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Unnao News: ढाई हजार से ज्यादा परिवार फंसे, 977 हेक्टेयर फसल जलमग्न

Sun, 17 Aug 2025 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Sun, 17 Aug 2025 11:59 PM IST
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More than 2500 families are stranded, 977 hectares of crops are submerged
 परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद - फोटो :  परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
फोटो-21, 22, 23, 24, 25, 26
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-पिछले 24 घंटे में 12 सेमी बढ़ा जलस्तर, रविवार शाम 113.080 मीटर पर पहुंचा
-कटरी क्षेत्र के गांवों में हालात हुए भयावह, रास्ते डूबे, घरों के अंदर घुसा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा का जलस्तर रविवार शाम खतरे के निशान 113 मीटर से आठ सेंटीमीटर ऊपर 113.080 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ से 30 गांव के करीब 2642 परिवार प्रभावित हैं। अब तक किसानों की 977 हेक्टेयर फसल भी जलमग्न हो गई है। एडीएम सुशील कुमार गोंड ने बताया कि बचाव कार्य के लिए 67 नाव लगाई गई हैं। रविवार को 1240 परिवारों को राहत सामग्री दी गई है। गंगाघाट (शुक्लागंज के आठ मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग पलायन के लिए मजबूर हैं।
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चारों ओर बाढ़ के पानी से घिरे कटरी के 11 गांव
परियर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया है। माना बंगला, देवीपुरवा, बाबू बंगला, चंडी बंगला, ललतूपुरवा, बंदनपुरवा, मक्कापुरवा, महानंदपुरवा, पनपथा, कोलवा व बसधना गांवों के किनारे चारों तरफ बाढ़ का पानी पहुंच गया है। माना बंगला, बसधना व मरौंदा से पनपथा जाने वाले मुख्य रास्ते में पानी भर जाने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। लोग सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं। शमशान घाट व बाबू बंगला को जाने रास्ता जलमग्न हो गया है। इससे अंतिम संस्कार को आए लोगों काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
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सदर विधायक पंकज गुप्ता ने रविवार शाम परियर बाढ़ राहत चौकी पहुंच प्रभावित गांव देवी पुरवा व ललतू पुरवा के 307 परिवारों को राहत किट का वितरण किया।
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शिवराजपुर मार्ग पर खुले आसमान के नीचे ग्रामीणों ने जमाया डेरा
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी लालाखेड़ा व दूलीखेड़ा ग्रामसभा के धरमपुर मंझा में बाढ़ के चलते लोग सड़क के किनारे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। जयराजमऊ के पसनियाखेड़ा, सीतारामखेड़ा तथा गढ़ेवा गांव के किनारे पानी लग गया है। धर्मपुर प्राथमिक विद्यालय के मैदान में पानी भर जाने से शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद हो गया है। मंझा के लोगों का धर्मपुर पहुंचने के लिए रोड कट जाने से आवागमन बंद हो गया हैं। गांव के किनारे तक पानी भर जाने से जानवरों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है। मंझा में रहने वाले लोगों ने शिवराजपुर मार्ग पर अपना डेरा जमा लिया है। बाढ़ राहत केंद्र केवल नाम के बने हुए हैं अभी तक स्थानीय लोगों को राशन तक भी नहीं उपलब्ध हो सका है। स्थानीय निवासी सरवन यादव, सुनील कुमार, प्रदीप कुमार व मुन्नालाल ने बताया कि तहसील प्रशासन केवल कागजों पर बाढ़ राहत केंद्र चला रहा है। राहत के नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया।जयराजमऊ के मजरे सीतारामखेड़ा व पसनियाखेड़ा में नाव के सहारे ही लोग आवागमन कर रहे हैं। गढ़ेवा गांव में पुल तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग के खड़ंजे के ऊपर पानी पहुंच गया है। गांव के किनारे पानी पहुंचने लगा है। गोशाला में पानी भर गया है। सदर तहसील क्षेत्र के बैदरा गांव के पास मैकू तेली मार्ग के बराबर पानी पहुंच गया है। यहां पर किसी भी समय रोड कटान का अंदेशा बढ़ गया है। एसडीएम रणवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ केंद्र में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी तरह से बाढ़ से आम जनजीवन प्रभावित न हो।
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अलग अलग रास्तों में पानी भर जाने से आवागमन ठप
सफीपुर। गंगा का उफनाया पानी कल्याणी में पहुंच जाने से स्थितियां विकराल हो गई हैं। जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी पुल डूब जाने के बाद परियर मार्ग पहुंचने वाले राहगीर नाव से आवागमन कर रहे हैं। रामपुर, शेरपुर, उडंकपुरवा, मुरादपुर के अलग-अलग मार्ग डूब जाने से रास्ता बंद हो गया। लोग सनहा-गहोली मार्ग से दस किमी का चक्कर लगाकर क़स्बे व परियर जा रहे हैं। सकहन राजपूतान, नीबीगड़ा, हमजापुर, करीमाबाद, रामपुर, अल्लीपुर, इब्राहीमाबाद, मुरादपुर क्षेत्र की लगभग एक हजार बीघा कद्दू, लौकी धान की फसल डूब जाने से किसानों की कमर टूट गई है। हमजापुर प्राथमिक पाठशाला परिसर में पानी भर गया है। जमालनगर एहतमाली के शेरपुर में बने पंचायत भवन के डूब जाने से तालाबंदी हो गई। रूपपुर चंदेला स्कूल के पास मार्ग पर भी पानी भर गया है। शनिवार देर शाम डीएम गौरांग राठी ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा से नाव की व्यवस्था के अलावा राहत सामग्री वितरण व स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उधर, रविवार को विधायक बंबालाल दिवाकर व एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने कंपोजिट विद्यालय जमालनगर गैर एहतमाली में बाढ़ प्रभावित गांव रामपुर के लोगों को राहत किट वितरित की।
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तीन अन्य गांवों में पहुंचा पानी, चलने लगी नावें
फतेहपुर चौरासी। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से गांव भुलभुलियाखेड़ा, तोरना व मन्नानगर में भी अंदर पानी पहुंच गया है। गांव शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व चिरंजूपुरवा पहले ही बाढ़ की चपेट में हैं। गांव मन्नानगर के पूर्व प्रधान विनोद ने बताया कि पानी आ गया है। यदि पानी और बढ़ा तो गांव से निकले जगतनगर सहजनी मार्ग पिछले साल की तरह पुलिया के पास कट जाएगा। गड़ाई के प्रधान लक्ष्मीनारायण ने बताया कि हिंदूपुर के भीखम के घर में पानी आ गया है। बाढ़ का पानी मार्गों पर आने से ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। वहीं कालीमिट्टी शिवराजपुर ( कानपुर) के मार्ग पर कालीमिट्टी चौराहे पर लोकनिर्माण विभाग ने ‘बाढ़ के कारण इस मार्ग पर आवागमन बंद है’ का चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। उधर, बांगरमऊ की ग्राम पंचायत फरीदपुर कट्टर के मजरा कुशालपुरवा में विधायक श्रीकांत कटियार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की।

