कहा गया है।
विज्ञापन

ग्रामसभा दूलीखेड़ा व लालाखेड़ा के मजरों को आपस में जोड़ने के लिए वर्ष 2009-10 में ग्राम पंचायत द्वारा पक्के पुल का निर्माण कराया गया था। उसी वर्ष बाढ़ आ जाने से 15 मीटर हिस्सा बह गया था। ग्रामीण शेष बचे पुल के हिस्से पर बांस- बल्ली का अस्थाई रास्ता बनाकर आवागमन कर रहे थे। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने मौके पर जांच के लिए पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम की टीम को भेजा था। टीम ने जांच के बाद पुल निर्माण पंचायतीराज विभाग द्वारा कराए जाने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन

दूसरे दिन डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने डीएम को दी गई जांच रिपोर्ट में पुल से आवागमन को खतरनाक बताया था। बाकी बचा पुल भी काफी जर्जर होने और कभी भी टूटकर गिरने की रिपोर्ट दी थी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम रवींद्र कुमार ने खतरे वाले पुल से आवागमन रोकने के निर्देश दिए थे। ग्राम पंचायत की ओर से पुल के दोनों तरफ आवागमन को प्रतिबंधित करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। शुक्रवार को बक्सर चौकी इंचार्ज आशुतोष मिश्र मौके पर पहुंचे और मजदूरों से पुल का बांस, बल्ली वाला हिस्सा गिरवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

नदी पार करेंगे या 10 किमी का चक्कर
पुल से आवागमन के लिए बनाए गए लकड़ी के एप्रोच को तोड़ने के बाद ग्रामीणों ने जल्द पुल या वैकल्पिक रास्ता बनाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि दूसरी तरफ जाने के लिए या तो नदी पार करनी होगी या 10 किमी का चक्कर लगाना होगा। चौड़ा पुरवा निवासी आशीष यादव ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए इसी पुल से फतेहपुर चौडगरा जाते हैं। अब पुल के हट जाने के बाद 10 किमी का चक्कर लगाकर जाना होगा। किसान रामसुमेर, ब्रजपाल, गोविंद, राम किशोर ने बताया कि प्रशासन को कोई वैकिल्पक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed