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उन्नाव में एक और कोरोना पॉजिटिव, तीन हुई संख्या
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पाटन (उन्नाव)। दो दिन पहले दिल्ली से लौटा श्रमिक कोरोना संक्रमित पाया गया है। जिला अस्पताल में आइसोलेट इस युवक की रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने रात में ही उसे लखनऊ के रामसागर अस्पताल में शिफ्ट करा दिया। शुक्रवार को एडीएम, एसडीएम, पुलिस व मेडिकल टीम के साथ बीघापुर तहसील के घीनाखेड़ा गांव पहुंचे। संक्रमित के घर से एक किमी चारो ओर क्षेत्र को रेड जोन घोषित करते हुए सील कर दिया गया है। मेडिकल टीम ने कोरोना संक्रमित पाए गए युवक के परिवार के 11 सदस्यों जिनमें पांच बच्चे भी हैं, सहित 17 लोगों को सरस्वती मेडिकल कालेज में आइसोलेट किया है। रेड जोन को सील करते हुए 8 हजार की आबादी को घर से बाहर न निकलने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे हैं। पूरी ग्राम पंचायत को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
बीघापुर तहसील के घीनाखेड़ा गांव निवासी 38 वर्षीय युवक अपने बड़े भाई के साथ दिल्ली में राधाकृष्ण फू ड कंपनी में काम करता था। वह नियमित रूप से दिल्ली की आजादपुर फलमंडी माल उतारने जाता था। लॉकडाउन के बाद काम बंद हो गया। युवक ने वहां से घर आने का फैसला किया। जबकि बड़े भाई ने लॉकडाउन का उल्लंघन न करने की बात कहते हुए साथ आने से इनकार कर दिया। 28 अप्रैल को युवक दिल्ली से पैदल घर के लिए निकला। बुखार आने पर उसने दवा खाई। रास्ते में सब्जी लादकर आ रहे एक ट्रक में बैठकर 29 अप्रैल को वह कानपुर पहुंचा। वहां से एक लोडर में बैठकर बिहार कस्बा के कोठरिया कुआं तक पहुंचा। यहां उसने अपने भतीजे को फोन कर बुलाया और उसके साथ बाइक में बैठकर अपने घर पहुंचा। उसे बुखार होने से घर वालों ने घर के भीतर आने से रोक दिया। परिजनों ने भतीजे के साथ ही उसे बाइक में बैठाकर पाटन कस्बा दवा लेने भेजा। पाटन में एक डॉक्टर ने युवक के लक्षण देखकर उसका इलाज करने से मना कर दिया और सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। कोरोना लक्षण की आशंका पर पीएचसी प्रभारी ने रात में ही उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजकर आइसोलेट करा दिया। गुरुवार 30 अप्रैल को देर रात उसकी सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हड़कंप मच गया।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने उसे रात में ही लखनऊ के रामसागर अस्पताल शिफ्ट करा दिया। शुक्रवार सुबह पुरवा सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार और बिहार थाना एसओ विकास पांडेय टीम के साथ गांव पहुंचे और एक किमी क्षेत्र को सील करने की कार्रवाई शुरू की। गांव के चारों रास्तों की बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित की मां, पत्नी, भाभी, 5 बच्चे सहित 11 लोगों व युवक और उसके भतीजे के संपर्क में रहे 6 अन्य लोगों को आइसोलेट किया है।
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घीनाखेड़ा में संक्रमित युवक का इलाज करने वाले सुमेरपुर पीएचसी के डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, रेफर के दौरान जिला अस्पताल लाने वाली एंबुलेंस के चालक, ईएमटी, ग्राम प्रधान व संपर्क में आने वाले तीन सफाई कर्मियों को सीएमओ ने आइसोलेट कराया है। अब आइसोलेट होने वालों की संख्या 25 हो गई है।
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बीघापुर तहसील के घीनाखेड़ा गांव निवासी 38 वर्षीय युवक अपने बड़े भाई के साथ दिल्ली में राधाकृष्ण फू ड कंपनी में काम करता था। वह नियमित रूप से दिल्ली की आजादपुर फलमंडी माल उतारने जाता था। लॉकडाउन के बाद काम बंद हो गया। युवक ने वहां से घर आने का फैसला किया। जबकि बड़े भाई ने लॉकडाउन का उल्लंघन न करने की बात कहते हुए साथ आने से इनकार कर दिया। 28 अप्रैल को युवक दिल्ली से पैदल घर के लिए निकला। बुखार आने पर उसने दवा खाई। रास्ते में सब्जी लादकर आ रहे एक ट्रक में बैठकर 29 अप्रैल को वह कानपुर पहुंचा। वहां से एक लोडर में बैठकर बिहार कस्बा के कोठरिया कुआं तक पहुंचा। यहां उसने अपने भतीजे को फोन कर बुलाया और उसके साथ बाइक में बैठकर अपने घर पहुंचा। उसे बुखार होने से घर वालों ने घर के भीतर आने से रोक दिया। परिजनों ने भतीजे के साथ ही उसे बाइक में बैठाकर पाटन कस्बा दवा लेने भेजा। पाटन में एक डॉक्टर ने युवक के लक्षण देखकर उसका इलाज करने से मना कर दिया और सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। कोरोना लक्षण की आशंका पर पीएचसी प्रभारी ने रात में ही उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजकर आइसोलेट करा दिया। गुरुवार 30 अप्रैल को देर रात उसकी सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हड़कंप मच गया।
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सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने उसे रात में ही लखनऊ के रामसागर अस्पताल शिफ्ट करा दिया। शुक्रवार सुबह पुरवा सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमोद कुमार और बिहार थाना एसओ विकास पांडेय टीम के साथ गांव पहुंचे और एक किमी क्षेत्र को सील करने की कार्रवाई शुरू की। गांव के चारों रास्तों की बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित की मां, पत्नी, भाभी, 5 बच्चे सहित 11 लोगों व युवक और उसके भतीजे के संपर्क में रहे 6 अन्य लोगों को आइसोलेट किया है।
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घीनाखेड़ा में संक्रमित युवक का इलाज करने वाले सुमेरपुर पीएचसी के डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, रेफर के दौरान जिला अस्पताल लाने वाली एंबुलेंस के चालक, ईएमटी, ग्राम प्रधान व संपर्क में आने वाले तीन सफाई कर्मियों को सीएमओ ने आइसोलेट कराया है। अब आइसोलेट होने वालों की संख्या 25 हो गई है।