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आलू पर मंदी, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:16 AM IST
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अकरमपुर स्थित कोल्ड स्टोरेज में भंडारण के लिए पिकअप में रखी आलू की बोरियां।
- फोटो : अमर उजाला
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सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू ने इस बार किसानों को तगड़ा झटका दिया है। होली जैसे त्योहार के समय में भी आलू माटी के मोल बिक रही है। किसानों को बाजार में थोक रेट 300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। ऐसे में उन्हें लागत निकालना मुश्किल होता जा रहा है। यह स्थिति तब है जब अभी आलू की खुदाई शुरू ही हुई है।
उद्यान विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस बार 10450 हेक्टेअर क्षेत्रफल में आलू की बुआई की गई थी। अब फसल तैयार होने पर किसानों ने आलू खोदना शुरू कर दिया है। जानकारों की मानें तो होली के त्योहार में आलू महंगा हो जाता है, क्योंकि इस त्योहार में आलू के चिप्स व अन्य सामान बनाए जाते हैं। किसान भी होली से पहले इसी आशा से आलू खोदता है कि उसे अच्छे दाम मिल जाएंगे। मगर इस बार ठीक उलटा हो रहा है।
होली के त्योहार में महज 10 दिन का ही समय शेष है। ऐसे में अभी आलू के रेट काफी कम है। बाजार में थोक रेट तो 300 रुपये प्रति क्विंटल हैं। फुटकर में 20 रुपये की तीन किलो के रेट पर आलू बिक रही है। रेट कम मिलने के कारण अधिकांश किसान अब आलू खोदकर कोल्ड स्टोरेज में रखने जा रहे हैं। इसके कारण शीतालयों के बाहर आलू के बोरे लदे ट्रैक्टर ट्राली आसानी से देखे जा सकते हैं।
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मौजूदा समय में आलू की खुदाई चालू है। ऐसे में अभी पैदावार का पूरा आंकड़ा नहीं आ पाया है लेकिन जानकार पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा पैदावार होने की उम्मीद जता रहे हैं। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी इस बार आलू का रिकार्ड उत्पादन होने की बात कही है। जिले में पिछले सीजन में एक लाख छह हजार 731 टन आलू की पैदावार हुई थी। इस बार पैदावार का लक्ष्य लगभग 176650 टन है। जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष इस बार भी आलू का उत्पादन होगा।
वैसे जिले में कुल कोल्डस्टोरेज की संख्या 18 है। इनकी भंडारण क्षमता 131075 मीट्रिकटन है। जिला उद्यान अधिकारी के मुताबिक कुल उत्पादन करीब 25 से 30 प्रतिशत आलू बाजार में बिक्री के लिए रहता है। शेष का भंडारण करने के लिए जिले में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज हैं। जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र शुक्ला की मानें तो होली के बाद आलू के रेट बढ़ सकते हैं। क्योंकि मौजूदा समय में अधिकांश किसान अपनी उपज कोल्डस्टोरेज में भंडारित करने में लगे हैं।
उद्यान विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस बार 10450 हेक्टेअर क्षेत्रफल में आलू की बुआई की गई थी। अब फसल तैयार होने पर किसानों ने आलू खोदना शुरू कर दिया है। जानकारों की मानें तो होली के त्योहार में आलू महंगा हो जाता है, क्योंकि इस त्योहार में आलू के चिप्स व अन्य सामान बनाए जाते हैं। किसान भी होली से पहले इसी आशा से आलू खोदता है कि उसे अच्छे दाम मिल जाएंगे। मगर इस बार ठीक उलटा हो रहा है।
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होली के त्योहार में महज 10 दिन का ही समय शेष है। ऐसे में अभी आलू के रेट काफी कम है। बाजार में थोक रेट तो 300 रुपये प्रति क्विंटल हैं। फुटकर में 20 रुपये की तीन किलो के रेट पर आलू बिक रही है। रेट कम मिलने के कारण अधिकांश किसान अब आलू खोदकर कोल्ड स्टोरेज में रखने जा रहे हैं। इसके कारण शीतालयों के बाहर आलू के बोरे लदे ट्रैक्टर ट्राली आसानी से देखे जा सकते हैं।
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मौजूदा समय में आलू की खुदाई चालू है। ऐसे में अभी पैदावार का पूरा आंकड़ा नहीं आ पाया है लेकिन जानकार पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा पैदावार होने की उम्मीद जता रहे हैं। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी इस बार आलू का रिकार्ड उत्पादन होने की बात कही है। जिले में पिछले सीजन में एक लाख छह हजार 731 टन आलू की पैदावार हुई थी। इस बार पैदावार का लक्ष्य लगभग 176650 टन है। जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष इस बार भी आलू का उत्पादन होगा।
वैसे जिले में कुल कोल्डस्टोरेज की संख्या 18 है। इनकी भंडारण क्षमता 131075 मीट्रिकटन है। जिला उद्यान अधिकारी के मुताबिक कुल उत्पादन करीब 25 से 30 प्रतिशत आलू बाजार में बिक्री के लिए रहता है। शेष का भंडारण करने के लिए जिले में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज हैं। जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र शुक्ला की मानें तो होली के बाद आलू के रेट बढ़ सकते हैं। क्योंकि मौजूदा समय में अधिकांश किसान अपनी उपज कोल्डस्टोरेज में भंडारित करने में लगे हैं।