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Unnao News: टीईटी नहीं करने वाले शिक्षकों को हटाने के आदेश का विरोध

Wed, 03 Sep 2025 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 01:03 AM IST
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Opposition to the order to remove teachers who have not done TET
उन्नाव। शिक्षण सेवा में बने रहने या प्रोन्नत के लिए शीर्ष कोर्ट की ओर से टीईटी अनिवार्यता का आदेश आने से शिक्षकों में रोष है। शिक्षकों का कहना है कि जिस समय उनकी नौकरी लगी थी, उस समय यह अनिवार्यता नहीं थी। अब आधी से अधिक नौकरी करने के बाद यह आदेश शिक्षकों के हित में नहीं है।
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राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 29 जुलाई 2011 से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य की थी। उससे पहले तैनात शिक्षकों के लिए यह नियम लागू नहीं था। जिले में इस नियम के आने से पहले के करीब सात हजार शिक्षकों की तैनाती है, जो टीईटी पास नहीं हैं। अब शीर्ष न्यायालय ने इन शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य कर दी है और उसे पास करने के लिए दो साल का समय दिया है।
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पास न होने पर नौकरी छोड़नी होगी। इस आदेश के बाद से शिक्षकों में रोष है। उनका कहना है कि अब आधी से अधिक नौकरी पूरी हो गई है। ऐसे में अब टीईटी पास करने का आदेश उनके हित में नहीं है। इस आदेश के बाद से विरोध शुरू हो गया है।
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फोटो- संजीव शंखवार

बेसिक शिक्षा विभाग को बना दिया प्रयोगशालाकोर्ट को गुमराह करने का ही परिणाम है जो शिक्षा नीति और नियमावली को दरकिनार कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ऐसा निर्णय आया। कोई भी नियम पूर्व से कार्य कर रहे नियमित कर्मचारियों पर नहीं थोपा जाना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग को केवल प्रयोगशाला बना दिया गया है, जबकि इसमें देश का भविष्य पनपता है, न कि परमाणु बम और मिसाइलें। विचार किया जाना चाहिए। -संजीव संखवार, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन।


फोटो- प्रदीप कुमार वर्मा
जिन शिक्षण विधियों को अपनाकर पुराने शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सिविल सेवाओं और न्यायाधीशों के पद तक पहुंचाया, क्या वे सभी निष्प्रभावी हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय का फैसला विधिसम्मत हो सकता है किंतु उनकी परिस्थितियों को देखकर विचारणीय भी है। बड़ा फेरबदल संभव हो सकता है कोर्ट के आदेश को लेकर। सभी समायोजन अगर निरस्त हुए तो फिर से वर्तमान शिक्षासत्र, अध्ययन कार्य को लेकर प्रभावित होगा। -प्रदीप कुमार वर्मा, जिला महामंत्री प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन।
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