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Unnao News: अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने की घोषणा से रूस व अफ्रीका की ओर रुख कर रहे चर्म निर्यातक
Wed, 13 Aug 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:19 AM IST
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फोटो-1-बंथर स्थित एक इकाई में चर्म उत्पाद तैयार करते श्रमिक। संवाद
उन्नाव। अमेरिका के राष्ट्रपति के टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद चर्म निर्यातकों में ऊहापोह की स्थिति है। निर्यातकों ने अब अमेरिका के स्थान पर विकल्प के रूप में दूसरे देशों से व्यापारिक संबंध बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इनमें रूस व अफ्रीका से बातचीत भी शुरू हो गई है। निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने से व्यापार पर असर होना स्वाभाविक है। इसे अन्य देशों से व्यापार के जरिए कम करने में मदद मिलेगी।
जिले के औद्योगिक क्षेत्र दही चौकी और बंथर में 52 टेनरियां और चमड़े से बने उत्पाद बनाने वाली बड़ी इकाइयां हैं। करीब 25 चर्म इकाइयों में घोड़े की काठी, जूते, बैग, जैकेट आदि वस्त्र व अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
अब अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा 27 अगस्त से टैरिफ शुल्क 50 फीसदी (25 फीसदी लागू, 25 प्रतिशत अतिरिक्त लगाने की) तक करने की घोषणा की गई है। इससे चर्म उत्पादकों में हलचल है। वर्तमान समय में उन्नाव व जाजमऊ की चर्म इकाइयों से हर साल औसतन दो हजार करोड़ के उत्पादों का निर्यात अमेरिका में होता है।
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उद्यमियों का कहना है कि यदि अमेरिका द्वारा 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाता है तो सौ रुपये कीमत का सामान 150 रुपये में हो जाएगा। इससे निर्यात व आयात करने वाले, दोनों ही तरह के उद्यमी प्रभावित होंगे। इसको देखते हुए निर्यातकों ने अमेरिका के इतर दूसरे देशों से संपर्क शुरू कर दिया है। इसमें अभी रूस व अफ्रीका से बातचीत शुरू की गई है।
इसके अलावा कई अन्य देशों से भी निर्यातक संपर्क में हैं। निर्यातकों का कहना है कि दूसरे देशों से बातचीत सकारात्मक रही है। इसका फायदा व्यापार में मिलने की उम्मीद है।
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फोटो-2
झटका तो लगेगा, लेकिन भरपाई भी जल्द हो जाएगी
चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशद इराकी ने कहा कि भारतीय उत्पादों के निर्यात पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगने से जनपद से जुड़े चर्म उत्पाद निर्यातकों को झटका तो लगेगा। हमारे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। ऐसे में जिन देशों पर टैरिफ कम लगा है। उनके उत्पाद सस्ते रहेंगे तो माल की मांग बढ़ेगी। जिसका सीधा असर भारतीय उत्पादकों पर आएगा, लेकिन जल्द ही इसकी भरपाई भी कर ली जाएगी।
हमारे लिए यह झटका कुछ दिनों के लिए ही होगा। हमारी रूस, अफ्रीका से बातचीत चल रही है। इसके अलावा कई देशों से भी अपना निर्यात बढ़ाएंगे। इसका सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। कहा कि निर्यातक प्रधानमंत्री व सरकार के हर फैसले में उनके साथ खड़े हैं। भविष्य में इससे हम और अधिक मजबूत होंगे।
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फोटो-3
ट्रंप ने लिया है एकतरफा फैसला, लेकिन हम संघर्ष करेंगे
नाज एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर व अध्यक्ष जावेद इकबाल ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाया गया टैरिफ चर्म निर्यात पर बड़ा प्रभाव डालेगा। यहां पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले एक लाख लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि कोरोना के समय में भी ऐसी ही स्थितियां आई थीं। फिर भी कोरोना के बाद हम बहुत तेजी से मजबूत हुए थे। अब ट्रंप ने एकतरफा फैसला लिया है, लेकिन हम संघर्ष करेंगे। घोषणा के बाद निर्यातकों ने अन्य देशों से व्यापारिक संबंध बढ़ाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भारत के हितों से हम लोग कोई समझौता नहीं करेंगे। हमारी सरकार बहुत सोच समझ कर निर्णय ले रही है और हम लोग मजबूती से सरकार के साथ खड़े हैं। फिलहाल किसी भी प्रकार के कड़े कदम उठाने के लिए 27 अगस्त तक का इंतजार किया जा रहा है।
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टैरिफ बढ़ाने के बाद तुरंत की जरूरतें पूरी करने के लिए अमेरिका को सोचना पड़ेगा
