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इस बार गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पर बताना होगा ओटीपी
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उन्नाव। इस बार गेहूं खरीद में शासन ने और सख्ती की है। अब बिना मोबाइल नंबर के गेहूं बेचने से पहले कराए जाने वाला पंजीकरण नहीं होगा। किसान के मोबाइल पर ही ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जाएगा। इस ओटीपी नंबर के बताने के बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान के लिए किसानों को बैंक संबंधी सारी डिटेल भी देनी होगी।
जनपद में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। खरीद से पहले किसानों को विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण भी कराना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार पंजीकरण में मोबाइल अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के समय मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। इसी नंबर पर ओटीपी आएगी। पांच मिनट के अंदर ओटीपी मोबाइलधारक को बतानी होगी। ओटीपी दर्ज करने के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजू कुलश्रेष्ठ रबी विपणन वर्ष 2020-21 में सरकारी गेहूं की बिक्री के लिए कृषकों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए किसान पंजीकरण के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं। बताया कि किसानों को अपना बैंक खाता सीबीएसयुक्त शाखा में खुलवाना पड़ेगा। जिसमें पीएफ एमएस के माध्यम से तुरंत खाते में भुगतान जा सके।
यही नहीं संयुक्त बैंक खाते के स्थान पर किसानों को एकल बैंक खाते को ही पंजीकरण में दर्ज क राना होगा। जो किसान 2019-20 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं उन्हें गेहूं में पुन: रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। हालांकि पंजीकरण को संशोधित या बिना संशोधन के पुन: लॉक कराना जरूरी होगा। यह पंजीकरण कृषक स्वयं जनसूचना केंद्र अथवा साइबर कैफे के माध्यम से करा सकेंगे। वहीं, जो किसान 100 क्विंटल से अधिक के गेहूं की बिक्री करेगा तो खरीद से पहले उसका उपाजिलाधिकारी से ऑनलाइन सत्यापन कराया जाएगा।
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शासन ने इस बार खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले साल समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार 85 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 20 रुपये प्रति क्विंटल छनाई व उतराई आदि के अतिरिक्त मिलेंगे। गेहूं बेचने के समय किसान को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पैसा केंद्र प्रभारी को देना होगा। बाद में पैसा उसके खाते में भेजा जाएगा।
भूमि के विवरण (खतौनी) की कंप्यूटराइज्ड फ ोटोप्रति, फ ोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आधार नंबर व मोबाइल नंबर आदि।
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जनपद में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। खरीद से पहले किसानों को विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण भी कराना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार पंजीकरण में मोबाइल अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के समय मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। इसी नंबर पर ओटीपी आएगी। पांच मिनट के अंदर ओटीपी मोबाइलधारक को बतानी होगी। ओटीपी दर्ज करने के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजू कुलश्रेष्ठ रबी विपणन वर्ष 2020-21 में सरकारी गेहूं की बिक्री के लिए कृषकों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए किसान पंजीकरण के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं। बताया कि किसानों को अपना बैंक खाता सीबीएसयुक्त शाखा में खुलवाना पड़ेगा। जिसमें पीएफ एमएस के माध्यम से तुरंत खाते में भुगतान जा सके।
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यही नहीं संयुक्त बैंक खाते के स्थान पर किसानों को एकल बैंक खाते को ही पंजीकरण में दर्ज क राना होगा। जो किसान 2019-20 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं उन्हें गेहूं में पुन: रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। हालांकि पंजीकरण को संशोधित या बिना संशोधन के पुन: लॉक कराना जरूरी होगा। यह पंजीकरण कृषक स्वयं जनसूचना केंद्र अथवा साइबर कैफे के माध्यम से करा सकेंगे। वहीं, जो किसान 100 क्विंटल से अधिक के गेहूं की बिक्री करेगा तो खरीद से पहले उसका उपाजिलाधिकारी से ऑनलाइन सत्यापन कराया जाएगा।
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शासन ने इस बार खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले साल समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार 85 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 20 रुपये प्रति क्विंटल छनाई व उतराई आदि के अतिरिक्त मिलेंगे। गेहूं बेचने के समय किसान को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पैसा केंद्र प्रभारी को देना होगा। बाद में पैसा उसके खाते में भेजा जाएगा।
भूमि के विवरण (खतौनी) की कंप्यूटराइज्ड फ ोटोप्रति, फ ोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति, आधार नंबर व मोबाइल नंबर आदि।