उन्नाव। सरकार भले ही खाकी को हाईटेक करने में जुटी हो पर पुलिस अपनी पुरानी चाल बदलने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि आम तौर पर धरना-प्रदर्शन, वाहन चेकिंग और विवेचना के दौरान आरोप लगने पर पुलिस को असहज स्थितियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस को इस संकट से उबारने के लिए तीन साल पहले 14 बॉडी वार्म कैमरे देकर हाईटेक किया गया था। हालांकि कुछ दिन उपयोग में लाने के बाद पुलिस ने इन्हें मालखाने में रखवा दिया। पिछले कुछ दिन से पुलिस पर लग रहे आरोपों को देखते हुए एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को ड्यूटी के दौरान बॉडी वार्म कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
धरना प्रदर्शन, वाहन चेकिंग के साथ अन्य स्थानों पर पुलिस को लोगों के गुस्से का सामना कर अभद्रता का शिकार होना पड़ता है। पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई की जाती है। ठोस सबूत न होने से कोर्ट से उन्हें राहत मिल जाती है। पुलिस को इस समस्या से घिरा देख पूर्व एसपी नेहा पांडेय ने पुलिस को बॉडी वार्म कैमरे दिए थे। कुछ दिन तक उपयोग में लाने के बाद कैमरों को मालखाने में रखवा दिया गया। हाल ही में औरास समेत अन्य जगहों पर पुलिस कर्मियों के पर लगे आरोपों को देखते हुए एसपी आनंद कुलकर्णी ने सभी थानाध्यक्षों को बॉडी वार्म कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जो थानेदार या चैकी इंचार्ज बिना बॉडी वार्न कैमरे के दिखें तो कार्रवाई होगी। एसपी ने जल्द ही और नए कैमरे मंगवाने की बात भी कही है।