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सवा सौ कीटनाशक बिक्री लाइसेंस निरस्त होंगे
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उन्नाव। एक जनवरी 2022 से 125 कीटनाशक बिक्री लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए कीटनाशक नियमों के दायरे में यह लाइसेंसधारक आ रहे हैं। ऐसे में नये साल से यह कीटनाशक विक्रेता खरीद व बिक्री नहीं कर पाएंगे।
अभी तक कीटनाशक बिक्री में शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। इस कारण पूर्व में सामान्य शिक्षित व्यक्ति को भी कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस मिल जाता था। वर्तमान में जिले में 456 कीटनाशक विक्रेता हैं। यह विक्रेता किसानों को फसलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि दवाएं बेचते हैं। इन विक्रेताओं में सवा सौ लाइसेंसधारकों के पास न तो किसी प्रकार की डिग्री है और न ही डिप्लोमा। ऐसे दुकानदारों की नये साल से मुश्किलें बढ़ जाएंगी। केंद्र सरकार ने कीटनाशक बिक्री के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत कृषि विज्ञान, रसायन शास्त्र, प्राणी व वनस्पति विज्ञान से संबंधित स्नातक डिग्री या डिप्लोमा वाले ही कीटनाशक की बिक्री कर सकेंगे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने कहा कि अभियान चलाकर दुकानदारों की शैक्षिक योग्यता की जांच करके बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे।
कीटनाशक बिक्री में शैक्षणिक योग्यता भले ही नये साल से लागू की जा रही हो लेकिन खाद (उर्वरक) बिक्री में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। उर्वरक बिक्री में भी कृषि, रसायन के स्नातक डिग्री व डिप्लोमाधारकों को ही लाइसेंस दिया जा रहा है। अधिकांश खाद विक्रेताओं ने इन विषयों के स्नातक डिग्रीधारकों से लाइसेंस ले रखा है। इसके एवज में मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्टों की तरह ही साल का मानदेय देते हैं।
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अभी तक कीटनाशक बिक्री में शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। इस कारण पूर्व में सामान्य शिक्षित व्यक्ति को भी कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस मिल जाता था। वर्तमान में जिले में 456 कीटनाशक विक्रेता हैं। यह विक्रेता किसानों को फसलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि दवाएं बेचते हैं। इन विक्रेताओं में सवा सौ लाइसेंसधारकों के पास न तो किसी प्रकार की डिग्री है और न ही डिप्लोमा। ऐसे दुकानदारों की नये साल से मुश्किलें बढ़ जाएंगी। केंद्र सरकार ने कीटनाशक बिक्री के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत कृषि विज्ञान, रसायन शास्त्र, प्राणी व वनस्पति विज्ञान से संबंधित स्नातक डिग्री या डिप्लोमा वाले ही कीटनाशक की बिक्री कर सकेंगे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने कहा कि अभियान चलाकर दुकानदारों की शैक्षिक योग्यता की जांच करके बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे।
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कीटनाशक बिक्री में शैक्षणिक योग्यता भले ही नये साल से लागू की जा रही हो लेकिन खाद (उर्वरक) बिक्री में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। उर्वरक बिक्री में भी कृषि, रसायन के स्नातक डिग्री व डिप्लोमाधारकों को ही लाइसेंस दिया जा रहा है। अधिकांश खाद विक्रेताओं ने इन विषयों के स्नातक डिग्रीधारकों से लाइसेंस ले रखा है। इसके एवज में मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्टों की तरह ही साल का मानदेय देते हैं।
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