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स्कूलों में पहुंचा पानी, दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट करने की तैयारी
गंजमुरादाबाद। पिछले एक सप्ताह से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कटरी इलाके के रतईपुरवा, मुन्नीपुरवा, गढ़ेवा, कुंशी, गुल्हरिया, मितानपुरवा, सहिबापुर, रन्नापुरवा, भिखारीपुरवा, भगवंतपुरवा, बगिया, बदलीपुरवा, भटपुरवा, भिखारीपुर पतसिया आदि में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इनमें रतईपुरवा, मितानपुरवा, कुंशी और सहिबापुर के परिषदीय स्कूलों में पानी पहुंच गया है। इससे परिषदीय विद्यालय भवनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ की चपेट में आकर सैकड़ों बीघा भूमि में बोई गईं फसलें जलमग्न होकर सड़ने लगी हैं। बीईओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिन विद्यालयों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, उन स्कूलों के बच्चों को पड़ोस के गांव के विद्यालयों में शिफ्ट किया जाएगा।
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बाढ़ से प्रभावित गांव
सदर नगरीय-08 मोहल्ले
बांगरमऊ-20 गांव
बीघापुर -04 गांव
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प्रभावित परिवार
सदर-1430
बांगरमऊ-1110
बीघापुर-102
कुल-2642 परिवार
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प्रभावित फसल
तहसील सफीपुर-300 हेक्टेयर
तहसील बांगरमऊ-677 हेक्टेयर


प्रभावित पशुओं की संख्या-198
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