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माह ए रमजान आज से शुरू

Tue, 07 Jun 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Tue, 07 Jun 2016 12:26 AM IST
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muslim festival begans from today
नमाज अता करते मुसि्लम समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मुस्लिमों का पाक माह-ए-रमजान आज से शुरू हो गया। सोमवार शाम चांद दिखते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को माह-ए-रमजान की मुबारकबाद दी। इसके बाद रात से तरावीह की नमाजों का दौर शुरू हो गया। वहीं रोजेदारों ने सहरी व इफ्तार के लिए सूतफेनी, खजूर व अन्य खाद्य वस्तुओं की खरीदारी की।

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सोमवार को शहर के धवनरोड स्थित बाजार में खरीदारी के लिए खासी भीड़ देखी गई। शाम सात बजे के बाद चांद दिखा तो मुस्लिमों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके साथ ही माहे रमजान की शुरुआत हो गई। लोगों ने रात नौ बजे नजदीक की मस्जिदों में जाकर तरावीह की नमाज अदा की। इसके बाद मंगलवार तड़के सहरी की। इसके साथ ही रोजा रखने का सिलसिला शुरू हो गया। अगले 30 दिन तक मुस्लिम समुदाय के लोग इस फर्ज अराकान को रोजा रखकर अदा करेंगे। इस बार अल्लाहतआला रोजेदारों के सब्र का इम्तहान लेगा क्योंकि जानकार बताते हैं कि रोजा 15 घंटे से अधिक का होगा। इस समय गर्मी अपने चरम पर चल रही है। तेज धूप बेहाल कर रही है। ऐसे में रोजेदारों को 15 घंटे तक भूखे प्यासे रहकर अल्लाह तआला की कसौटी पर खरा उतरना होगा। शहर काजी मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने बताया कि हर आकिल और बालिग पर रोजा फर्ज है। इसे जरूर अदा करना चाहिए। अल्लाह रोजेदारों से बहुत खुश होता है। इसकी जजा खुदा खुद देता है।
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चांद देखकर ही शुरू और खत्म होती है तरावीह
उन्नाव। तरावीह की नमाज रमजान का चांद देखने से शुरू होती है और ईद का चांद देखने के साथ ही खत्म होती है। यह बात मदीना मस्जिद के इमाम कारी तौसीफ रजा ने बताई। तरावीह में कम से कम एक कलामे पाक मुकम्मल किया जाता है। तरावीह चांद के आधार पर उन्तीस या तीस दिन की होती है। बताया कि रमजान पाक के महीने में पहले खलीफा हजरत अबू बक्र सिद्दीक रजि. में इशा (रात की) की नमाज के बाद तरावीह की बीस रकअत नमाज अदा करने की परंपरा शुरू की थी। इन बीस रकअत नमाजों में पूरे माह में कलामे पाक के तीस पारों की तिलावत की जाती है। उन्होंने बताया कि अक्सर मस्जिदों में लोगों की सहूलियत को देखते हुए छह से दस दिन में कलामे पाक का एक दौर मुकम्मल कर दिया जाता है। कलामे पाक का एक दौर मुकम्मल (पूर्ण) होने का मतलब यह नहीं है कि तरावीह खत्म हो गई। ईद का चंाद देखकर ही तरावीह की यह बीस रकअत नमाजें बंद की जाएंगी इसके पहले नहीं। कलामे पाक का दौर मुकम्मल होने के बाद चांद दिखने तक सूरे तरावीह पढ़ी जा सकती है। रोजेदार चाहे तो मस्जिद या फिर अपने घर पर भी नमाज अदा कर सकता है। मस्जिद में जमात के साथ नमाज अदा करने पर अल्लाह तआला ने सत्तर नमाजों का सवाब रखा है अकेले अदा करने पर बंदा इस सवाब से महरूम रह जाएगा। उन्होंने सभी नमाजियों से अपील की है कि छह, दस या पंद्रह दिन में कलामे पाक का दौर मुकम्मल हो जाने के बाद तरावीह की नमाजें पढ़ना न छोड़ें।
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शाम छह बजे से कटौती मुक्त रखने को भेजा पत्र
रमजान में बिजली किल्लत न हो इसके लिए एक्सईएन प्रथम ने लखनऊ मुख्यालय को पत्र भेजकर शाम 6 बजे से निर्बाध बिजली आपूर्ति करने की मांग की है। अधिशाषी अभियंता जेपी कौशल ने बताया कि मंगलवार से रोजे शुरू हो रहे हैं। इसको देखते हुए शाम को छह बजे से बिजली कटौती न करने के लिए पत्र भेजा गया है। मांग की गई है कि शाम को इफ्तार और तरावीह की नमाज को देखते हुए बिजली कटौती न की जाए। बताया कि मौजूदा समय में केवल 4 घंटे की कटौती की जा रही है। लोकल फाल्टों की मरम्मत के लिए विशेष गैंग तैनात किए गए हैं। एक फोन काल पर लोकल फाल्ट अटेंड किए जाएंगे।

 

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