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Unnao News: जांच टीम के सवालों का जवाब नहीं दे सका पोल्ट्री फार्म संचालक
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नवाबगंज। ब्लाक क्षेत्र के रुदवारा गांव की आबादी क्षेत्र में चल रहे पोल्ट्री फार्म का एसडीएम व जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चार सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को यहां गंदगी, दुर्गंध सहित तमाम खामियां मिली हैं।
डीएम गौरांग राठी की ओर से गठित की गई टीम में शामिल एसडीएम हसनगंज हिमांशु गुप्ता ने रुदवारा गांव पहुंचकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्म के अंदर व बाहरी क्षेत्र की गहनता से जांच की। एसडीएम ने बताया कि पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट देखी है। पोल्ट्री फार्म संचालक से गांव में गंदगी, बदबू व मक्खियां पनपने के बारे में पूछताछ की गई तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पोल्ट्री फार्म हाउस के दस्तावेज में भी बड़े पैमाने पर घालमेल व अनियमितताएं मिली हैं। मुर्गियों से निकलने वाली गंदगी का भंडारण उसी प्लांट व खेत के अगल बगल किया गया था। मरी मुर्गियों के निस्तारण पर भी टीम को मानक पूरे नहीं मिले हैं। एसडीएम ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे। ग्रामीणों के स्वास्थ्य को देखते हुए वह अपने स्तर से भी कार्रवाई करेंगे।
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बीमार हो रहे ग्रामीण
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि पोल्ट्री फार्म संचालक प्रतिबंधित लुबान दवा का छिड़काव करा रहे हैं। जिससे बच्चे, जवान व बूढ़े सभी टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। पालतू पशुओं में लंपी बीमारी लग रही है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डाॅ. अनिल माथुर ने पोल्ट्री फार्म को विभाग से कोई भी अनुमति पत्र जारी न होने के बात बताई है। कहा कि पूर्व में एक बार विभाग के पास आवेदन आया था लेकिन आबादी के पास पोल्ट्री फार्म होने के चलते अनुमति नहीं दी गई थी।
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डीएम गौरांग राठी की ओर से गठित की गई टीम में शामिल एसडीएम हसनगंज हिमांशु गुप्ता ने रुदवारा गांव पहुंचकर पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्म के अंदर व बाहरी क्षेत्र की गहनता से जांच की। एसडीएम ने बताया कि पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट देखी है। पोल्ट्री फार्म संचालक से गांव में गंदगी, बदबू व मक्खियां पनपने के बारे में पूछताछ की गई तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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पोल्ट्री फार्म हाउस के दस्तावेज में भी बड़े पैमाने पर घालमेल व अनियमितताएं मिली हैं। मुर्गियों से निकलने वाली गंदगी का भंडारण उसी प्लांट व खेत के अगल बगल किया गया था। मरी मुर्गियों के निस्तारण पर भी टीम को मानक पूरे नहीं मिले हैं। एसडीएम ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे। ग्रामीणों के स्वास्थ्य को देखते हुए वह अपने स्तर से भी कार्रवाई करेंगे।
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बीमार हो रहे ग्रामीण
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि पोल्ट्री फार्म संचालक प्रतिबंधित लुबान दवा का छिड़काव करा रहे हैं। जिससे बच्चे, जवान व बूढ़े सभी टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। पालतू पशुओं में लंपी बीमारी लग रही है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डाॅ. अनिल माथुर ने पोल्ट्री फार्म को विभाग से कोई भी अनुमति पत्र जारी न होने के बात बताई है। कहा कि पूर्व में एक बार विभाग के पास आवेदन आया था लेकिन आबादी के पास पोल्ट्री फार्म होने के चलते अनुमति नहीं दी गई थी।