{"_id":"6165a2418ebc3e05c56b6213","slug":"political-unnao-news-knp6578516129","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश को एनसीसी कैडेट्स से दिला दी सलामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश को एनसीसी कैडेट्स से दिला दी सलामी
विज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का काफिला गुजरने के दौरान सलामी देते एनसीसी कैडे्टस। संवाद
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवाबगंज। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुश करने की मंशा से सपा नेता ने प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए खुद के विद्यालय में पढ़ने वाले एनसीसी कैडे्टस से सलामी दिला दी। हालांकि अध्यक्ष कार से नीचे नहीं उतरे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर लोगों ने आपत्ति जताई है।
खुद को सपा नेता कहने वाले अरुण पटेल भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव कानपुर से शुरू होने वाली विजय यात्रा में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे थे। अध्यक्ष को खुश करने की मंशा से से अरुण पटेल ने अजगैन के पाली गांव के पास स्वागत की तैयारी की थी। यहां पर एनसीसी कैडे्टस खड़े थे। अखिलेश का काफिला आते ही एनसीसी कैडे्टस हाथ में लिए ढोल मंजीरा बजाने लगे। आगे खड़े कैड्ेटस ने सैल्यूट कर दिया। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष बिना रुके ही सीधे आगे बढ़ गए। कुछ ही देर में कैडेट्स का सलामी देते वीडियो वायरल हुआ तो चकचक शुरू हो गई। बताया गया है कि अरुण पटेल के कानपुर में कई कालेज हैं। वहीं से एनसीसी कैडे्टस लाए गए थे। अरुण पटेल से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
57वीं बटालियन के सभी कैडेट्स ट्रेनिंग के लिए कानपुर की रेजीमेंट में हैं। स्वागत में उनका कोई कैडेट्स नहीं गया है। एनसीसी के अनुशासन प्रोटोकॉल के तहत किसी भी राजनीतिक व्यक्ति का स्वागत और उसे सलामी नहीं दी जा सकती है। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। संवैधानिक पद या सरकार में शामिल मंत्री व मुख्यमंत्री को सलामी दी जा सकती है। ।
विज्ञापन
-लीलाराम, सूबेदार मेजर 57वीं बटालियन
राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले के साथ मेरी भी गाड़ी चल रही थी। एक स्थान पर कुछ एनसीसी कैड्ेटस खड़े नजर आए थे। हालांकि अध्यक्ष नीचे नहीं उतरे थे। एनसीसी कैडे्टस को स्वागत समारोह में लाने के प्रोटोकाल की जानकारी नहीं है।
-धर्मेेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष सपा
विज्ञापन
खुद को सपा नेता कहने वाले अरुण पटेल भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव कानपुर से शुरू होने वाली विजय यात्रा में शामिल होने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे थे। अध्यक्ष को खुश करने की मंशा से से अरुण पटेल ने अजगैन के पाली गांव के पास स्वागत की तैयारी की थी। यहां पर एनसीसी कैडे्टस खड़े थे। अखिलेश का काफिला आते ही एनसीसी कैडे्टस हाथ में लिए ढोल मंजीरा बजाने लगे। आगे खड़े कैड्ेटस ने सैल्यूट कर दिया। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष बिना रुके ही सीधे आगे बढ़ गए। कुछ ही देर में कैडेट्स का सलामी देते वीडियो वायरल हुआ तो चकचक शुरू हो गई। बताया गया है कि अरुण पटेल के कानपुर में कई कालेज हैं। वहीं से एनसीसी कैडे्टस लाए गए थे। अरुण पटेल से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन
57वीं बटालियन के सभी कैडेट्स ट्रेनिंग के लिए कानपुर की रेजीमेंट में हैं। स्वागत में उनका कोई कैडेट्स नहीं गया है। एनसीसी के अनुशासन प्रोटोकॉल के तहत किसी भी राजनीतिक व्यक्ति का स्वागत और उसे सलामी नहीं दी जा सकती है। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। संवैधानिक पद या सरकार में शामिल मंत्री व मुख्यमंत्री को सलामी दी जा सकती है। ।
विज्ञापन
-लीलाराम, सूबेदार मेजर 57वीं बटालियन
राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले के साथ मेरी भी गाड़ी चल रही थी। एक स्थान पर कुछ एनसीसी कैड्ेटस खड़े नजर आए थे। हालांकि अध्यक्ष नीचे नहीं उतरे थे। एनसीसी कैडे्टस को स्वागत समारोह में लाने के प्रोटोकाल की जानकारी नहीं है।
-धर्मेेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष सपा