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मनरेगा मजदूरों का 3 करोड़ रुपये का भुगतान फंसा
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:48 PM IST
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उन्नाव। लखनऊ हजरतगंज शाखा की इलाहाबाद बैंक के अधिकारियों की लापरवाही जिले के हजारों मनरेगा मजदूरों पर भारी पड़ रही है। काम करने के कई माह बाद भी दस हजार से अधिक जॉबकार्डधारकों के खातों में मजदूरी का पैसा नहीं पहुंच पाया है।
बैंक के अफसरों पर प्रशासनिक अफसरों के आदेश का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। इसका खामियाजा जिले के मनरेगा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
1 जनवरी 2014 से मनरेगा जॉब कार्डधारकों को मजदूरी भुगतान में चेक का झंझट खत्म कर दिया गया है। मौजूदा समय में इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (ईएफएमएस) के जरिए ग्राम समिति के खातों में पैसा न जाकर स्टेट लेवल बैंक से सीधे मजदूरों के खातों में पैसा पहुंचाने की व्यवस्था है।
जनपद की स्टेट लेवल बैंक लखनऊ हजरतगंज की इलाहाबाद बैंक है। इस बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भुगतान करने में लापरवाही और उदासीनता बरत रहे हैं। इसके चलते अब तक करीब 10 हजार से अधिक परिवारों के खातों में मजदूरी का पैसा नहीं पहुंचा है।
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इन मजदूरों का करीब तीन करोड़ रुपये मजदूरी का फंसा हुआ है। काम करने के कई माह बाद भी मजदूरी न मिलने से इन परिवारों में फांकाकशी की नौबत आ गई है। मजदूर ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक के अफसरों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन मामले का हल नहीं निकल सका है।
यह स्थिति तब है जब संबंधित ब्लाकों से फंड ट्रांसफर आर्डर (एफटीओ) काफी पहले हो चुका है। एफटीओ होने के बाद भी पैसा खाते में नहीं पहुंचने से मनरेगा मजदूर परेशान हैं।
दो माह का समय बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल पाई है, जबकि मनरेगा गाइड लाइन के अनुसार, काम करने के 15 दिन के अंदर मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन बैंक की ओर से इस गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। डीएम के कई पत्रों के बाद भी बैंक की ओर से खातों में पैसा नहीं भेजा गया है।
कई ग्राम पंचायतों में ठप है काम
मजदूरी का भुगतान न होने पर कई ग्राम पंचायतों में जॉबकार्डधारकों ने काम करने से मना कर दिया है। ऐसे में एक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। मजदूरों का कहना है कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा तब तक वह लोग काम नहीं करेंगे।
उच्चाधिकारियों से किया गया है पत्राचार
खाते में पैसा न होने से 3 करोड़ का भुगतान फंसा है। डीएम को मामले की जानकारी दी गई है। जिलाधिकारीस्तर से बैंक के उच्चाधिकारियों को मामले से संबंधित पत्राचार किया गया है। बैंक अधिकारियों से मिलकर समस्या के हल का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मजदूरों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।
राजेश कुमार मिश्र, मनरेगा उपायुक्त श्रम/रोजगार उन्नाव।
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बैंक के अफसरों पर प्रशासनिक अफसरों के आदेश का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। इसका खामियाजा जिले के मनरेगा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है।
1 जनवरी 2014 से मनरेगा जॉब कार्डधारकों को मजदूरी भुगतान में चेक का झंझट खत्म कर दिया गया है। मौजूदा समय में इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (ईएफएमएस) के जरिए ग्राम समिति के खातों में पैसा न जाकर स्टेट लेवल बैंक से सीधे मजदूरों के खातों में पैसा पहुंचाने की व्यवस्था है।
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जनपद की स्टेट लेवल बैंक लखनऊ हजरतगंज की इलाहाबाद बैंक है। इस बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भुगतान करने में लापरवाही और उदासीनता बरत रहे हैं। इसके चलते अब तक करीब 10 हजार से अधिक परिवारों के खातों में मजदूरी का पैसा नहीं पहुंचा है।
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इन मजदूरों का करीब तीन करोड़ रुपये मजदूरी का फंसा हुआ है। काम करने के कई माह बाद भी मजदूरी न मिलने से इन परिवारों में फांकाकशी की नौबत आ गई है। मजदूर ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक के अफसरों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन मामले का हल नहीं निकल सका है।
यह स्थिति तब है जब संबंधित ब्लाकों से फंड ट्रांसफर आर्डर (एफटीओ) काफी पहले हो चुका है। एफटीओ होने के बाद भी पैसा खाते में नहीं पहुंचने से मनरेगा मजदूर परेशान हैं।
दो माह का समय बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल पाई है, जबकि मनरेगा गाइड लाइन के अनुसार, काम करने के 15 दिन के अंदर मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन बैंक की ओर से इस गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। डीएम के कई पत्रों के बाद भी बैंक की ओर से खातों में पैसा नहीं भेजा गया है।
कई ग्राम पंचायतों में ठप है काम
मजदूरी का भुगतान न होने पर कई ग्राम पंचायतों में जॉबकार्डधारकों ने काम करने से मना कर दिया है। ऐसे में एक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। मजदूरों का कहना है कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा तब तक वह लोग काम नहीं करेंगे।
उच्चाधिकारियों से किया गया है पत्राचार
खाते में पैसा न होने से 3 करोड़ का भुगतान फंसा है। डीएम को मामले की जानकारी दी गई है। जिलाधिकारीस्तर से बैंक के उच्चाधिकारियों को मामले से संबंधित पत्राचार किया गया है। बैंक अधिकारियों से मिलकर समस्या के हल का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मजदूरों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।
राजेश कुमार मिश्र, मनरेगा उपायुक्त श्रम/रोजगार उन्नाव।