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Unnao News: जमीन चिह्नित होने के बाद भी मुंसिफ न्यायालय भवन का निर्माण नहीं
Sun, 03 Aug 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:10 AM IST
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सफीपुर (उन्नाव)। मुंसिफ न्यायालय भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित लगभग ढाई बीघा भूमि चिह्नित होने के बाद भी निर्माण नहीं हुआ। इसका संचालन बार भवन में होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ता संघ की मांग पर स्वीकृत मुंसिफ न्यायालय के निर्माण के लिए मियागंज मार्ग किनारे गांव सलींद की करीब ढाई बीघा भूमि चिह्नित हुई थी।जिला जज के निर्देश पर जुलाई 2020 में न्यायालय का संचालन किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बार एसोसिएशन ने सहयोग करते हुए अपना भवन देकर न्यायालय का संचालन शुरू कराया।
इसके पास ही बने राजस्व बंदीगृह को न्यायालय में आने वाले बंदियों को सुरक्षित रखने का स्थल बनाया गया। इसी बीच न्यायालय में फौजदारी के मुकदमे देखे जाने के सिलसिले में बड़े कैदियों को लेकर आने वाले वाहनों से दिक्कतें शुरू हुईं। वहीं अपने कार्यों को लेकर तहसील कार्यालय आने वाले लोगों के अलावा मुंसिफ न्यायालय के वादकारियों की भी भीड़ की वजह से परेशानी होती है।
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अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री हरिशंकर कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय भवन निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है। भवन निर्माण से लोगों को परेशानियों से निजात मिलने की उम्मीद है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि भूमि आवंटन की फाइल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। अब भवन निर्माण उच्चाधिकारियों के निर्देशन में ही कराया जाना है।
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अधिवक्ता संघ की मांग पर स्वीकृत मुंसिफ न्यायालय के निर्माण के लिए मियागंज मार्ग किनारे गांव सलींद की करीब ढाई बीघा भूमि चिह्नित हुई थी।जिला जज के निर्देश पर जुलाई 2020 में न्यायालय का संचालन किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बार एसोसिएशन ने सहयोग करते हुए अपना भवन देकर न्यायालय का संचालन शुरू कराया।
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इसके पास ही बने राजस्व बंदीगृह को न्यायालय में आने वाले बंदियों को सुरक्षित रखने का स्थल बनाया गया। इसी बीच न्यायालय में फौजदारी के मुकदमे देखे जाने के सिलसिले में बड़े कैदियों को लेकर आने वाले वाहनों से दिक्कतें शुरू हुईं। वहीं अपने कार्यों को लेकर तहसील कार्यालय आने वाले लोगों के अलावा मुंसिफ न्यायालय के वादकारियों की भी भीड़ की वजह से परेशानी होती है।
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अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री हरिशंकर कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय भवन निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है। भवन निर्माण से लोगों को परेशानियों से निजात मिलने की उम्मीद है। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि भूमि आवंटन की फाइल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। अब भवन निर्माण उच्चाधिकारियों के निर्देशन में ही कराया जाना है।