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यू ट्यूब चैनल के जरिए उर्स का होगा प्रसारण
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सफीपुर। मखदूम शाह सफी के सालाना उर्स में हजारों की तादाद में आने वाले मुरीद इस सालाना उर्स में कोविड-19 को लेकर मजार पर न आएं। बल्कि यात्रा पर खर्च होने वाली राशि गरीबों में वितरित कर दें। यही पीर के प्रति उनका नजराना होगा।
कस्बे के मोहल्ला पीरजादगान स्थित मखदूमशाह सफी मजार के सज्जादानशीं नवाजिश मोहम्मद फारूकी समदी मियां व अफजाल मोहम्मद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उर्स के सारे कदीमी कार्यक्रम कम से कम लोगों की मौजूदगी में आयोजित किए जाएंगे। इन्हें यू ट्यूब चैनल पर देखा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि देश में कोरोना का कहर है। उसके चलते इस वर्ष 1 नवंबर से होने वाले उर्स में लोगों की भीड़ न हो और वह घर बैठे कार्यक्रम को देख सकें इसके लिए बज्मे सफिया नामक यू ट्यूब चैनल बनाया गया है। उनकी जियारत ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इस व्यवस्था के लिए आईटी से संबंधित दो जानकार लोगों का चयन किया जा चुका है। मोहम्मद फारुकी ने कहा कि मजार पर आने वाले मुरीदों को मजार की तरफ से संदेश है कि वह अपने शहर से मजार तक आने वाले खर्च को गरीबों में वितरित कर दें।
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कस्बे के मोहल्ला पीरजादगान स्थित मखदूमशाह सफी मजार के सज्जादानशीं नवाजिश मोहम्मद फारूकी समदी मियां व अफजाल मोहम्मद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उर्स के सारे कदीमी कार्यक्रम कम से कम लोगों की मौजूदगी में आयोजित किए जाएंगे। इन्हें यू ट्यूब चैनल पर देखा जा सकेगा।
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उन्होंने बताया कि देश में कोरोना का कहर है। उसके चलते इस वर्ष 1 नवंबर से होने वाले उर्स में लोगों की भीड़ न हो और वह घर बैठे कार्यक्रम को देख सकें इसके लिए बज्मे सफिया नामक यू ट्यूब चैनल बनाया गया है। उनकी जियारत ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इस व्यवस्था के लिए आईटी से संबंधित दो जानकार लोगों का चयन किया जा चुका है। मोहम्मद फारुकी ने कहा कि मजार पर आने वाले मुरीदों को मजार की तरफ से संदेश है कि वह अपने शहर से मजार तक आने वाले खर्च को गरीबों में वितरित कर दें।
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