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रोडवेज की नौ बसें कंडम घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 29 Mar 2015 11:36 PM IST
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उन्नाव। रोडवेज की नौ बसों को कंडम घोषित कर दिया गया है। ये बसें निर्धारित समयसीमा और दूरी तय कर चुकी हैं। जांच पड़ताल में कंडम होने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया। इसके बाद मुख्यालय के अफसरों के निर्देश पर नई बसों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
मौजूदा समय में रोडवेज के बेड़े में 70 बसें हैं। ये बसें दिल्ली, लखनऊ, कानपुर समेत जिले के लोकल रुटों पर दौड़ती हैं। जांच के दौरान पता चला कि नौ बसें अपनी समयसीमा और निर्धारित दूरी तय कर चुकी हैं ऐसे में इन्हें रिटायर कर देना चाहिए।
शासन से प्रस्ताव पर हरी झंडी मिल जाएगी वैसे ही रोडवेज प्रशासन इन बसों को मुख्यालय भेज देगा। फिर मुख्यालय से इन बसों को नीलामी कराई जाएगी।
लगभग तीन माह पूर्व भी रोडवेज विभाग ने 10 बसों को कंडम घोषित कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था। विभागीय मानकाें के अनुसार, जब कोई बस निर्धारित दूरी तय कर लेती है तो उसे कंडम मान लिया जाता है। पुरानी 10 बसों को मुख्यालय भेज दिया गया है। रोडवेज एआरएम आरवी विश्वकर्मा ने बताया कि डिपो की नौ बसों को कंडम घोषित कर दिया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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कैसे घोषित होती हैं कंडम
विभागीय मानकों के अनुसार जब कोई बस आठ साल या 10 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है तो विभाग द्वारा उस बस को कंडम घोषित कर दिया जाता है। फिर विभाग उसकी नीलामी कर देता है और डिपो को उसकी जगह दूसरी बस मिल जाती है।
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मौजूदा समय में रोडवेज के बेड़े में 70 बसें हैं। ये बसें दिल्ली, लखनऊ, कानपुर समेत जिले के लोकल रुटों पर दौड़ती हैं। जांच के दौरान पता चला कि नौ बसें अपनी समयसीमा और निर्धारित दूरी तय कर चुकी हैं ऐसे में इन्हें रिटायर कर देना चाहिए।
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शासन से प्रस्ताव पर हरी झंडी मिल जाएगी वैसे ही रोडवेज प्रशासन इन बसों को मुख्यालय भेज देगा। फिर मुख्यालय से इन बसों को नीलामी कराई जाएगी।
लगभग तीन माह पूर्व भी रोडवेज विभाग ने 10 बसों को कंडम घोषित कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था। विभागीय मानकाें के अनुसार, जब कोई बस निर्धारित दूरी तय कर लेती है तो उसे कंडम मान लिया जाता है। पुरानी 10 बसों को मुख्यालय भेज दिया गया है। रोडवेज एआरएम आरवी विश्वकर्मा ने बताया कि डिपो की नौ बसों को कंडम घोषित कर दिया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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कैसे घोषित होती हैं कंडम
विभागीय मानकों के अनुसार जब कोई बस आठ साल या 10 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है तो विभाग द्वारा उस बस को कंडम घोषित कर दिया जाता है। फिर विभाग उसकी नीलामी कर देता है और डिपो को उसकी जगह दूसरी बस मिल जाती है।