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शिकायतों के निस्तारण में जिलास्तरीय अधिकारी बेपरवाह, जारी हुई नोटिस
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उन्नाव। आम जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में जिलास्तरीय अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। पूर्व में दी गई शिकायतों को डीपीआरओ, डीडीओ व उपायुक्त मनरेगा ने तवज्जो नहीं दी और जांच करने की जहमत नहीं उठाई। अब इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने तीनों जिलास्तरीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है।
सीडीओ ने 13 फरवरी को विकासखंड सुमेरपुर के गांव जंगल बुजुर्ग का स्थलीय निरीक्षण किया था। साथ ही जनचौपाल लगाकर शिकायतें भी सुनी थीं। इसके बाद 15 फरवरी को निरीक्षण आख्या डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद को भेजकर गांव में बनाए गए 163 शौचालयों की गुणवत्ता की जांच कराकर 20 फरवरी तक आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। 5 मार्च तक जिला पंचायतराज अधिकारी ने जांच रिपोर्ट नहीं दी। इसी प्रकार विभिन्न योजनाओं एवं राज्य व 14वें वित्त के साथ मनरेगा में कराए गए कार्यों की जांच मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा, सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई एके जैन व डीआरडीए के एई रामबीर सिंह भदौरिया को सौंपी थी। तीनों अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिससे आज तक गांव की जांच नहीं हो सकी। सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति ने सभी अधिकारियों को कड़ा पत्र जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि पहले तो अब तक जांच न करने का जवाब दें। साथ ही 13 मार्च तक शौचालयों व राज्य/14वें वित्त के साथ मनरेगा से जुड़े कामों की जांच कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख आकाश भारती ने पूर्व में शिकायतीपत्र दिया था कि 17 फरवरी को जब वह ब्लॉक पहुंचे थे तो बीडीओ ने उनके कक्ष में ताला लगवा दिया था। जब बात की तो बीडीओ ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। सीडीओ ने इस मामले की जांच डीडीओ रामउजागिर द्विवेदी को दी थी। निर्देश दिए थे कि मामले में प्रमुख, बीडीओ व अन्य लोगों से बातचीत करके गुणदोष के आधार पर 4 मार्च तक रिपोर्ट दें। पर डीडीओ ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस पर सीडीओ ने शुक्रवार को डीडीओ को नोटिस जारी करके अब तक जांच न करने पर रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मामले की जांच करके 11 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है।
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सीडीओ ने 13 फरवरी को विकासखंड सुमेरपुर के गांव जंगल बुजुर्ग का स्थलीय निरीक्षण किया था। साथ ही जनचौपाल लगाकर शिकायतें भी सुनी थीं। इसके बाद 15 फरवरी को निरीक्षण आख्या डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद को भेजकर गांव में बनाए गए 163 शौचालयों की गुणवत्ता की जांच कराकर 20 फरवरी तक आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। 5 मार्च तक जिला पंचायतराज अधिकारी ने जांच रिपोर्ट नहीं दी। इसी प्रकार विभिन्न योजनाओं एवं राज्य व 14वें वित्त के साथ मनरेगा में कराए गए कार्यों की जांच मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार झा, सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई एके जैन व डीआरडीए के एई रामबीर सिंह भदौरिया को सौंपी थी। तीनों अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिससे आज तक गांव की जांच नहीं हो सकी। सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति ने सभी अधिकारियों को कड़ा पत्र जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि पहले तो अब तक जांच न करने का जवाब दें। साथ ही 13 मार्च तक शौचालयों व राज्य/14वें वित्त के साथ मनरेगा से जुड़े कामों की जांच कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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क्षेत्र पंचायत प्रमुख आकाश भारती ने पूर्व में शिकायतीपत्र दिया था कि 17 फरवरी को जब वह ब्लॉक पहुंचे थे तो बीडीओ ने उनके कक्ष में ताला लगवा दिया था। जब बात की तो बीडीओ ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। सीडीओ ने इस मामले की जांच डीडीओ रामउजागिर द्विवेदी को दी थी। निर्देश दिए थे कि मामले में प्रमुख, बीडीओ व अन्य लोगों से बातचीत करके गुणदोष के आधार पर 4 मार्च तक रिपोर्ट दें। पर डीडीओ ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस पर सीडीओ ने शुक्रवार को डीडीओ को नोटिस जारी करके अब तक जांच न करने पर रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मामले की जांच करके 11 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है।
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