फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Mohan assembly: Once again, new history

मोहान विधानसभा: एक बार फिर बनते रह गया नया इतिहास

Sat, 11 Mar 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Sat, 11 Mar 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
Mohan assembly: Once again, new history
हार के बाद यह कहकर लौटते मोहान से सिटिंग विधायक व बसपा प्रत्याशी राधेलाल। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
मोहान विधानसभा में एक बार फिर से नया इतिहास बनते रह गया। यहां पर बसपा प्रत्याशी राधेलाल के जीत की हैट्रिक लगाने का सपना वोटरों ने पूरा नहीं होने दिया। भाजपा प्रत्याशी बृजेश रावत के 54 हजार वोटों से ज्यादा की अप्रत्याशित जीत ने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया। बृजेश रावत जिले की सभी विधानसभाओं में सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले विधायक बने। वहीं पुराने गणित के आधार पर जीत का मंसूबा पालने वाले सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी को भी हार का सामना करना पड़ा।

मालूम हो कि वर्ष 1989 के विधानसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मस्तराम ने कांग्रेस के बद्री प्रसाद से सीट छीनकर पहली बार भाजपा का खाता खोला था। उसके बाद वर्ष 1991 के चुनाव में भाजपा की लहर के चलते बाबू मस्तराम एक बार फि र इसी सीट से विधायक चुने गए थे। सन 1992 में अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद के ढहाने के चक्कर में सरकार बर्खास्त कर दी गई थी। इसी कारण वर्ष 1993 में दोबारा विधानसभा चुनाव हुए। इस बार भी भाजपा ने मस्तराम पर भरोसा जताया और वह हैट्रिक की कगार पर थे, लेकिन सपा और बसपा के गठबंधन ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उस समय गठबंधन के प्रत्याशी रहे रामखेलावन ने जीत दर्ज कर उन्हें हैट्रिक लगाने का मौका नहीं दिया था।
विज्ञापन


हालांकि सन 1996 और 2002 के चुनावों में बाबू मस्तराम ने पलटी मारी और दोनों चुनावों में जीत दर्ज की। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मस्तराम मैदान में थे और उनके इस बार हैट्रिक लगाने की चर्चाएं तेजी के साथ चल रही थी, लेकिन फिर बसपा उम्मीदवार राधेलाल ने चर्चाओं पर विराम लगाते हुए जीत दर्ज की। मस्तराम को दो बार जीत की हैट्रिक बनाने का मौका मिला, लेकिन भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया। वर्ष 2007 में विजय दर्ज करने वाले बसपा उम्मीदवार राधेलाल ने सन 2012 के भी विधानसभा चुनाव में विजय पताका लहराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस चुनाव में बसपा उम्मीदवार राधेलाल एक बार फि र हैट्रिक बनाने की कगार पर खडे़ थे लेकिन शनिवार को आए परिणामों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। वहीं 1993 और 2007 का कारनामा नहीं दोहराया जा सका। यहां से भाजपा उम्मीदवार रहे बृजेश रावत ने सभी कयासों को फेल कर दिया और लगभग 54095 हजार वोटों से धमाकेदार जीत दर्ज की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed