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जीएसटी की जटिलताओं से प्रभावित हो रहा चर्म उद्योग
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बंथर स्थित केएलसी कांप्लेक्स में बैठक को संबोधित करते मुख्तारुल अमीन।
- फोटो : UNNAO
अचलगंज (उन्नाव)। उद्यमियों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए मंगलवार को भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की सचिव निधिमणि त्रिपाठी ने बंथर स्थित केएलसी कांपलेक्स में उद्यमियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्यमियों ने जीएसटी रिटर्न में आ रही खामियों को सचिव के सामने रखा। बताया कि तमाम कवायदों के बाद भी जीएसटी रिटर्न की व्यवस्था आसान नहीं हो पाई है। उद्यमियों को समय से रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। इससे चर्म उद्योग प्रभावित हो रहा है। सचिव ने सभी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उद्यमियों के अभी भी करोड़ों रुपयेफंसे हुए है। मंगलवार को जब सचिव उद्यमियों से मिलीं को उन्होंने शिकायतों का पिटारा खोल दिया। उद्यमी मो. नफ ीस ने कहा कि 18 प्रतिशत जीएसटी देने के बाद तैयार माल पर पांच प्रतिशत रिटर्न मिलता है। यह अंतर उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाता है। उद्यमी नवीन सिंह ने कहा कि कस्टम विभाग में सिस्टम में सब कुछ कंप्यूटराइज्ड होने की वजह से दिक्कतें आ रही है। अधिकांश उद्यमियों का कहना था कि यदि वह रिटर्न दाखिल करने में देरी करते हैं तो उन पर पेनाल्टी लगाई जाती है। हालांकि जब उन्हें समय से रिटर्न नहीं मिलता तब उन्हें कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।
लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि वह हर साल 5 हजार करोड़ से अधिक का एक्सपोर्ट करते हैं हालांकि जीएसटी की जटिलता मुश्किलें पैदा कर रही है। सचिव निधि मणि त्रिपाठी ने सभी की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। बैठक में लेदर एक्सपोर्ट के डायरेक्टर आर सेल्वम, पूर्व चैयरमैन मुख्तारुल अमीन, आरके जालान, कस्टम विभाग के डिप्टी कमिश्नर सीएन मिश्र, पल्लवी दुबे, यूपी कामर्शियल टैक्स विभाग के ज्वॉइंट कमिश्नर के एन मिश्र मौजूद रहे।
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जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उद्यमियों के अभी भी करोड़ों रुपयेफंसे हुए है। मंगलवार को जब सचिव उद्यमियों से मिलीं को उन्होंने शिकायतों का पिटारा खोल दिया। उद्यमी मो. नफ ीस ने कहा कि 18 प्रतिशत जीएसटी देने के बाद तैयार माल पर पांच प्रतिशत रिटर्न मिलता है। यह अंतर उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाता है। उद्यमी नवीन सिंह ने कहा कि कस्टम विभाग में सिस्टम में सब कुछ कंप्यूटराइज्ड होने की वजह से दिक्कतें आ रही है। अधिकांश उद्यमियों का कहना था कि यदि वह रिटर्न दाखिल करने में देरी करते हैं तो उन पर पेनाल्टी लगाई जाती है। हालांकि जब उन्हें समय से रिटर्न नहीं मिलता तब उन्हें कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।
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लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि वह हर साल 5 हजार करोड़ से अधिक का एक्सपोर्ट करते हैं हालांकि जीएसटी की जटिलता मुश्किलें पैदा कर रही है। सचिव निधि मणि त्रिपाठी ने सभी की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। बैठक में लेदर एक्सपोर्ट के डायरेक्टर आर सेल्वम, पूर्व चैयरमैन मुख्तारुल अमीन, आरके जालान, कस्टम विभाग के डिप्टी कमिश्नर सीएन मिश्र, पल्लवी दुबे, यूपी कामर्शियल टैक्स विभाग के ज्वॉइंट कमिश्नर के एन मिश्र मौजूद रहे।
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