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गेंदा फूल ने बदली किसानों की किस्मत

Wed, 01 Mar 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Wed, 01 Mar 2017 12:22 AM IST
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Marigold flowers changed the fate of farmers
गेंदे की फसल को दिखाते किसान मनोज - फोटो : अमर उजाला

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तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की गेंदा फूल की खेती ने किस्मत बदल दी है। इन किसानों ने परंपरागत खेती से हटकर औद्यानिक खेती करने का फैसला किया है। जो काफी फायदेमंद साबित हो रही है। कम लागत में तैयार होने वाली गेंदे की फसल से किसान काफी कमाई कर रहे हैं।

हसनगंज के अगाखेड़ा, जमलापुर, नवई, सिंदुरिया, पिपरोसा समेत कई गांवों में गेंदे की खेती हो रही है। यहां के किसान गेंदा की विभिन्न प्रजातियों हजारा, जाफ री, कलकतिया और पावर आदि की खेती करते हैं। एक फसल के खत्म होते ही दूसरे की पौध तैयार कर ली जाती है। इस खेती में जहां लागत काफ ी कम लगती है, वहीं आमदनी काफ ी अधिक होती है। गेंदा की फसल तैयार करने में ढाई से तीन माह का ही समय लगता है।
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जानकारों की मानें तो किसान को एक बीघे में गेंदे की फसल तैयार करने में 10 से 12 हजार रुपये की लागत आती है। इसमें सिंचाई की भी अधिक जरूरत नहीं होती। मात्र दो से तीन सिंचाई करने से ही फसल लहलहाने लगती है। पैदावार की बात करें तो ढाई से तीन क्विंटल तक प्रति बीघा गेंदा पैदा होता है। गेंदा का फूल बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक जाता है। त्योहारों और वैवाहिक कार्यक्रमों में इसकी मांग बढ़ जाती है तो दाम 100 रुपये प्रति किलो तक बिकता हैं।
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गेंदा की खेती करने वाले आगाखेड़ा के किसान रामचंद्र, कल्लू, जमलापुर के मेढ़ीलाल, विनोद, पुत्ती, नवई के मनोज, संतू व प्रसादी आदि ने बताया कि गेंदा की खेती में लागत कम है। त्योहारों में अच्छे दाम मिल जाते हैं, प्रति बीघे 60 से 70 हजार रुपये की कमाई हो जाती है।

गेंदे का तेल भी बिकता है महंगा
गेंदे की खेती करने के दो फायदे हैं। एक ओर गेंदे का फूल तो बिकता ही है साथ ही गेंदे के पेड़ से निकलने वाला तेल भी महंगे दामों पर बाजार में बिक जाता है। अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा की मानें तो किसान पहले तो गेंदे का फूल बेचता है। बाद में गेंदे के पेड़ की पेराई कराकर उसका तेल निकालते हैं और बाजार में 3000 से 4000 रुपये प्रति लीटर की दर से बेच देते हैं।



ऐसे करें गेंदे की खेती
गेंदे की फसल बोने की सोच रहे किसानों को पहले खेत तैयार करना चाहिए। इसके लिए उन्हें एक हेक्टेअर के हिसाब से 250 से 300 क्विंटल सड़ी गोबर की खाद डालनी चाहिए। इसके साथ ही अच्छी फसल के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खेत में नाईट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की उपलब्धता रखनी चाहिए। इसके लिए वह खाद का प्रयोग कर सकते हैं। खेत की तैयारी करते समय अच्छी तरह से जुताई करानी चाहिए। अपर उद्यान अधिकारी के मुताबिक, गेंदे की फसल लगभग 75 दिन में तैयार होने की स्थिति में पहुंच जाती है।
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