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ईंट भट्ठा संचालकों ने धरना दिया
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कलक्ट्रेट के बगल में धरने के दौरान नारेबाजी करते ईंट निर्माता कल्याण समिति के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। ईंट निर्माता कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने लाल ईंटों पर बिना आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम के कर बढ़ाने के विरोध में कलक्ट्रेट स्थित झाड़ी शाह बाबा मजार के निकट धरना दिया। बाद में प्रधामंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शेष नारायण सिंह को दिया।
समिति के जिलाध्यक्ष रवि सहाय मिश्र ने कहा कि लाल ईंटों पर कर में बिना आईटीसी क्लेम किए एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया गया। आईटीसी क्लेम करने पर कर दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 से लागू होगा। भट्ठों की ईंटों पर दो प्रकार का अव्यवहारिक व अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव वापस लिए जाने की हमारी मांग है। ईंट भट्ठा ग्रामीण क्षेत्रों में सीजन का धंधा है। दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते व्यवसाय भी पूरी तरह से चौपट है। ऐसी स्थिति में कर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है।
उत्पादक के क्षेत्र में 40 लाख तक का सालाना टर्नओवर व्यवसाय जीएसटी में कर मुक्त है। ईंट निर्माताओं के लिए 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक कर मुक्त का प्रस्ताव किया जाना गलत है। ईंट निर्माताओं के लिए जीएसटी में वर्तमान में 1.50 करोड़ टर्नओवर तक कंपोजीशन सीमा है। इसमें एक प्रतिशत की कर दर है। ज्ञापन देने वालों में महामंत्री अश्वनी तिवारी, उपाध्यक्ष जफरुल हक, माया प्रकाश गुप्ता, सुशील शुक्ला, जितेंद्र, राधे यादव, अमित गुप्ता, ललित मिश्रा, वीरेंद्र मिश्रा, रमकांत गुप्ता, राहुल सिंह रहे।
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समिति के जिलाध्यक्ष रवि सहाय मिश्र ने कहा कि लाल ईंटों पर कर में बिना आईटीसी क्लेम किए एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया गया। आईटीसी क्लेम करने पर कर दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 से लागू होगा। भट्ठों की ईंटों पर दो प्रकार का अव्यवहारिक व अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव वापस लिए जाने की हमारी मांग है। ईंट भट्ठा ग्रामीण क्षेत्रों में सीजन का धंधा है। दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते व्यवसाय भी पूरी तरह से चौपट है। ऐसी स्थिति में कर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है।
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उत्पादक के क्षेत्र में 40 लाख तक का सालाना टर्नओवर व्यवसाय जीएसटी में कर मुक्त है। ईंट निर्माताओं के लिए 20 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक कर मुक्त का प्रस्ताव किया जाना गलत है। ईंट निर्माताओं के लिए जीएसटी में वर्तमान में 1.50 करोड़ टर्नओवर तक कंपोजीशन सीमा है। इसमें एक प्रतिशत की कर दर है। ज्ञापन देने वालों में महामंत्री अश्वनी तिवारी, उपाध्यक्ष जफरुल हक, माया प्रकाश गुप्ता, सुशील शुक्ला, जितेंद्र, राधे यादव, अमित गुप्ता, ललित मिश्रा, वीरेंद्र मिश्रा, रमकांत गुप्ता, राहुल सिंह रहे।
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