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भूमि विवाद का हल नहीं, फिर सीमांकन होगा
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बक्सर कटरी क्षेत्र में भूमि विवाद निस्तारण के लिए नक्शा देखते खनिज विभाग के संयुक्त निदेशक जय प?
- फोटो : UNNAO
संवाद न्यूज एजेंसी
बारासगवर। गंगा कटरी इलाके की भूमि के विवाद का हल निकालने मंगलवार को खनिज विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश मंगलवार को बक्सर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद भी विवाद का हल नहीं हो सका। अब फिर सीमांकन कराने का फैसला लिया गया है।
उन्नाव व फतेहपुर के बीच तीन वर्ष पूर्व से बक्सर स्थित गंगा कटरी इलाके की भूमि पर सीमा विवाद शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में जिले के गोपाल पांडे व विनोद मिश्रा को बालू खनन का ठेका मिलने के बाद खनन शुरू होने पर विवाद की शुरुआत हुई थी। फतेहपुर के राजस्व टीम ने यह कह कर आपत्ति लगाई थी कि क्षेत्र उनके जनपद की सीमा के अंतर्गत आता है। दोनों जनपदों के सीमा विवाद पर शासन के निर्देश पर दो टीमें गठित की गई थी। टीम ने 4 अप्रैल 2018 को जीपीएस, ड्रोन और स्थलीय नाप कराई गई थी। बक्सर प्रधान मुन्ना सिंह ने बताया कि उस नाप में बक्सर की तरफ से मलयपुर बक्सर बार्डर 1640 मीटर कटरी बक्सर का एरिया माना गया था। इसकी रिपोर्ट शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजी गई थी।
आज तक इसका हल नहीं निकल सका है। मंगलवार को खनिज विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश बक्सर स्थित राजा रामराव बक्स सिंह पार्क पहुंचे। पार्क में दोनों जनपदों की ओर से तहसील बीघापुर से उपजिलाधिकारी दयाशंकर पाठक, तहसीलदार दिलीप कुमार, फतेहपुर की बिंदकी तहसील से तहसीलदार गनेश सिंह, कानूनगो सुनील तिवारी व जिला पंचायत सदस्य आशीष कुमार पिंटू सिंह मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक को दोनों जनपदों के अफसरों ने नक्शे और दस्तावेज दिखाए। दोनों जनपदों के नक्शे का मिलान करने के बाद सभी अधिकारियों ने सीमा स्थल गुनीर कटरी बक्सर का स्थलीय निरीक्षण भी किया। बाद में फिर सीमांकन की बात तय हुई।
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बारासगवर। गंगा कटरी इलाके की भूमि के विवाद का हल निकालने मंगलवार को खनिज विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश मंगलवार को बक्सर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद भी विवाद का हल नहीं हो सका। अब फिर सीमांकन कराने का फैसला लिया गया है।
उन्नाव व फतेहपुर के बीच तीन वर्ष पूर्व से बक्सर स्थित गंगा कटरी इलाके की भूमि पर सीमा विवाद शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में जिले के गोपाल पांडे व विनोद मिश्रा को बालू खनन का ठेका मिलने के बाद खनन शुरू होने पर विवाद की शुरुआत हुई थी। फतेहपुर के राजस्व टीम ने यह कह कर आपत्ति लगाई थी कि क्षेत्र उनके जनपद की सीमा के अंतर्गत आता है। दोनों जनपदों के सीमा विवाद पर शासन के निर्देश पर दो टीमें गठित की गई थी। टीम ने 4 अप्रैल 2018 को जीपीएस, ड्रोन और स्थलीय नाप कराई गई थी। बक्सर प्रधान मुन्ना सिंह ने बताया कि उस नाप में बक्सर की तरफ से मलयपुर बक्सर बार्डर 1640 मीटर कटरी बक्सर का एरिया माना गया था। इसकी रिपोर्ट शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजी गई थी।
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आज तक इसका हल नहीं निकल सका है। मंगलवार को खनिज विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश बक्सर स्थित राजा रामराव बक्स सिंह पार्क पहुंचे। पार्क में दोनों जनपदों की ओर से तहसील बीघापुर से उपजिलाधिकारी दयाशंकर पाठक, तहसीलदार दिलीप कुमार, फतेहपुर की बिंदकी तहसील से तहसीलदार गनेश सिंह, कानूनगो सुनील तिवारी व जिला पंचायत सदस्य आशीष कुमार पिंटू सिंह मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक को दोनों जनपदों के अफसरों ने नक्शे और दस्तावेज दिखाए। दोनों जनपदों के नक्शे का मिलान करने के बाद सभी अधिकारियों ने सीमा स्थल गुनीर कटरी बक्सर का स्थलीय निरीक्षण भी किया। बाद में फिर सीमांकन की बात तय हुई।
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