अध्यक्ष अशद इराकी का कहना है कि भले ही डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर दी है, लेकिन अभी अमेरिका को भी तुरंत की जरूरतें पूरी करने के लिए सोचना पड़ेगा। क्रिसमस के त्योहार के पहले सबसे अधिक मांग होती है और इतनी जल्दी अन्य देश से डील असंभव है। ऐसे में उनकी जनता में ट्रंप के खिलाफ नकारात्मक सोच बनेगी।
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जिले के औद्योगिक क्षेत्र दही चौकी और बंथर में 52 टेनरियां और चमड़े से बने उत्पाद बनाने वाली बड़ी इकाइयां हैं। करीब 25 चर्म इकाइयों में घोड़े की काठी, जूते, बैग, जैकेट आदि वस्त्र व अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
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अब अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा 27 अगस्त से टैरिफ शुल्क 50 फीसदी (25 फीसदी लागू, 25 प्रतिशत अतिरिक्त लगाने की) तक करने की घोषणा की गई है। इससे चर्म उत्पादकों में हलचल है। वर्तमान समय में उन्नाव व जाजमऊ की चर्म इकाइयों से हर साल औसतन दो हजार करोड़ के उत्पादों का निर्यात अमेरिका में होता है।
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उद्यमियों का कहना है कि यदि अमेरिका द्वारा 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाता है तो सौ रुपये कीमत का सामान 150 रुपये में हो जाएगा। इससे निर्यात व आयात करने वाले, दोनों ही तरह के उद्यमी प्रभावित होंगे। इसको देखते हुए निर्यातकों ने अमेरिका के इतर दूसरे देशों से संपर्क शुरू कर दिया है। इसमें अभी रूस व अफ्रीका से बातचीत शुरू की गई है।
इसके अलावा कई अन्य देशों से भी निर्यातक संपर्क में हैं। निर्यातकों का कहना है कि दूसरे देशों से बातचीत सकारात्मक रही है। इसका फायदा व्यापार में मिलने की उम्मीद है।
फोटो-2
झटका तो लगेगा, लेकिन भरपाई भी जल्द हो जाएगी
चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशद इराकी ने कहा कि भारतीय उत्पादों के निर्यात पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगने से जनपद से जुड़े चर्म उत्पाद निर्यातकों को झटका तो लगेगा। हमारे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। ऐसे में जिन देशों पर टैरिफ कम लगा है। उनके उत्पाद सस्ते रहेंगे तो माल की मांग बढ़ेगी। जिसका सीधा असर भारतीय उत्पादकों पर आएगा, लेकिन जल्द ही इसकी भरपाई भी कर ली जाएगी।
हमारे लिए यह झटका कुछ दिनों के लिए ही होगा। हमारी रूस, अफ्रीका से बातचीत चल रही है। इसके अलावा कई देशों से भी अपना निर्यात बढ़ाएंगे। इसका सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। कहा कि निर्यातक प्रधानमंत्री व सरकार के हर फैसले में उनके साथ खड़े हैं। भविष्य में इससे हम और अधिक मजबूत होंगे।
फोटो-3
ट्रंप ने लिया है एकतरफा फैसला, लेकिन हम संघर्ष करेंगे
नाज एक्सपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर व अध्यक्ष जावेद इकबाल ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाया गया टैरिफ चर्म निर्यात पर बड़ा प्रभाव डालेगा। यहां पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले एक लाख लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि कोरोना के समय में भी ऐसी ही स्थितियां आई थीं। फिर भी कोरोना के बाद हम बहुत तेजी से मजबूत हुए थे। अब ट्रंप ने एकतरफा फैसला लिया है, लेकिन हम संघर्ष करेंगे। घोषणा के बाद निर्यातकों ने अन्य देशों से व्यापारिक संबंध बढ़ाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भारत के हितों से हम लोग कोई समझौता नहीं करेंगे। हमारी सरकार बहुत सोच समझ कर निर्णय ले रही है और हम लोग मजबूती से सरकार के साथ खड़े हैं। फिलहाल किसी भी प्रकार के कड़े कदम उठाने के लिए 27 अगस्त तक का इंतजार किया जा रहा है।
टैरिफ बढ़ाने के बाद तुरंत की जरूरतें पूरी करने के लिए अमेरिका को सोचना पड़ेगा
अध्यक्ष अशद इराकी का कहना है कि भले ही डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर दी है, लेकिन अभी अमेरिका को भी तुरंत की जरूरतें पूरी करने के लिए सोचना पड़ेगा। क्रिसमस के त्योहार के पहले सबसे अधिक मांग होती है और इतनी जल्दी अन्य देश से डील असंभव है। ऐसे में उनकी जनता में ट्रंप के खिलाफ नकारात्मक सोच बनेगी।

फोटो-1-बंथर स्थित एक इकाई में चर्म उत्पाद तैयार करते श्रमिक। संवाद

फोटो-1-बंथर स्थित एक इकाई में चर्म उत्पाद तैयार करते श्रमिक। संवाद