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बंदी ने अपनी गर्दन में मार ली ब्लेड

Thu, 07 Jan 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
अमर उजाला, उन्नाव Updated Thu, 07 Jan 2016 12:41 AM IST
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Prisoners had a blade in his neck

कोर्ट में पेशी पर आए बंदी ने गले में ब्लेड मारकर खुद को घायल कर लिया। बंदी को लहूलुहान देख हड़कंप मच गया। हवालात ड्यूटी में तैनात सिपाही की सूचना पर पहुंची क्यूआरटी ने बंदी को आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया इलाज के बाद बंदी को जेल भेज दिया गया। जेल अधिकारियों के मुताबिक जेल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। जेल अधीक्षक आरएन पांडेय के मुताबिक बंदी शातिर अपराधी है और पुलिस पर जानलेवा हमला करने में 17 महीने से जेल में है। वहीं बंदी व उसकी मां ने पुलिस पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने व उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है।

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जेल में बंद गंगाघाट के नेहरूनगर निवासी मोहित सिंह पुत्र कपूर सिंह की बुधवार को न्यायालय में पेशी थी। उस पर जुए को लेकर विवाद करने और एसआई प्रमोद दुबे व अन्य पुलिसकर्मियों पर तमंचे से फायर करने का आरोप है। बुधवार दोपहर करीब तीस बंदी बंदी वाहन में थे। इसी दौरान मोहित ने गले पर हमला कर खुद को लहूलुहान कर लिया। बंदी को  पुलिस ने आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल अफसर) डा. गौरव अग्रवाल ने मरहम पट्टी की। उन्होंने बंदी की हालत खतरे से बाहर बताई है। जिला अस्पताल में बंदी ने जेलर और डिप्टी जेलर पर जेल के दबंग बंदियों को शह देकर उसे पिटवाने का आरोप लगाया। उसने बताया कि जेल अधिकारियों की शह पर जेल में एक बंदी मादक पदार्थों की बिक्री और फोन कराने के लिए रुपयों की वसूली करता है। इसका विरोध करने पर जेल अधिकारियों ने बंदियों से उसकी पिटाई कराई। वहीं जिला अस्पताल पहुंची बंदी की मां माया ने पुलिस पर उसके बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि जुए के विवाद और पुलिस पर फायरिंग की घटना में पुलिस ने अनुराग नाम के युवक और उसके साथी को पकड़ा था बाद में एक युवक को छोड़ दिया और मोहित को फंसा दिया। मां माया ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। जेल अधीक्षक आरएन पांडेय ने बताया कि  बैरिक नंबर तीन में बंदी आपस में साठगांठ कर अनर्गल हरकतें कर रहे थे। इस गोलबंदी को तोड़ने के लिए जेलर पंकज सिंह ने सुनील नाम के बंदी को भी उसी बैरिक में भेज दिया था। इसके चलते बंदियों में मारपीट हुई थी।
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इनसेट
बंदी के पास कहां से आई ब्लेड
बंदी को जेल से सीधे पुलिस वैन में बैठाया गया था। जब उसने खुद को घायल किया  बंदी के मुताबिक वह ब्लेड जेल से ही लेकर आया था। हालांकि सिपाही राकेश पांडेय का कहना है कि बंदी के पास ब्लेड नहीं थी उसने पुलिस वैन में निकली एक पत्ती में अपनी गर्दन रगड़ कर खुद को घायल कर लिया।
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इनसेट
मामले की जांच होगी. एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जिस स्तर से लापरवाही हुई होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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