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शव रखकर फैक्टरी गेट पर प्रदर्शन
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फैक्टरी गेट के बाहर मौजूद परिजन ।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कपड़ा फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर का शव गांव के बाहर बाग में मिला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी गेट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस के हस्तक्षेप पर 1.35 लाख में समझौता हो गया। इसके बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए।
हिंदूखेड़ा गांव निवासी 45 वर्षीय राधेश्याम पाल मगरवारा स्थित एक कपड़ा फैक्टरी में काज-बटन मशीन चलाता था। बेटे सचिन के अनुसार गुुरुवार रात ड्यूटी के बाद पिता घर नहीं पहुंचे। मोबाइल पर लगातार घंटी जाने और फोन न उठने पर अनहोनी की आशंका पर तलाश शुरू की गई। रात एक बजे गांव के बाहर यूकेलिप्टस की बाग में उसका शव मिला। नाक व मुंह से खून निकलता देख पुलिस को सूचना दी गई।
सीओे कृपाशंकर व सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र मौके पर पहुंचे और जांच की। सीओ के अनुसार मृतक के शरीर पर कोई चोट नहीं दिखी है। उसका मोबाइल भी पास में पड़ा मिला। इसमें परिजनाें की 35 मिस कॉल मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर के शक पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
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पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर फैक्टरी गेट पर पहुंचे और मुआवजे को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। मगरवारा चौकी प्रभारी ने प्रबंधन से बात की। प्रबंधन की ओर से 1.35 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने पर परिजन शव लेकर चले गए। राधेश्याम की मौत से बेटा सचिन, मनीष, दो बेटियां और पत्नी नन्ही देवी का रोकर बुरा हाल है।
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हिंदूखेड़ा गांव निवासी 45 वर्षीय राधेश्याम पाल मगरवारा स्थित एक कपड़ा फैक्टरी में काज-बटन मशीन चलाता था। बेटे सचिन के अनुसार गुुरुवार रात ड्यूटी के बाद पिता घर नहीं पहुंचे। मोबाइल पर लगातार घंटी जाने और फोन न उठने पर अनहोनी की आशंका पर तलाश शुरू की गई। रात एक बजे गांव के बाहर यूकेलिप्टस की बाग में उसका शव मिला। नाक व मुंह से खून निकलता देख पुलिस को सूचना दी गई।
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सीओे कृपाशंकर व सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र मौके पर पहुंचे और जांच की। सीओ के अनुसार मृतक के शरीर पर कोई चोट नहीं दिखी है। उसका मोबाइल भी पास में पड़ा मिला। इसमें परिजनाें की 35 मिस कॉल मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर के शक पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
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पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर फैक्टरी गेट पर पहुंचे और मुआवजे को लेकर प्रदर्शन शुरू किया। मगरवारा चौकी प्रभारी ने प्रबंधन से बात की। प्रबंधन की ओर से 1.35 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने पर परिजन शव लेकर चले गए। राधेश्याम की मौत से बेटा सचिन, मनीष, दो बेटियां और पत्नी नन्ही देवी का रोकर बुरा हाल है।